BCCI gets a huge profit of Rs 100 crore News In Hindi: एशिया कप 2025 का खिताब जीतने के बाद भारतीय टीम को भले ही विवादों के चलते तुरंत ट्रॉफी नहीं मिल पाई हो, लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इस टूर्नामेंट से 100 करोड़ रुपये से अधिक का जबरदस्त वित्तीय लाभ कमाया है। यह बड़ी कमाई एशियाई क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के प्रमुख मोहसिन नकवी के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है।
दरअसल, एशिया कप की मेजबानी का अधिकार मूल रूप से भारत के पास था। हालांकि, भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे राजनीतिक तनाव और सैन्य झड़पों के कारण टूर्नामेंट को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे तटस्थ स्थानों पर स्थानांतरित करना पड़ा। इसके बावजूद, टूर्नामेंट का आधिकारिक मेजबान बीसीसीआई ही बना रहा।
मीडिया रिपोर्ट्स और बीसीसीआई के सालाना बजट से जुड़े दस्तावेज़ों के अनुसार, मेजबानी के इस अधिकार के कारण भारतीय बोर्ड के राजस्व में भारी वृद्धि हुई है। सूत्रों का दावा है कि बोर्ड को इंटरनेशनल टूर से होने वाले लाभ में लगभग 109 करोड़ रुपये की भारी-भरकम बढ़ोतरी हुई है, जिसका श्रेय सीधे तौर पर एशिया कप की मेजबानी शुल्क और प्रसारण अधिकारों से हुए फायदे को जाता है। यह मुनाफा 2025-26 के वित्तीय वर्ष में बीसीसीआई के लिए लगभग 6700 करोड़ रुपये के कुल अधिशेष (सरप्लस) की उम्मीदों को और मजबूत करता है।
वहीं, एशिया कप की ट्रॉफी को भारतीय टीम को नहीं सौंपे जाने के विवाद के बीच बीसीसीआई ने अपने खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन को देखते हुए 21 करोड़ रुपये के भारी-भरकम पुरस्कार की घोषणा की है। यह राशि खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ में बांटी जाएगी, जो एशिया कप की आधिकारिक इनामी राशि से कई गुना अधिक है। इस कदम को न केवल टीम के मनोबल को बढ़ाने, बल्कि क्षेत्रीय क्रिकेट शक्ति के रूप में बीसीसीआई के दबदबे को और अधिक मज़बूत करने के तौर पर देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि बीसीसीआई लंबे समय से एशिया कप के राजस्व में अपना हिस्सा नहीं लेता है और अपने हिस्से की राशि उन एशियाई देशों को दे देता है, जहाँ क्रिकेट के विकास की अधिक आवश्यकता है। इस बार, मेजबानी शुल्क और अन्य वित्तीय लाभ से हुई यह अतिरिक्त कमाई बीसीसीआई की आर्थिक शक्ति और क्रिकेट जगत में उसके मजबूत कद को दर्शाती है, जिसने तमाम राजनीतिक विवादों के बावजूद बोर्ड को रिकॉर्ड मुनाफा कमाने में मदद की है।












