India’s First Digital Census 2027 News: भारत में एक दशक से अधिक के इंतजार के बाद आखिरकार जनगणना की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि ‘जनगणना 2027’ देश की पहली पूरी तरह से डिजिटल और जाति-आधारित जनगणना होगी। यह अभियान न केवल जनसंख्या की गिनती करेगा, बल्कि देश के सामाजिक-आर्थिक ढांचे की नई तस्वीर भी पेश करेगा।
1. कब से शुरू होगी प्रक्रिया? (Census 2027 Start)
जनगणना आयुक्त और गृह मंत्रालय के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया दो मुख्य चरणों में विभाजित की गई है:
- प्रथम चरण (हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस): इसकी शुरुआत 1 अप्रैल 2026 से हो रही है। इस चरण में मकानों का सूचीकरण और घरों की स्थिति से संबंधित डेटा जुटाया जाएगा। यह चरण सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
- द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना – PE): मुख्य जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में शुरू होगी। इसमें प्रत्येक व्यक्ति की जनसांख्यिकीय, सामाजिक और आर्थिक जानकारी दर्ज की जाएगी।
- संदर्भ तिथि: जनगणना के लिए ‘संदर्भ तिथि’ 1 मार्च 2027 तय की गई है। यानी इस दिन की मध्यरात्रि तक जो भी आंकड़े होंगे, उन्हें ही आधिकारिक माना जाएगा। हालांकि, बर्फीले और पहाड़ी क्षेत्रों (जैसे लद्दाख, हिमाचल, उत्तराखंड) में यह काम 1 अक्टूबर 2026 तक ही पूरा कर लिया जाएगा।
2. पहली बार ‘डिजिटल जनगणना’ का अनुभव(India First Digital Census)
इस बार की जनगणना कागज और पेन से मुक्त होगी। सरकार ने इसके लिए 11,718.24 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।
- मोबाइल ऐप का उपयोग: गणना करने वाले अधिकारी (Enumerators) अपने मोबाइल फोन या टैबलेट का उपयोग करेंगे। इसके लिए ‘BYOD’ (ब्रिंग योर ओन डिवाइस) मॉडल अपनाया गया है।
- सेल्फ-एन्युमेरेशन (स्व-गणना): आम नागरिक सरकार के विशेष पोर्टल (census.gov.in) पर जाकर खुद अपनी जानकारी भर सकेंगे। इसके लिए 15 दिनों की एक विशेष विंडो दी जाएगी। नागरिकों को अपनी मातृभाषा में जानकारी देने की सुविधा मिलेगी (कुल 16 भाषाएं उपलब्ध होंगी)।

3. जातिगत जनगणना: एक ऐतिहासिक फैसला
जनगणना 2027 की सबसे बड़ी विशेषता ‘जाति आधारित गणना’ (Caste Census) है। केंद्र सरकार ने निर्णय लिया है कि दूसरे चरण (फरवरी 2027) के दौरान नागरिकों से उनकी जाति के बारे में भी पूछा जाएगा। यह डेटा इलेक्ट्रॉनिक रूप से एकत्र किया जाएगा ताकि भविष्य की सरकारी योजनाओं और आरक्षण नीतियों को अधिक सटीक बनाया जा सके।
4. क्या-क्या पूछा जाएगा? (प्रश्नावली की मुख्य बातें)
जनगणना के दौरान कुल 34 सवाल पूछे जाने की संभावना है। इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित जानकारियां जुटाई जाएंगी:
- परिवार की स्थिति: घर का मालिक कौन है, घर पक्का है या कच्चा, और पेयजल की सुविधा क्या है।
- डिजिटल पहुंच: क्या परिवार के पास इंटरनेट, लैपटॉप, स्मार्टफोन या कंप्यूटर है।
- संसाधन: रसोई गैस कनेक्शन, शौचालय की सुविधा, बिजली का स्रोत और वाहन (दोपहिया या चार पहिया)।
- व्यक्तिगत डेटा: आयु, वैवाहिक स्थिति, शिक्षा, धर्म, जाति, मातृभाषा और रोजगार की स्थिति।
- प्रवासन और जन्म दर: व्यक्ति का जन्म स्थान और प्रवास (Migration) के कारण।
5. डेटा सुरक्षा और गोपनीयता
चूंकि यह पहली डिजिटल जनगणना है, इसलिए डेटा सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम किए गए हैं।

“जनगणना का डेटा पूरी तरह एन्क्रिप्टेड होगा। इसे क्लाउड सर्वर पर सुरक्षित रखा जाएगा और किसी भी निजी एजेंसी के साथ साझा नहीं किया जाएगा। जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत व्यक्तिगत जानकारी को गोपनीय रखना अनिवार्य है।” – मृत्युंजय कुमार नारायण, जनगणना आयुक्त
6. क्यों जरूरी है यह जनगणना?
2011 के बाद से देश में कोई जनगणना नहीं हुई है (2021 की जनगणना कोविड-19 के कारण स्थगित हो गई थी)।
- परिसीमन (Delimitation): नई जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही लोकसभा और विधानसभा सीटों का पुनर्गठन (परिसीमन) संभव हो सकेगा।
- महिला आरक्षण: ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लागू करने के लिए भी जनगणना के आंकड़े अनिवार्य हैं।
- योजनाओं का लाभ: सटीक डेटा से सरकार को यह जानने में मदद मिलेगी कि किन क्षेत्रों में विकास की सबसे अधिक आवश्यकता है।
जनगणना 2027 एक डिजिटल क्रांतिकारी कदम
जनगणना 2027 केवल एक सांख्यिकीय अभ्यास नहीं है, बल्कि यह विकसित भारत की नींव रखने वाला एक डिजिटल क्रांतिकारी कदम है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे ‘स्व-गणना’ पोर्टल का उपयोग करें और सटीक जानकारी प्रदान करें ताकि देश के संसाधनों का सही वितरण सुनिश्चित हो सके।
प्रमुख बिंदु एक नजर में:
| विवरण | जानकारी |
| प्रारंभ तिथि (प्रथम चरण) | 1 अप्रैल 2026 |
| मुख्य जनगणना (द्वितीय चरण) | फरवरी 2027 |
| संदर्भ तिथि | 1 मार्च 2027 |
| कुल बजट | ₹11,718.24 करोड़ |
| पद्धति | डिजिटल (मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल) |
| नया जुड़ाव | जातिगत जनगणना और सेल्फ-एन्युमेरेशन |
(For more news apart from India’s First Digital Census Mega-Campaign to Begin on April 1 Data Collection to be Completed by 2027 news in hindi, stay tuned to Mdano News In Hindi)












