Chardham Yatra 2026 News: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 अपनी पूरी गरिमा और उत्साह के साथ जारी है। हिमालय की गोद में स्थित चारों पवित्र धामों—बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री—में आस्था का ऐसा ज्वार उमड़ा है कि शुरुआती कुछ दिनों में ही तीर्थयात्रियों का आंकड़ा सवा दो लाख के पार पहुंच गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, शनिवार शाम 7:00 बजे तक कुल 2,38,590 श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया है। विशेष रूप से शनिवार का दिन यात्रा के लिहाज से बेहद व्यस्त रहा, जब एक ही दिन में 55,998 तीर्थयात्री चारों धामों में पहुंचे।
केदारनाथ धाम: श्रद्धालुओं की पहली पसंद, रिकॉर्ड तोड़ भीड़
बाबा केदार के दर्शनों के लिए भक्तों में इस बार अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। 22 अप्रैल को कपाट खुलने के बाद मात्र चार दिनों के भीतर ही 1,24,782 तीर्थयात्री केदारनाथ पहुंच चुके हैं।
शनिवार को भी केदारघाटी ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंजती रही, जहां 31,160 श्रद्धालुओं ने बाबा के शिवलिंग के दर्शन किए। प्रशासन के लिए इतनी भारी भीड़ का प्रबंधन करना एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है, लेकिन बेहतर व्यवस्थाओं के कारण यात्रा सुचारू रूप से चल रही है।
बद्रीनाथ धाम: तीन दिनों में पहुंचे करीब 38 हजार यात्री
भगवान विष्णु के निवास स्थान श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुले थे। कपाट खुलने के महज तीन दिनों के भीतर (23 से 25 अप्रैल तक) यहाँ 37,884 तीर्थयात्री अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं। शनिवार को धाम में 13,107 श्रद्धालुओं ने भगवान बद्री विशाल के दर्शन किए और अलकनंदा के पावन तट पर पूजा-अर्चना की।

गंगोत्री और यमुनोत्री: उत्तरकाशी के दोनों धामों में बढ़ी रौनक
चारधाम यात्रा के मुख्य द्वार माने जाने वाले यमुनोत्री और गंगोत्री धाम में भी श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। 19 अप्रैल को इन दोनों धामों के कपाट खुले थे और तब से लेकर 25 अप्रैल तक यहाँ कुल 75,924 श्रद्धालु पहुंचे हैं।
आंकड़ों का विवरण इस प्रकार है:
- यमुनोत्री धाम: अब तक 38,206 तीर्थयात्रियों ने यमुना जी के उद्गम स्थल पर मत्था टेका।
- गंगोत्री धाम: अब तक 37,718 श्रद्धालुओं ने माँ गंगा के दर्शन किए।
प्रशासन की चौकस नजर और व्यवस्थाएं
श्रद्धालुओं की इस भारी आमद को देखते हुए उत्तराखंड शासन और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भीड़ नियंत्रण के साथ-साथ यात्रियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए।
- पंजीकरण अनिवार्य: भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए स्लॉट-वाइज पंजीकरण पर जोर दिया जा रहा है।
- स्वास्थ्य सुविधाएं: केदारनाथ और यमुनोत्री के पैदल मार्ग पर विशेष मेडिकल कैंप लगाए गए हैं।
- यातायात प्रबंधन: ऋषिकेश से आगे पहाड़ों पर जाम की स्थिति न बने, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें तैनात की गई हैं।
यात्रियों के लिए सलाह
राज्य मौसम विभाग और प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना मौसम की जानकारी लेने के बाद ही बनाएं। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में शाम के समय ठंड बढ़ जाती है और अचानक बारिश की संभावना बनी रहती है, इसलिए पर्याप्त गर्म कपड़े और जरूरी दवाइयां साथ रखना अनिवार्य है।
चारधाम यात्रा के यह शुरुआती आंकड़े संकेत दे रहे हैं कि वर्ष 2026 की यात्रा पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ सकती है। श्रद्धालुओं का यह अटूट विश्वास न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि राज्य की पर्यटन अर्थव्यवस्था के लिए भी एक शुभ संकेत है।
(For more news apart from The Char Dham Yatra witnessed a massive influx of devotees, with over 2.38 lakh pilgrims paying obeisance in just one week News in hindi, stay tuned to Mdano News In Hindi)












