Quetta Terrorist Attack News: पाकिस्तान का अशांत प्रांत बलूचिस्तान एक बार फिर दहल उठा है। रविवार की सुबह प्रांतीय राजधानी क्वेटा में एक भीषण आत्मघाती हमला हुआ, जिसने पूरे इलाके में कोहराम मचा दिया। इस आत्मघाती हमले में कम से कम 24 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 82 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों में कई लोगों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जिसके कारण मरने वालों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स और स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, यह भीषण विस्फोट क्वेटा के चमन फाटक इलाके में एक रेलवे ट्रैक के बिल्कुल नजदीक हुआ। इस धमाके की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उस समय वहां से गुजर रही जाफर एक्सप्रेस ट्रेन इसकी सीधी चपेट में आ गई, जिससे ट्रेन के डिब्बे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई।

सुबह के वक्त हुआ आत्मघाती हमला और जाफर एक्सप्रेस पर असर
प्रत्यक्षदर्शियों और सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, यह घटना रविवार सुबह करीब आठ बजे की है जब क्वेटा छावनी (कैंट) से सैन्य कर्मियों और उनके परिवारों को लेकर एक शटल ट्रेन पेशावर की ओर जाने वाली जाफर एक्सप्रेस से जुड़ने के लिए आगे बढ़ रही थी। जैसे ही ट्रेन चमन फाटक के पास एक सिग्नल से गुजर रही थी, तभी विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी ने ट्रेन के एक डिब्बे को निशाना बनाते हुए खुद को उड़ा लिया। धमाका इतना जोरदार था कि उसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। विस्फोट के प्रभाव से ट्रेन का इंजन और तीन बोगियां पटरी से उतर गईं, जबकि दो बोगियां पूरी तरह पलट गईं। इस भीषण हमले में ट्रेन में सवार लोग मलबे और आग की लपटों के बीच फंस गए। धमाके के कारण न केवल ट्रेन को भारी नुकसान पहुंचा, बल्कि रेलवे ट्रैक के आसपास खड़े लगभग दस वाहन भी पूरी तरह तबाह हो गए और नजदीकी घरों तथा इमारतों की खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए।

राहत और बचाव कार्य तथा अस्पतालों में आपातकाल की स्थिति
विस्फोट की सूचना मिलते ही पाकिस्तान के सुरक्षा बल, पुलिस और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे। पूरे इलाके को चारों तरफ से घेर लिया गया और बड़े पैमाने पर राहत कार्य शुरू किया गया। मलबे में दबे और झुलसे हुए लोगों को निकालने के लिए क्रेन और अन्य भारी मशीनों की मदद ली गई। स्थानीय नागरिक और बचावकर्मी घायल महिलाओं, बच्चों और सैनिकों को स्ट्रेचर पर एंबुलेंस तक पहुंचाते दिखे। इस अप्रत्याशित संकट से निपटने के लिए क्वेटा के सभी सरकारी अस्पतालों और कंबाइंड मिलिट्री हॉस्पिटल में तुरंत आपातकाल घोषित कर दिया गया। छुट्टी पर गए डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को तत्काल ड्यूटी पर वापस बुलाया गया। प्रांतीय प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे घटनास्थल पर भीड़ न लगाएं ताकि आपातकालीन वाहनों और एंबुलेंसों को आने-जाने में कोई बाधा न हो।

प्रतिबंधित संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी ने ली जिम्मेदारी
इस कायराना और आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने ली है। संगठन ने एक बयान जारी कर इस फिदायीन हमले का दावा किया। बीएलए का कहना है कि उनके निशाने पर मुख्य रूप से उस ट्रेन में यात्रा कर रहे पाकिस्तानी सेना के जवान थे, जो आगामी ईद की छुट्टियों के लिए अपने घरों की ओर लौट रहे थे। अधिकारियों ने भी पुष्टि की है कि मारे गए लोगों में बड़ी संख्या सैन्य कर्मियों की है। बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों और सरकारी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना इस संगठन का पुराना तरीका रहा है, लेकिन रेलवे और यात्री ट्रेनों को इस तरह निशाना बनाने से आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह पहली बार नहीं है जब जाफर एक्सप्रेस को निशाना बनाया गया है, इससे पहले भी इस रूट पर ट्रेनों को अगवा करने और पटरी उड़ाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
Harbhajan Singh On AAP News: हरभजन सिंह ने’आप’ पर लगाया पंजाब की राज्यसभा सीटें बेचने का आरोप
राजनीतिक प्रतिक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था पर उठते सवाल
इस भयानक आतंकी हमले के बाद पूरे पाकिस्तान में शोक और गुस्से की लहर है। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कहा कि निर्दोष नागरिकों, महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाकर आतंकवादियों ने अपनी क्रूरता और कायरता का परिचय दिया है। मुख्यमंत्री ने संकल्प जताया कि इस खूनखराबे के पीछे जो भी मास्टरमाइंड और मददगार हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा और बलूचिस्तान की धरती से आतंकवादियों का पूरी तरह सफाया होने तक यह जंग जारी रहेगी। वहीं, संघीय रेल मंत्री ने भी इस हमले को राष्ट्रीय संकल्प को कमजोर करने की एक नाकाम कोशिश करार दिया है। इस घटना ने एक बार फिर पाकिस्तान के इस सबसे बड़े और संसाधन संपन्न प्रांत में सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी है, जो लंबे समय से अलगाववादी हिंसा और उग्रवाद की आग में जल रहा है।











