Badshah Tateeree Song Controversy News in Hindi: बॉलीवुड के मशहूर रैपर बादशाह की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। 1 मार्च 2026 को रिलीज हुआ उनका नया हरियाणवी हिप-हॉप सिंगल ‘टटिहरी’ विवादों की भेंट चढ़ गया है। हरियाणा राज्य महिला आयोग (HSCW) ने गाने के बोल और वीडियो पर कड़ी आपत्ति जताते हुए बादशाह को नोटिस जारी किया है और उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है।

क्या है मुख्य विवाद?
गाने के बोल और इसके म्यूजिक वीडियो में दिखाए गए कुछ दृश्यों को लेकर सामाजिक संगठनों और खाप पंचायतों ने मोर्चा खोल दिया है।
- आपत्तिजनक बोल: शिकायतकर्ताओं का कहना है कि गाने में ऐसी शब्दावली का उपयोग किया गया है जो महिलाओं को वस्तु के रूप में पेश करती है। विशेष रूप से एक पंक्ति—“आया बादशाह डोली चढ़ाने, इन सबकी घोड़ी बनाने”—पर भारी विरोध जताया गया है।
- स्कूली छात्राओं का चित्रण: वीडियो में स्कूल यूनिफॉर्म पहनी नाबालिग छात्राओं को हरियाणा रोडवेज की बस पर चढ़कर नाचते और स्कूल बैग फेंकते दिखाया गया है। आलोचकों का तर्क है कि यह दृश्य शिक्षा और छात्राओं की छवि को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है।
महिला आयोग की कार्रवाई
हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने पुष्टि की है कि उन्हें ‘नारी तू नारायणी’ और अन्य संगठनों से कई शिकायतें मिली हैं। आयोग ने बादशाह को 13 मार्च 2026 को सुबह 11:30 बजे पानीपत स्थित डीसी कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। आयोग का मानना है कि ऐसे गाने युवाओं पर बुरा असर डालते हैं।

FIR और राजनीतिक प्रतिक्रिया
सिर्फ महिला आयोग ही नहीं, बल्कि पंचकूला में इस मामले को लेकर अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है। हरियाणा के शिक्षा मंत्री ने भी इस मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा है कि समाज और संस्कृति को ठेस पहुँचाने वाले कंटेंट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया
जहाँ एक तरफ ‘टटिहरी’ को यूट्यूब पर करोड़ों व्यूज मिल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर हैशटैग #BoycottBadshah ट्रेंड कर रहा है। सहारण खाप और अन्य स्थानीय संगठनों ने मुख्यमंत्री से गाने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
रैपर बादशाह का नया हरियाणवी गाना ‘टटिहरी’ विवादों में घिर गया है। हरियाणा महिला आयोग ने आपत्तिजनक बोल और वीडियो में छात्राओं के चित्रण को लेकर बादशाह को समन भेजा है। पंचकूला में मामला दर्ज होने के साथ ही खाप पंचायतों ने भी कड़ा विरोध जताया है। बादशाह को 13 मार्च को आयोग के सामने पेश होना होगा।
गौर हो कि मशहूर भारतीय रैपर और सिंगर बादशाह (Badshah) एक बार फिर कानूनी और सामाजिक विवादों के घेरे में हैं। उनके हालिया रिलीज हरियाणवी लोक गीत ‘टटिहरी’ (Tateeree) को लेकर हरियाणा राज्य महिला आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। गाने में इस्तेमाल की गई शब्दावली और फिल्माए गए दृश्यों को महिलाओं की गरिमा के खिलाफ बताते हुए बादशाह को समन जारी किया गया है।
वहीं मामले में शिकायत में बादशाह के रैप सॉन्ग की लाइन ‘आया बादशाह डोली चढ़ाने, इन सबकी घोड़ी बनाने’ पर आपत्ति उठाई गई है. शिकायत में कहा गया है कि इस गाने में गंदी शब्दावली का इस्तेमाल किया गया है. साथ ही स्कूल ड्रेस में नाबालिग बच्चियों को हरियाणा रोडवेज की बस पर चढ़ कर स्कूल बैग के साथ नाचते और स्कूल बैग फेंकते हुए दिखाया गया है. पूरे मामले को लेकर सहारण खाप ने भी ऐतराज दर्ज करवाया है.
टटिहरी’ पर खाप पंचायतों का ‘हुक्का-पानी’ बंद करने का अल्टीमेटम
हरियाणा की कई प्रमुख खापों, जिनमें कंडेला खाप, सहारण खाप और फोगाट खाप शामिल हैं, ने बादशाह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। खाप प्रतिनिधियों ने जींद और रोहतक में पंचायत कर इस गाने को समाज के लिए ‘घातक’ बताया है।
खाप पंचायतों की मुख्य आपत्तियाँ:
- हरियाणवी संस्कृति का ‘अश्लीलीकरण’: खाप नेताओं का कहना है कि “टटिहरी” एक पक्षी का नाम है जो हरियाणवी लोककथाओं का हिस्सा है, लेकिन बादशाह ने इस शब्द का इस्तेमाल अश्लील संदर्भ में किया है।
- बेटियों का अपमान: खाप चौधरी टेकराम कंडेला ने बयान जारी करते हुए कहा कि गाने के फिल्मांकन में स्कूल की वर्दी में लड़कियों को नाचते हुए दिखाना हमारी मर्यादा के खिलाफ है। यह “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान की भावना को ठेस पहुँचाता है।
- युवाओं पर गलत असर: पंचायतों का तर्क है कि ऐसे गीतों से हरियाणा के गांवों में भाईचारे और सादगीपूर्ण जीवनशैली पर बुरा प्रभाव पड़ता है और युवा नशे व अभद्रता की ओर आकर्षित होते हैं।













