<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" >

<channel>
	<title>SIR &#8211; MDANO NEWS</title>
	<atom:link href="https://mdanonews.com/tag/sir/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://mdanonews.com</link>
	<description>Latest Hindi News &#38; Updates</description>
	<lastBuildDate>Fri, 03 Jul 2026 16:32:40 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.0.2</generator>

<image>
	<url>https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2025/12/cropped-MDANO-ICON-512x512-px-32x32.png</url>
	<title>SIR &#8211; MDANO NEWS</title>
	<link>https://mdanonews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>Uttarakhand SIR News: एसआईआर के साथ विभागीय काम भी करें आंगनबाड़ी कार्यकत्री &#8211; रेखा आर्या</title>
		<link>https://mdanonews.com/anganwadi-workers-should-also-do-departmental-work-along-with-sir-rekha-arya/</link>
					<comments>https://mdanonews.com/anganwadi-workers-should-also-do-departmental-work-along-with-sir-rekha-arya/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[MDANO Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Jul 2026 16:09:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[breaking]]></category>
		<category><![CDATA[hindi news]]></category>
		<category><![CDATA[latest news]]></category>
		<category><![CDATA[Mdano news]]></category>
		<category><![CDATA[news update]]></category>
		<category><![CDATA[SIR]]></category>
		<category><![CDATA[sir news]]></category>
		<category><![CDATA[today news]]></category>
		<category><![CDATA[कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या]]></category>
		<category><![CDATA[समाचार अपडेट]]></category>
		<category><![CDATA[हिंदी में समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[हिंदी समाचार]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://mdanonews.com/?p=24133</guid>

					<description><![CDATA[Uttarakhand SIR News: उत्तराखंड की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक में]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">Uttarakhand SIR  News: उत्तराखंड की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक में कड़ा रुख अपनाया है। बीएलओ ड्यूटी के बहाने विभागीय कामकाज प्रभावित होने पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के लिए रोजाना कम से कम एक घंटा केंद्र पर विभागीय काम निपटाने को अनिवार्य कर दिया है। इसके साथ ही अगस्त 2026 के अंत तक आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के 3211 रिक्त पदों पर शत-प्रतिशत नियुक्तियां पूरी करने और बच्चों के आवश्यक पहचान दस्तावेज जुलाई अंत तक बनाने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। जानिए इस प्रशासनिक समीक्षा की पूरी विस्तृत ग्राउंड रिपोर्ट।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उत्तराखंड में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं को धरातल पर मजबूती से लागू करने और प्रशासनिक सुस्ती को दूर करने के लिए कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या पूरी तरह से सख्त तेवर में नजर आ रही हैं। विभागीय कामकाज में लापरवाही और केंद्र पोषित योजनाओं की सुस्त रफ्तार को लेकर उन्होंने अधिकारियों की जमकर क्लास ली है। अक्सर यह देखा जाता है कि विभिन्न अतिरिक्त ड्यूटियों के बहाने विभागीय काम को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है, लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा। कैबिनेट मंत्री ने समीक्षा बैठक के दौरान इस बात पर गहरी नाराजगी और आपत्ति जताई कि बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) और अन्य चुनावी या सर्वेक्षण कार्यों में व्यस्त होने का बहाना बनाकर आंगनबाड़ी केंद्रों का मुख्य विभागीय कामकाज प्रभावित किया जा रहा है। इस ढर्रे को तुरंत बदलते हुए उन्होंने एक बेहद कड़ा और नीतिगत निर्देश जारी किया है। नए आदेश के तहत अब प्रदेश की प्रत्येक आंगनबाड़ी कार्यकत्री के लिए यह पूरी तरह अनिवार्य होगा कि वह बीएलओ के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के साथ-साथ हर दिन कम से कम एक घंटा अनिवार्य रूप से अपने मूल आंगनबाड़ी केंद्र पर मौजूद रहकर विभाग से जुड़े जरूरी कामकाज और डेटा एंट्री को निपटाएंगी ताकि बच्चों और माताओं से जुड़ी योजनाएं प्रभावित न हों।