बॉलीवुड सुपरस्टार रणवीर सिंह की ऊर्जा और अभिनय का जादू न केवल भारत में, बल्कि सात समंदर पार और पड़ोसी मुल्कों में भी सिर चढ़कर बोल रहा है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, रणवीर सिंह की नवीनतम एक्शन-थ्रिलर फिल्म ‘धुरंधर’ ने पाकिस्तान में एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है जिसकी कल्पना भी नहीं की गई थी। भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण संबंधों के कारण भारतीय फिल्मों के प्रदर्शन पर आधिकारिक प्रतिबंध होने के बावजूद, ‘धुरंधर’ वहां की सबसे ज्यादा देखी जाने वाली और ‘सबसे ज्यादा बिकने वाली’ भारतीय फिल्म बनकर उभरी है।

भूमिगत बाजार और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दबदबा
पाकिस्तान में भारतीय फिल्मों के सिनेमाघरों में रिलीज होने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा हुआ है। इसके बावजूद, ‘धुरंधर‘ की लोकप्रियता ने सभी बाधाओं को तोड़ दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, कराची, लाहौर और रावलपिंडी जैसे बड़े शहरों के ‘ग्रे मार्केट’ (ब्लैक मार्केट) में इस फिल्म की डीवीडी और डिजिटल प्रतियों की मांग आसमान छू रही है।
इतना ही नहीं, वीपीएन (VPN) के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर इस फिल्म को पाकिस्तान में रिकॉर्ड तोड़ बार सर्च और स्ट्रीम किया गया है। स्थानीय वितरकों का मानना है कि पिछले एक दशक में किसी भी भारतीय फिल्म को लेकर पाकिस्तानी दर्शकों में ऐसा उन्माद नहीं देखा गया।
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आखिर क्यों पसंद आ रही है ‘धुरंधर’?

रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ के इस कदर सफल होने के पीछे कई प्रमुख कारण माने जा रहे हैं:
- रणवीर सिंह की मास अपील: रणवीर सिंह की पहचान एक ऐसे अभिनेता के रूप में है जो स्क्रीन पर अपनी पूरी ऊर्जा झोंक देते हैं। पाकिस्तान में उनकी फैन फॉलोइंग ‘बाजीराव मस्तानी’ और ‘पद्मावत’ के समय से ही काफी मजबूत रही है।
- हाई-ऑक्टेन एक्शन: फिल्म के ट्रेलर और गानों ने पहले ही सोशल मीडिया पर धूम मचा दी थी। फिल्म में दिखाए गए अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टंट्स ने युवाओं को आकर्षित किया है।
- कहानी का जुड़ाव: फिल्म की पटकथा और इसमें दिखाए गए इमोशन्स उपमहाद्वीप की संस्कृति से मेल खाते हैं, जो दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ते हैं।
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पाइरेसी और अनौपचारिक व्यापार का संकट
हालांकि यह खबर फिल्म की लोकप्रियता को दर्शाती है, लेकिन यह फिल्म उद्योग के लिए एक बड़ी चिंता भी है। आधिकारिक प्रतिबंध के कारण, फिल्म की इस सफलता का आर्थिक लाभ न तो निर्माता को मिल रहा है और न ही डिस्ट्रिब्यूटर्स को। सारा मुनाफा पाइरेसी और अवैध व्यापार करने वालों की जेब में जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ‘धुरंधर’ ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि “कला और संस्कृति की कोई सीमा नहीं होती।” लेकिन साथ ही, यह सरकारों के लिए भी एक संकेत है कि मनोरंजन की मांग को प्रतिबंधों के जरिए पूरी तरह दबाया नहीं जा सकता।
पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर ‘धुरंधर’ की धूम
ट्विटर (X) और टिकटॉक पर पाकिस्तानी यूजर्स फिल्म के क्लिप्स और रणवीर सिंह के डायलॉग्स पर वीडियो बना रहे हैं। कई पाकिस्तानी फिल्म समीक्षकों ने अनौपचारिक रूप से फिल्म की समीक्षा की है और इसे “बॉलीवुड का अब तक का सबसे बेहतरीन एक्शन अवतार” बताया है।
वहां के युवाओं का कहना है कि वे सिनेमाघरों में फिल्म न देख पाने के कारण निराश हैं, लेकिन तकनीक के युग में वे अपनी पसंदीदा फिल्म देखने का रास्ता ढूंढ ही लेते हैं।

निष्कर्ष: सांस्कृतिक सेतु बनी फिल्म
रणवीर सिंह की ‘धुरंधर‘ का पाकिस्तान में सबसे बड़ी हिट बनना केवल एक व्यावसायिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह फिल्म की वैश्विक पहुंच का प्रमाण है। यह घटना दर्शाती है कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन कला के प्रति प्रेम सीमाओं को लांघने की ताकत रखता है। ‘धुरंधर’ ने बिना किसी आधिकारिक प्रमोशन और रिलीज के पाकिस्तानी बाजार में अपनी जगह बनाकर एक नया इतिहास लिख दिया है।

अब देखना यह होगा कि क्या इस तरह की अभूतपूर्व मांग भविष्य में भारतीय फिल्मों के लिए पड़ोसी देश में कोई नया रास्ता खोल पाती है या नहीं। फिलहाल, ‘धुरंधर’ का क्रेज थमने का नाम नहीं ले रहा है।














