रुड़की गंगनहर में डूबे छात्र का शव बरामद होने के साथ ही आठ दिनों से चल रहा सर्च ऑपरेशन समाप्त हो गया।
रुड़की में पिछले आठ दिनों से चल रही तलाश आखिरकार खत्म हो गई, जब गंगनहर में डूबे IIT रुड़की के एमबीए छात्र का शव बरामद कर लिया गया। 11 फरवरी को हुई घटना के बाद से लगातार चलाए जा रहे बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन में SDRF, NDRF, आर्मी, जल पुलिस, स्थानीय पुलिस और आपदा प्रबंधन की संयुक्त टीमें दिन-रात जुटी रहीं।
महमदपुर झाल के पास आज सुबह छात्र का शव बरामद होने के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। तलाश के दौरान नहर का पानी कई बार रोका गया और ड्रोन, अंडरवॉटर उपकरणों के साथ प्रोफेशनल गोताखोरों की मदद से बाल्मीकि घाट से आसफनगर झाल तक व्यापक सर्च अभियान चलाया गया।
करीब सौ सदस्यीय टीम की लगातार मेहनत के बाद शव बरामद हुआ।
बता दें कि 11 फरवरी 2026 को जनपद हरिद्वार के रुड़की स्थित नगर निगम घाट पर एक IIT छात्र के गंगा नदी में डूबने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही SDRF, NDRF और जिला पुलिस की संयुक्त टीमों द्वारा तत्काल सघन सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन प्रारंभ किया ।
16 फरवरी को सेनानायक SDRF अर्पण यदुवंशी ने खुद घटनास्थल और सर्च क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया । सेनानायक ने सर्च ऑपरेशन में लगी सभी टीमों को आपसी तालमेल के साथ कार्य करते हुए सर्चिंग में तेजी लाने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए।
सर्च ऑपरेशन के दौरान SDRF द्वारा आधुनिक उपकरणों जैसे सोनार सिस्टम, अंडरवाटर ड्रोन तथा डीप डाइविंग तकनीक का प्रयोग करते हुए नदी के संभावित क्षेत्रों, गहराई एवं तेज प्रवाह वाले हिस्सों में लगातार खोजबीन की गई।
लगातार चलाए गए सर्च ऑपरेशन के बाद आज छात्र का शव मोहम्मदपुर झाल क्षेत्र से बरामद किया गया, जिसकी परिजनों द्वारा शिनाख्त कर ली गई है। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई जिला पुलिस द्वारा की जा रही है।
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