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सचिवालय या विधानसभा परिसर स्थित सभागार में आयोजित इस अत्यंत महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने विभाग के आला अधिकारियों और वर्चुअली जुड़े जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ एक-एक योजना की धरातलीय प्रगति को परखा। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को वास्तविकता का अहसास कराते हुए कहा कि हमारे विभाग की अधिकांश जनकल्याणकारी योजनाएं केंद्र सरकार द्वारा शत-प्रतिशत या आंशिक रूप से वित्तपोषित (फंडेड) हैं। इन सभी योजनाओं की प्रगति की दिल्ली से रोजाना ऑनलाइन मॉनिटरिंग और कड़ा मूल्यांकन किया जाता है। यदि हमारे स्तर पर डेटा फीडिंग में थोड़ी सी भी लापरवाही, देरी या मानवीय चूक की गई, तो केंद्र सरकार से उत्तराखंड को मिलने वाला आगामी बजट और वित्तीय सहायता बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। केंद्र से बजट अटकने का सीधा असर राज्य की गरीब महिलाओं और बच्चों के पोषण स्तर पर पड़ेगा, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसी गंभीरता को देखते हुए उन्होंने विभागीय सचिव को सख्त निर्देश दिए कि वे तुरंत सभी जिलाधिकारियों (DMs) को एक कड़ा शासकीय पत्र लिखें, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाए कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां अपने मूल विभागीय दायित्वों से विमुख न हों और रोजाना एक घंटा केंद्र के प्रशासनिक काम को दें।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="937" height="522" src="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/07/image-22.png" alt="image 22" class="wp-image-24135" srcset="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/07/image-22.png 937w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/07/image-22-300x167.png 300w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/07/image-22-768x428.png 768w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/07/image-22-150x84.png 150w" sizes="(max-width: 937px) 100vw, 937px" /><figcaption class="wp-element-caption">Photo- कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या </figcaption></figure>



<p class="wp-block-paragraph">बैठक के संपन्न होने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने राज्य के युवाओं और रोजगार की तलाश कर रही महिलाओं के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खुशखबरी साझा की। उन्होंने बताया कि विभाग ने लंबे समय से लंबित चल रहे आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं की बंपर भर्ती के लिए आधिकारिक विज्ञप्ति पहले ही जारी कर दी है। भर्ती प्रक्रिया की समय-सीमा तय करते हुए उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश में कार्यकत्रियों के 438 रिक्त पदों और सहायिकाओं के भारी-भरकम 2773 रिक्त पदों सहित कुल 3211 पदों पर आगामी अगस्त माह के अंत तक शत-प्रतिशत नियुक्तियां पूरी कर ली जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस पूरी चयन प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी, त्रुटिहीन और समयबद्ध तरीके से अंजाम दिया जाए। अगस्त के अंत में इन नियुक्तियों के मुकम्मल होते ही उत्तराखंड के इतिहास में पहली बार आंगनबाड़ी केंद्रों के भीतर इन दोनों ही महत्वपूर्ण संवर्गों के पदों पर शत-प्रतिशत तैनाती पूरी हो जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की देखभाल और पोषण वितरण की व्यवस्था पूरी तरह से सुदृढ़ हो जाएगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस उच्च स्तरीय प्रशासनिक बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री ने प्रदेश के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत छोटे बच्चों के आवश्यक पहचान दस्तावेज जैसे कि आधार कार्ड और अपार आईडी (APAAR ID) के निर्माण की बेहद धीमी रफ्तार और कम संख्या पर भी गहरी नाराजगी और असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने इस तकनीकी ढिलाई के लिए मैदानी और पर्वतीय जिलों के अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और वर्चुअल माध्यम से जुड़े राज्य के सभी जिला प्रोबेशन अधिकारियों (DPOs) को उन्होंने दो टूक शब्दों में अल्टीमेटम जारी करते हुए निर्देश दिया कि वे मिशन मोड में अभियान चलाकर आगामी जुलाई माह के अंत तक प्रत्येक पंजीकृत बच्चे का आधार कार्ड और विशिष्ट अपार आईडी कार्ड बनाना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि इस निर्धारित समय-सीमा के भीतर लक्ष्य पूरा नहीं हुआ और किसी भी बच्चे का दस्तावेज अधूरा पाया गया, तो संबंधित क्षेत्र के जिला प्रोबेशन अधिकारी के खिलाफ कठोर विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी उनकी स्वयं की होगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><br><a href="https://mdanonews.com/gst-day-celebrated-in-dehradun-latest-news-in-hindi/">GST Day 2026 Dehradun News: सुगम कर व्यवस्था, सशक्त भारत” थीम पर देहरादून में मनाया गया जीएसटी दिवस</a></p>



