Jubin Nautiyal News: संगीत की दुनिया में जब कोई आवाज रूह को छूने लगती है, तो सुनने वाले उस फनकार की हर खुशी और गम से खुद-ब-खुद जुड़ जाते हैं। बॉलीवुड के सबसे चहेते गायकों में शुमार जुबिन नौटियाल के करोड़ों प्रशंसकों के लिए यह वक्त बेहद खास और भावुक कर देने वाला है। उत्तराखंड की हसीन वादियों से निकलकर पूरी दुनिया में अपने सुरों का जादू बिखेरने वाले जुबिन के आंगन में नन्हे कदमों की आहट हुई है। उनके घर एक बेटे ने जन्म लिया है। खास बात यह रही कि बच्चे का जन्म गणेश चतुर्थी के बेहद पावन और शुभ अवसर पर हुआ, जिसे परिवार गणपति बप्पा के अनमोल आशीर्वाद के तौर पर देख रहा है।
जुबिन नौटियाल हमेशा से अपनी निजी जिंदगी को चकाचौंध, सोशल मीडिया के शोरगुल और कैमरों की नजरों से दूर रखने के लिए जाने जाते हैं। यही वजह रही कि बेटे के जन्म के करीब पंद्रह दिन बाद यह सुखद समाचार सामने आया। इस खबर की पुष्टि खुद जुबिन ने बेहद सादगी और आभार के साथ की है। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी और नवजात शिशु दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं और अस्पताल से सकुशल घर लौट आए हैं। इस समय उनका पूरा परिवार उत्सव के माहौल में डूबा हुआ है, जहां हर कोई इस नन्हें फरिश्ते को अपनी बाहों में समेटने और उसके साथ पल बिताने में मगन है।

जब किसी इंसान के जीवन में पहला बच्चा आता है, तो उसकी पूरी दुनिया का केंद्र बिंदु बदल जाता है। जुबिन नौटियाल भी इस समय जिंदगी के इसी सबसे सुनहरे और जादुई दौर से गुजर रहे हैं। जब उनसे उनके बेटे के नामकरण को लेकर बातचीत की गई, तो उनका कहना था कि अभी तक उन्होंने और उनकी पत्नी ने कोई नाम तय नहीं किया है। परिवार का मानना है कि नाम रखने की औपचारिकता तो आने वाले दिनों में रीति-रिवाजों के अनुसार हो ही जाएगी, लेकिन यह जो शुरुआती वक्त है, वह दोबारा लौटकर नहीं आता। किसी नवजात की नन्हीं उंगलियों को छूना, उसकी हल्की सी मुस्कान को घंटों निहारना और उसकी हर सांस के साथ एक पिता के दिल का धड़कना—यह वह एहसास है जिसे केवल जीकर ही समझा जा सकता है। जुबिन इस समय इन्हीं अनमोल पलों को पूरी शिद्दत से अपनी यादों में संजो रहे हैं।
कलाकार की जिंदगी की सबसे बड़ी विडंबना यह होती है कि वह जितनी तेजी से शोहरत की ऊंचाइयों को छूता है, उसकी जिम्मेदारियां और व्यस्तताएं भी उतनी ही तेजी से बढ़ती जाती हैं। एक तरफ जहां जुबिन अपने घर में पिता बनने के आनंद में डूबे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनका पेशेवर कैलेंडर पहले से ही तय कार्यक्रमों से भरा पड़ा है। आने वाले दिसंबर महीने में उनका प्रतिष्ठित यूके टूर निर्धारित है, जिसके तहत 12 दिसंबर को लीसेस्टर और 13 दिसंबर को लंदन के विश्वप्रसिद्ध ओवीओ एरिना वेम्बली में उनके विशाल लाइव कॉन्सर्ट होने हैं। लाखों विदेशी प्रशंसकों के लिए वेम्बली के मंच पर जुबिन को लाइव सुनना किसी सपने जैसा होता है, लेकिन एक नए पिता के लिए यह सफर भावनात्मक रूप से बहुत भारी साबित होने वाला है।
