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Lata Mangeshkar Death Anniversary: स्वर कोकिला की चौथी पुण्यतिथि आज, संगीत की वो दिव्य आवाज जो अमर हो गई

On: February 7, 2026 7:07 AM
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Lata Mangeshkar Death Anniversary News In Hindi 6 फरवरी 2026: भारतीय संगीत जगत के आकाश का वह सबसे चमकीला सितारा
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Lata Mangeshkar Death Anniversary News In Hindi 6 फरवरी 2026: भारतीय संगीत जगत के आकाश का वह सबसे चमकीला सितारा, जिसकी आवाज ने सात दशकों तक दुनिया को मंत्रमुग्ध किया, आज उनकी चौथी पुण्यतिथि है। 6 फरवरी 2022 को लता मंगेशकर जी ने इस नश्वर संसार को त्याग दिया था, लेकिन उनके गाए हुए हजारों गीत आज भी हर भारतीय के दिल की धड़कन बनकर धड़कते हैं। आज उनकी बरसी पर देश के प्रधानमंत्री, राजनेता और संगीत प्रेमी उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।

Lata Mangeshkar: A career that spanned the arc of Hindi cinema | Hindustan  Times

देशभर में दी जा रही श्रद्धांजलि

आज सुबह से ही सोशल मीडिया से लेकर अयोध्या के ‘लता मंगेशकर चौक’ तक, हर जगह दीदी की यादें ताजा हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित कई बड़े नेताओं ने उन्हें नमन किया है। अयोध्या में स्थापित 40 फीट ऊंची और 14 टन वजन वाली वीणा आज पुष्पों से सजी हुई है, जो संगीत के प्रति उनके समर्पण का प्रतीक है।

श्रेया घोषाल और संगीत जगत की यादें

इस विशेष अवसर पर, वर्तमान पीढ़ी की महान गायिका श्रेया घोषाल ने लता दीदी के साथ अपनी पहली मुलाकात को याद करते हुए इसे ‘दर्शन’ बताया। उन्होंने कहा, “दीदी केवल एक गायिका नहीं थीं, वह साक्षात सरस्वती का रूप थीं।” संगीतकार मयूरेश पई ने भी उनके अंतिम दिनों के उन पलों को साझा किया जब दीदी ने अपनी खराब सेहत के बावजूद भगवान राम के श्लोक रिकॉर्ड करने की इच्छा जताई थी।

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संघर्ष से शिखर तक का सफर

28 सितंबर 1929 को इंदौर में जन्मीं लता मंगेशकर का जीवन संघर्ष और साधना की एक अद्भुत मिसाल है। 13 साल की छोटी उम्र में पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर के निधन के बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी उनके नन्हे कंधों पर आ गई थी। 1942 में अपना पहला गाना रिकॉर्ड करने वाली लता जी को शुरुआत में यह कहकर रिजेक्ट कर दिया गया था कि उनकी आवाज “बहुत पतली” है, लेकिन अपनी मेहनत से उन्होंने उसी आवाज को दुनिया की सबसे सुरीली पहचान बना दिया।

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अमिट रिकॉर्ड्स और उपलब्धियां

  • 30,000 से ज्यादा गाने: उन्होंने हिंदी के अलावा मराठी, बंगाली और तमिल सहित 36 से अधिक भाषाओं में गीत गाए।
  • भारत रत्न: साल 2001 में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से नवाजा गया।
  • देशभक्ति की आवाज: जब उन्होंने ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ गाया, तो तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की आंखों में भी आंसू आ गए थे।
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एक युग का अंत, पर संगीत अमर

लता मंगेशकर भले ही आज शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन ‘लग जा गले’, ‘प्यार किया तो डरना क्या’ और ‘लुका छुपी’ जैसे उनके कालजयी गीत उन्हें हमेशा जीवित रखेंगे। उनके संगीत ने न केवल फिल्म जगत को समृद्ध किया, बल्कि भारतीय संस्कृति को विश्व पटल पर गौरवान्वित किया।

आज 6 फरवरी 2026 है, और पूरा देश अपनी ‘स्वर कोकिला’ भारत रत्न लता मंगेशकर की चौथी पुण्यतिथि मना रहा है।

लता मंगेशकर जी का करियर सात दशकों से भी अधिक लंबा रहा

जिसमें उन्होंने न केवल हजारों गाने गाए, बल्कि अनगिनत सम्मान भी हासिल किए। उन्हें मिले सम्मानों की सूची इतनी लंबी है कि उन्हें दुनिया की सबसे अधिक सम्मानित गायिकाओं में गिना जाता है।

यहाँ उन्हें मिले प्रमुख सम्मानों का विवरण दिया गया है:

शीर्ष नागरिक और राजकीय सम्मान

लता जी उन चुनिंदा हस्तियों में शामिल हैं जिन्हें भारत के तीनों सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्राप्त हुए:

  • भारत रत्न (2001): भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान।
  • पद्म विभूषण (1999): दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान।
  • पद्म भूषण (1969): तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान।
  • लीजन ऑफ ऑनर (2007): फ्रांस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान।

प्रमुख फिल्मी और संगीत पुरस्कार

  • दादा साहेब फाल्के पुरस्कार (1989): भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान।
  • राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (National Awards): उन्हें 3 बार (1972, 1975 और 1990 में) सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्वगायिका का पुरस्कार मिला।
  • फिल्मफेयर पुरस्कार: उन्होंने 4 बार (1958, 1962, 1965, 1969) यह पुरस्कार जीता। बाद में उन्होंने नए कलाकारों को मौका देने के लिए यह पुरस्कार लेना छोड़ दिया था। 1993 में उन्हें ‘लाइफटाइम अचीवमेंट’ और 1994 में विशेष पुरस्कार दिया गया।
  • बंगाल फिल्म जर्नलिस्ट एसोसिएशन: उन्होंने रिकॉर्ड 15 बार यह पुरस्कार जीता।

अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ

  • महाराष्ट्र भूषण (1997): महाराष्ट्र सरकार का सर्वोच्च सम्मान।
  • गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स: 1974 में उन्हें दुनिया में सबसे अधिक गाने रिकॉर्ड करने वाली गायिका के रूप में दर्ज किया गया था।
  • डॉटर ऑफ द नेशन (2019): उनके 90वें जन्मदिन पर भारत सरकार ने उन्हें इस विशेष खिताब से सम्मानित किया था।
  • मानद नागरिकता: उन्हें अमेरिका के ह्यूस्टन और सूरीनाम जैसे देशों की मानद नागरिकता और कई विश्वविद्यालयों से डॉक्टरेट की उपाधि भी मिली थी।

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