<p class="wp-block-paragraph">बच्चों के सर्वांगीण स्वास्थ्य और पोषण स्तर को सुधारने के लिए कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों को जमीनी स्तर पर कड़ाई से मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले नौनिहालों का शारीरिक विकास सही तरीके से हो रहा है या नहीं, इसे जांचने के लिए सभी केंद्रों पर नियमित रूप से बच्चों का वजन और उनकी लंबाई नापी जानी चाहिए। इस शारीरिक माप के आंकड़ों को केंद्र सरकार के डिजिटल प्लेटफॉर्म यानी &#8216;पोषण ट्रैकर एप&#8217; पर प्रतिदिन बिना किसी नागा के फीड किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने खाद्य आपूर्ति और परिवहन से जुड़े अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य के अंतिम छोर पर स्थित दूरस्थ पर्वतीय केंद्रों पर भी गर्भवती महिलाओं और कुपोषित बच्चों के लिए भेजी जाने वाली पुष्टाहार और पोषण सामग्री समय से पहले पहुंचनी चाहिए, इसमें किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं होगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">संवाद के अंतिम चरण में, कैबिनेट मंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों की भौतिक स्थिति और वहां की बुनियादी सुविधाओं की कायाकल्प करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने विभाग के अभियंताओं और जिलाधिकारियों को संयुक्त रूप से निर्देशित किया कि प्रदेश के सभी संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के बैठने के लिए बेहतर स्थान के साथ-साथ बिजली की निर्बाध आपूर्ति, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, आधुनिक व साफ-सुथरे शौचालय तथा पौष्टिक भोजन पकाने के लिए सुरक्षित किचन (रसोई घर) की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जब हमारे केंद्र बुनियादी सुविधाओं से संपन्न और खुशहाल होंगे, तभी नौनिहालों का शारीरिक और मानसिक विकास सही दिशा में हो सकेगा और तभी हम एक स्वस्थ और समर्थ उत्तराखंड के सपने को साकार कर सकेंगे।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="931" height="522" src="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/07/image-21.png" alt="image 21" class="wp-image-24134" srcset="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/07/image-21.png 931w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/07/image-21-300x168.png 300w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/07/image-21-768x431.png 768w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/07/image-21-150x84.png 150w" sizes="(max-width: 931px) 100vw, 931px" /><figcaption class="wp-element-caption">Photo- कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या </figcaption></figure>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://mdanonews.com/anganwadi-workers-should-also-do-departmental-work-along-with-sir-rekha-arya/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Uttarakhand SIR Launched News: उत्तराखंड में एसआईआर (SIR) अभियान का शंखनाद: पारदर्शी मतदाता सूची के लिए बीएलओ खटखटाएंगे हर घर का दरवाजा</title>
		<link>https://mdanonews.com/uttarakhand-sir-launched-how-to-apply-news-in-hindi/</link>
					<comments>https://mdanonews.com/uttarakhand-sir-launched-how-to-apply-news-in-hindi/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[MDANO Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 08 Jun 2026 17:06:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[hindi news]]></category>
		<category><![CDATA[latest news]]></category>
		<category><![CDATA[Mdano news]]></category>
		<category><![CDATA[SIR]]></category>
