मथुरा: यमुना एक्सप्रेसवे पर घना कोहरा एक बार फिर काल बनकर आया। मंगलवार तड़के यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए एक भीषण सड़क हादसे में कई वाहनों के आपस में टकराने के बाद आग लगने से तेरह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। यह हादसा बलदेव थाना क्षेत्र के अंतर्गत माइलस्टोन 127 के पास हुआ, जहां आगरा से नोएडा की तरफ जा रही लेन पर गाड़ियां आपस में भिड़ गईं।

सुबह करीब साढ़े चार बजे यह दर्दनाक हुआ हादसा
मथुरा यमुना एक्सप्रेसवे परहादसे की मुख्य वजह अत्यधिक घना कोहरा बताया जा रहा है, जिसके चलते दृश्यता लगभग शून्य थी। सुबह करीब साढ़े चार बजे यह दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक कम से कम सात बसें और तीन कारें आपस में टकरा गईं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहनों में तुरंत आग लग गई और देखते ही देखते कई बसें धू-धू कर जलने लगीं।
हादसे से संबंधित कई वीडियों यहां देख सकते है।
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तेज रफ्तार वाहनों की हुई टक्कर
मथुरा यमुना एक्सप्रेसवे पर प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक वाहन के ब्रेक लगाने के बाद पीछे से आ रहे तेज रफ्तार वाहन एक के बाद एक टकराते चले गए। टक्कर के बाद बसों और कारों में आग लग गई, जिससे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। कई यात्री जलते हुए वाहनों के अंदर फंस गए, जबकि कुछ लोगों ने किसी तरह खिड़कियों के शीशे तोड़कर कूदकर अपनी जान बचाई। जो लोग बाहर निकलने में कामयाब नहीं हो सके, वे आग की चपेट में आ गए और जिंदा जल गए।

मथुरा यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और जिला प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं और बचाव तथा राहत कार्य शुरू किया। आग पर काबू पाने के लिए एक दर्जन से अधिक दमकल की गाड़ियों को लगाना पड़ा और करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका। इस बीच, आगरा से नोएडा जाने वाली एक्सप्रेसवे की लेन पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया, जिसके चलते कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। बाद में क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त और जले हुए वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात को बहाल किया गया।
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मथुरा यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसे की जानकारी के बाद जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित अन्य आला अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुँचे और बचाव कार्यों का जायजा लिया। इस हादसे में अब तक आधिकारिक रूप से तेरह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि तीस से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए मथुरा के जिला अस्पताल, वृंदावन के संयुक्त जिला अस्पताल और गंभीर रूप से घायलों को आगरा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। बताया गया है कि मृतक यात्रियों में से अधिकांश की पहचान उनके शवों के बुरी तरह जल जाने के कारण मुश्किल हो रही है। अधिकारियों ने पहचान सुनिश्चित करने के लिए जले हुए अवशेषों का डीएनए टेस्ट कराने का निर्णय लिया है। मृतकों में प्रयागराज निवासी भाजपा नेता अखिलेंद्र प्रताप यादव के भी शामिल होने की सूचना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया दुख
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस भीषण हादसे पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को पचास-पचास हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा भी की है। साथ ही, जिला प्रशासन को इस दुर्घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं, जिसकी रिपोर्ट जल्द से जल्द पेश करने को कहा गया है ताकि हादसे के कारणों और आगे ऐसे हादसों को रोकने के उपायों पर विचार किया जा सके।

यह भयानक दुर्घटना एक बार फिर से एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार और घने कोहरे के दौरान बरती जाने वाली लापरवाही पर सवाल खड़े करती है, और सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने के लिए कठोर नियमों और जागरूकता की आवश्यकता पर जोर देती है।
मामले में अब हादसे की जांच समिति गठित की गई है।

यहां और वीडियों है जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे है।