जुबिन ने खुद इस अंतर्द्वंद्व को स्वीकार करते हुए कहा कि आने वाले समय में काम के सिलसिले में शहर और देश से बाहर जाना उनके लिए भावनात्मक तौर पर बेहद मुश्किल होगा। जब घर में एक नन्हा बच्चा आपकी गोद का इंतजार कर रहा हो, तो मीलों दूर किसी होटल के कमरे या मंच पर खड़े होकर अपने दिल को समझाना किसी भी माता-पिता के लिए आसान नहीं होता। जुबिन ने बड़ी साफगोई से कहा कि वह अभी अपने बेटे के साथ एक-एक मिनट बिता रहे हैं और यह अनुभव उनके जीवन के किसी भी संगीत समारोह या पुरस्कार से कहीं बढ़कर है। उन्हें इस बात का भली-भांति भान है कि जब टूर की तारीखें नजदीक आएंगी, तो पेशेवर कर्तव्य को निभाना तो पड़ेगा ही, लेकिन उनका दिल हर पल अपने घर में ही लगा रहेगा।
अगर जुबिन नौटियाल के निजी जीवन के सफर पर नजर डाली जाए, तो यह बात साफ नजर आती है कि उन्होंने कभी भी अपने रिश्तों को पब्लिसिटी का माध्यम नहीं बनने दिया। आज के दौर में जहां सोशल मीडिया पर हर छोटी-बड़ी बात को शेयर करने की होड़ मची रहती है, वहीं जुबिन ने अपनी निजी जिंदगी की मर्यादा को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उनकी शादी की खबर भी इसी साल अप्रैल के महीने में अचानक सामने आई थी, जिसने सबको चौंका दिया था। हालांकि, करीबी सूत्रों और रिपोर्टों का दावा है कि उनकी शादी करीब डेढ़ साल पहले ही पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार हो चुकी थी।
जुबिन ने अपनी बचपन की दोस्त के साथ उत्तराखंड में एक बेहद सादे और निजी समारोह में सात फेरे लिए थे। इस शादी में कोई तामझाम नहीं था, न ही बॉलीवुड के बड़े सितारों का कोई बड़ा जमघट था। केवल दोनों परिवारों के बेहद करीबी सदस्य और रिश्तेदार ही इस पवित्र बंधन के साक्षी बने थे। शादी के कई महीनों बाद जब कुछ तस्वीरें अनौपचारिक रूप से सामने आईं, तब जाकर दुनिया को इस बात की भनक लगी कि पहाड़ी वादियों का यह मशहूर गायक दांपत्य जीवन में बंध चुका है। उनकी पत्नी के बारे में भी सार्वजनिक रूप से बहुत ही सीमित जानकारी उपलब्ध है। जुबिन का मानना रहा है कि संगीत दुनिया के लिए है, लेकिन परिवार केवल अपनों के लिए होना चाहिए, और उन्होंने इस सिद्धांत को अपने जीवन में पूरी निष्ठा से निभाया है।

जुबिन की इस सादगी और जमीन से जुड़े रहने की आदत के पीछे उनकी परवरिश और उनकी पृष्ठभूमि का बहुत बड़ा योगदान है। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की शांत वादियों और जौनसार-बावर की सांस्कृतिक विरासत में पले-बढ़े जुबिन ने संगीत को कभी सिर्फ एक करियर के तौर पर नहीं देखा, बल्कि यह उनके लिए साधना का माध्यम रहा। बचपन से ही संगीत के प्रति गहरा रुझान रखने वाले जुबिन ने विभिन्न वाद्ययंत्रों को बजाना सीखा और अपनी आवाज को निखारने के लिए वर्षों तक रियाज किया।