		<category><![CDATA[Uttarakhand SIR Launched]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[हिंदी में समाचार]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://mdanonews.com/?p=23670</guid>

					<description><![CDATA[Uttarakhand SIR Launched News: उत्तराखंड में लोकतंत्र की बुनियाद को और अधिक मजबूत तथा पारदर्शी बनाने के लिए निर्वाचन आयोग]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">Uttarakhand SIR Launched News: उत्तराखंड में लोकतंत्र की बुनियाद को और अधिक मजबूत तथा पारदर्शी बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने एक बेहद महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। सूबे में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी <a href="https://ceodelhi.gov.in/SIR2025.aspx" target="_blank" rel="noopener">एसआईआर </a>(Special Intensive Revision) कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत हो गई है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य राज्य की मतदाता सूची को शत-प्रतिशत शुद्ध, सटीक और त्रुटिरहित बनाना है। इस बार निर्वाचन आयोग तकनीक और जमीनी सत्यापन के अनूठे समन्वय के साथ काम कर रहा है, जिसके तहत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) राज्य के कोने-कोने में घर-घर जाकर सीधे मतदाताओं से संवाद करेंगे और गणना फार्म वितरित करेंगे। इस बार आयोग का रुख बेहद सख्त है; यदि पूरी प्रक्रिया के दौरान कहीं भी कोई जानबूझकर की गई गड़बड़ी, फर्जीवाड़ा या दोहरी प्रविष्टि पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सीधे कानूनी नोटिस जारी कर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।</p>



<figure class="wp-block-image"><img decoding="async" src="https://sabrangindia.in/wp-content/uploads/2025/07/SIR.jpg" alt="Punjab University's former dean writes to CJI: Bihar SIR threatens  democracy, alleges ECI overreach &amp; voter disenfranchisement | SabrangIndia"/><figcaption class="wp-element-caption">photo- Google </figcaption></figure>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>घर-घर दस्तक देंगे 11 हजार से अधिक बीएलओ, अनुपस्थिति पर तीन बार दी जाएगी विज़िट</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">इस व्यापक अभियान को अमलीजामा पहनाने के लिए उत्तराखंड के सभी विधानसभा क्षेत्रों में व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, प्रदेश भर के सभी 11,733 पोलिंग बूथों पर तैनात बीएलओ को तीन चरणों में कड़ा प्रशिक्षण दिया गया है और गणना फार्मों की शत-प्रतिशत छपाई का काम पूरा कर लिया गया है। अभियान के दौरान राज्य के लगभग 79 लाख 60 हजार 762 मतदाताओं तक पहुंचने का विशाल लक्ष्य रखा गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">आयोग ने आम जनता की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए नियमों को काफी व्यावहारिक बनाया है। यदि क्षेत्र भ्रमण के दौरान कोई मतदाता पहली बार में अपने घर पर उपलब्ध नहीं मिलता है, तो बीएलओ हार नहीं मानेंगे। वे ऐसे परिवारों के घर पर कम से कम तीन बार विज़िट करेंगे। पहली बार घर पर न मिलने की स्थिति में बीएलओ मकान के बाहर एक विशेष स्टिकर चिपकाएंगे, जिस पर वे अपनी अगली विज़िट (दौरे) की तारीख, समय और अपना निजी मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से लिखेंगे ताकि मतदाता अपनी सुविधानुसार बीएलओ से संपर्क कर सकें और अपना विवरण दर्ज करवा सकें।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>गड़बड़ी मिलने पर जारी होगा नोटिस, डिजिटल मैपिंग से पकड़े जाएंगे फर्जी वोटर</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि इस सघन अभियान का एक बड़ा मकसद फर्जी मतदाताओं की पहचान करना और उन्हें मतदाता सूची से बाहर का रास्ता दिखाना है। अक्सर यह देखा जाता है कि कई लोग एक से अधिक स्थानों पर या पुराने पते के साथ-साथ नए पते पर भी मतदाता बने रहते हैं। इस बार एसआईआर प्रक्रिया के तहत बीएलओ ऐप के माध्यम से सभी फार्मों का मौके पर ही डिजिटलीकरण किया जाएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">जैसे ही डेटा ऑनलाइन फीड होगा, सॉफ्टवेयर तुरंत समान नाम, पिता के नाम या पते वाली प्रविष्टियों को फिल्टर कर देगा। यदि किसी भी मतदाता के विवरण में विसंगति, दोहरी प्रविष्टि या किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी पाई जाती है, तो आयोग द्वारा तुरंत कानूनी नोटिस जारी किया जाएगा। इसके साथ ही, लापरवाही बरतने वाले या जानबूझकर गलत जानकारी भरने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की गई है, ताकि चुनावी प्रक्रिया की शुचिता से कोई समझौता न हो सके।