सीएम धामी – बुधवार को देवप्रयाग निरीक्षण के दौरान हरिद्वार-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति और गड्ढामुक्त अभियान के कार्यों का जायजा लिया।
बुधवार को श्रीनगर से सड़क मार्ग से देहरादून लौटते हुए मुख्यमंत्री ने किया राष्ट्रीय राजमार्ग का स्थलीय निरीक्षण, देवप्रयाग में सुलभ शौचालय का भी किया निरीक्षण, स्वच्छता एवं यात्री सुविधाओं का लिया जायजा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को श्रीनगर से सड़क मार्ग से देहरादून लौटते हुए हरिद्वार-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर सड़क की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने गड्ढामुक्त अभियान के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता का निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने देवप्रयाग में सुलभ शौचालय का भी निरीक्षण किया तथा वहां स्वच्छता व्यवस्था एवं यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेशवासियों को सुरक्षित, सुगम एवं सुविधाजनक आवागमन के साथ बेहतर जनसुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सीएम धामी देवप्रयाग निरीक्षण के दौरान सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
प्रदेश की सड़कों को बेहतर एवं सुरक्षित बनाने के साथ ही स्थानीय नागरिकों और यात्रियों को स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को देहरादून लौटते समय देवप्रयाग के निकट सड़क मार्ग पर स्थित सुलभ शौचालय का निरीक्षण किया। इस दौरान शौचालय में स्वच्छता व्यवस्था संतोषजनक न मिलने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान सार्वजनिक शौचालय की साफ-सफाई एवं रखरखाव की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने स्वच्छता व्यवस्था में अपेक्षित सुधार न पाए जाने पर संबंधित अधिशासी अधिकारी (ईओ) को तत्काल सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखना संबंधित विभागों एवं अधिकारियों की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देवप्रयाग धार्मिक, आध्यात्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु, पर्यटक एवं स्थानीय लोग आवागमन करते हैं। ऐसे में सार्वजनिक सुविधाओं का स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं उपयोग के अनुकूल होना आवश्यक है। विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे स्थित सार्वजनिक शौचालयों में साफ-सफाई और रखरखाव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सार्वजनिक शौचालयों सहित आमजन की सुविधा से जुड़े सभी स्थलों पर नियमित साफ-सफाई, उचित रखरखाव तथा व्यवस्थाओं की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि केवल व्यवस्थाएं उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका नियमित संचालन और स्वच्छ बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार जनसुविधाओं को बेहतर बनाने और प्रदेश में स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। आमजन एवं पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी और संबंधित अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करना होगा।