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>महत्वपूर्ण तिथियों का पूरा शेड्यूल और एक जुलाई 2026 की अर्हता</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">यह पूरी पुनरीक्षण प्रक्रिया एक जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर संपन्न की जा रही है, जिसका अर्थ है कि इस तिथि तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा भी अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकते हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार, 8 जून से 7 जुलाई 2026 तक पूरे एक महीने बीएलओ घर-घर जाकर गणना फार्म वितरित और एकत्र करेंगे। इसी अवधि में उनके द्वारा बीएलओ ऐप पर डेटा अपलोड किया जाएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसके बाद, 14 जुलाई 2026 को मतदाता सूची के ड्राफ्ट रोल (प्रारूप) का प्रकाशन किया जाएगा। ड्राफ्ट जारी होने के बाद 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक आम जनता को अपने दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का पूरा मौका मिलेगा। इन सभी प्राप्त दावों और आपत्तियों की गहन स्क्रूटनी की जाएगी और नोटिस जारी करने के बाद 11 सितंबर 2026 तक इनका अंतिम निस्तारण कर दिया जाएगा। सभी सुधारों के बाद, 15 सितंबर 2026 को उत्तराखंड की अंतिम और संशोधित मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया जाएगा।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>&#8216;बुक ए कॉल विद बीएलओ&#8217; जैसी आधुनिक डिजिटल सुविधाएं भी उपलब्ध</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">इस बार के एसआईआर अभियान में तकनीक का बेहतरीन इस्तेमाल देखने को मिल रहा है। भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए &#8220;बुक ए कॉल विद बीएलओ&#8221; नाम से एक बेहद खास डिजिटल फीचर लॉन्च किया है। यदि किसी मतदाता को बीएलओ से मिलने में कठिनाई हो रही है, तो वह राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल (voters.eci.gov.in) पर जाकर या ईसीआई-नेट (ECI-NET) मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक कर सकता है। कॉल बुक होने के महज दो दिनों के भीतर संबंधित बीएलओ खुद उस मतदाता से संपर्क करेगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><a href="https://mdanonews.com/uttarakhand-cm-dhami-reviewed-the-projects/">Uttarakhand CM Dhami News: सीएम धामी ने की 6940 करोड़ की 12 प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा</a></p>



<p class="wp-block-paragraph">इसके अतिरिक्त, राज्य के पुराने इतिहास को देखने के लिए वर्ष 2003 की मतदाता सूची को भी मुख्य निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन उपलब्ध करा दिया गया है, जहां लोग अपने मोहल्ले, विधानसभा क्षेत्र या नाम के आधार पर पुराने रिकॉर्ड खोज सकते हैं। नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए फार्म-6 की सुविधा भी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से चालू रखी गई है।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://mdanonews.com/uttarakhand-sir-launched-how-to-apply-news-in-hindi/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Election Commission News: चुनाव आयोग कल अखिल भारतीय मतदाता सूची के पहले चरण की घोषणा करेगा</title>
		<link>https://mdanonews.com/election-commission-to-announce-first-phase-of-all-india-voter-list-tomorrow-news/</link>
					<comments>https://mdanonews.com/election-commission-to-announce-first-phase-of-all-india-voter-list-tomorrow-news/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[MDANO Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 26 Oct 2025 17:53:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ताजा खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[breaking]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Assembly polls]]></category>
		<category><![CDATA[breaking news]]></category>
		<category><![CDATA[Election Commission]]></category>
		<category><![CDATA[hindi news]]></category>
		<category><![CDATA[latest news]]></category>
		<category><![CDATA[news in hindi]]></category>
		<category><![CDATA[news update]]></category>
		<category><![CDATA[pan -India]]></category>
		<category><![CDATA[SIR]]></category>
		<category><![CDATA[Special Intensive Revision]]></category>
		<category><![CDATA[today news]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://mdanonews.com/?p=18927</guid>

					<description><![CDATA[Election Commission news: भारत के चुनाव आयोग (ईसी) के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि सोमवार, 27 अक्टूबर को शाम]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">Election Commission news: भारत के चुनाव आयोग (ईसी) के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि सोमवार, 27 अक्टूबर को शाम 4:15 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करेगा जिसमें मतदाता सूचियों के अखिल भारतीय विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कार्यक्रम का अनावरण किया जाएगा। हालाँकि पूरी जानकारी अभी जारी नहीं की गई है, लेकिन एसआईआर के पहले चरण में 10 से 15 राज्यों को शामिल किए जाने की उम्मीद है, जिनमें 2026 में विधानसभा चुनाव होने वाले राज्य भी शामिल हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>पहले चरण में चुनावी राज्यों पर ध्यान केंद्रित</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">सूत्रों के अनुसार, एसआईआर के शुरुआती चरण में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रहे राज्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनमें तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, असम और पुडुचेरी शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा, &#8220;चुनाव आयोग उन राज्यों में संशोधन स्थगित कर देगा जहाँ स्थानीय निकाय चुनाव चल रहे हैं या होने वाले हैं, क्योंकि चुनाव मशीनरी पूरी तरह से व्यस्त है।&#8221;</p>



<p class="wp-block-paragraph">बिहार, जिसने हाल ही में अपनी मतदाता सूची अद्यतन का काम पूरा किया है, ने 30 सितंबर तक लगभग 7.42 करोड़ मतदाताओं वाली अंतिम सूची प्रकाशित की है। राज्य में 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में विधानसभा चुनाव होंगे, जिनकी मतगणना 14 नवंबर को होगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>पिछले SIR अभ्यास और तैयारी</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">चुनाव आयोग एसआईआर को अंतिम रूप देने के लिए राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) के साथ दो बैठकें कर चुका है। कई राज्यों ने पूर्व संशोधनों वाली मतदाता सूचियाँ ऑनलाइन उपलब्ध करा दी हैं। उदाहरण के लिए, दिल्ली का पिछला एसआईआर 2008 में हुआ था, जबकि उत्तराखंड का 2006 में। अधिकांश राज्यों ने अपने पिछले एसआईआर 2002 और 2004 के बीच किए थे, जिससे ऐतिहासिक अभिलेखों के आधार पर मतदाताओं की वर्तमान मैपिंग के लिए आधारभूत आँकड़े उपलब्ध हुए।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>उद्देश्य: अवैध विदेशी प्रवासियों को हटाना</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">एसआईआर का एक प्रमुख लक्ष्य मतदाताओं के जन्मस्थानों का सत्यापन और मतदाता सूची से अवैध विदेशी प्रवासियों की पहचान करना है। बांग्लादेश और म्यांमार सहित कई राज्यों में अवैध प्रवासियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच यह कार्य और भी ज़रूरी हो गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>चुनाव आयोग की राष्ट्रव्यापी रणनीति</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">आगामी एसआईआर हाल के वर्षों में चुनाव आयोग का सबसे बड़ा मतदाता सत्यापन अभियान है। चरणबद्ध तरीके से मतदाता सूचियों में संशोधन करके और सबसे पहले चुनावी राज्यों पर ध्यान केंद्रित करके, आयोग का लक्ष्य प्रमुख चुनावों से पहले सटीक मतदाता सूचियाँ सुनिश्चित करना है। 27 अक्टूबर को होने वाली प्रेस वार्ता में विस्तृत कार्यक्रम और राज्यवार कार्यान्वयन योजना की जानकारी दी जाएगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><em>(For more news apart from Election Commission to announce first phase of all-India voter list tomorrow news in hindi, stay tuned to Mdano News In Hindi)</em></p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://mdanonews.com/election-commission-to-announce-first-phase-of-all-india-voter-list-tomorrow-news/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