साल 2011 में जब उन्होंने टेलीविजन के लोकप्रिय रियलिटी शो ‘एक्स फैक्टर इंडिया’ के मंच पर कदम रखा था, तब किसी ने नहीं सोचा था कि साधारण सा दिखने वाला यह लड़का आने वाले वर्षों में भारतीय संगीत उद्योग की पहचान बन जाएगा। हालांकि उस शो में उनका सफर बहुत लंबा नहीं चला था, लेकिन उस असफलता ने उनके हौसले को तोड़ने के बजाय और मजबूत किया। उन्होंने मुंबई की भागदौड़ और कड़े संघर्ष के बीच अपनी पहचान बनाने के लिए दिन-रात एक कर दिया।
साल 2014 में आई फिल्म ‘सोनाली केबल’ के गाने ‘एक मुलाकात’ से जुबिन ने बॉलीवुड में पार्श्व गायन की दुनिया में औपचारिक कदम रखा। इस गाने में उनकी आवाज की ताजगी और ठहराव ने संगीत प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसके तुरंत बाद फिल्म ‘द शौकीन्स’ का गाना ‘मेहरबानी’ आया, जिसने साबित कर दिया कि यह आवाज किसी एक शैली की मोहताज नहीं है। लेकिन जुबिन के करियर का सबसे बड़ा और निर्णायक मोड़ तब आया जब उन्हें सलमान खान की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘बजरंगी भाईजान’ में ‘जिंदगी कुछ तो बता’ गाने का मौका मिला। इस गाने ने जुबिन को रातोंरात देश के घर-घर में पहुंचा दिया। उस गीत में जो दर्द, जो रूहानियत और जो दार्शनिक गहराई थी, उसे जुबिन की आवाज ने अमर बना दिया।
इसके बाद तो जैसे हिट गानों का एक अटूट सिलसिला शुरू हो गया। फिल्म ‘काबिल’ का शीर्षक गीत ‘काबिल हूं’, ‘मरजावां’ का बेहद भावुक गीत ‘तुम ही आना’, और टी-सीरीज के साथ उनका सिंगल ‘लुट गए’ ऐसे गाने बने जिन्होंने यूट्यूब और तमाम म्यूजिक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर व्यूज और स्ट्रीमिंग के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। जब फिल्म ‘शेरशाह’ का गाना ‘रातां लंबियां’ रिलीज हुआ, तो उसने केवल भारत ही नहीं, बल्कि सात समंदर पार भी लोगों के दिलों को झकझोर दिया। शादी-ब्याह से लेकर हर महफिल में जुबिन के गाए नगमों की गूंज सुनाई देने लगी। उनकी गायकी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उनकी आवाज में एक अजीब सा ठहराव और सूफीपन है, जो आज के शोर-शराबे वाले संगीत के दौर में श्रोताओं को एक दिली सुकून देता है।

इतनी बड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कामयाबी हासिल करने के बावजूद जुबिन कभी अपनी जड़ों को नहीं भूले। वह आज भी जब मुंबई की चकाचौंध से फुर्सत पाते हैं, तो सीधे अपने गृह राज्य उत्तराखंड की वादियों में लौट जाते हैं। वहां की नदियां, पहाड़, मंदिर और अपने बचपन के दोस्तों के बीच बैठकर वक्त बिताना उन्हें नई ऊर्जा देता है। कोरोना महामारी के मुश्किल दौर में भी उन्होंने उत्तराखंड के सुदूर पहाड़ी गांवों में राहत सामग्री पहुंचाने और लोगों की मदद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। उनका यही पहाड़ी सरल स्वभाव उन्हें बाकी फिल्मी हस्तियों से बिल्कुल अलग कतार में खड़ा करता है।
अब जब उनके घर में एक नया जीवन आ चुका है, तो स्वाभाविक रूप से उनके संगीत और उनकी सोच में भी एक नई परिपक्वता देखने को मिलेगी। एक कलाकार जब माता-पिता बनता है, तो उसके भीतर भावनाओं की कई नई परतें खुलती हैं। वात्सल्य, संरक्षण और निस्वार्थ प्रेम की जो भावना एक बच्चे के आने से पैदा होती है, वह किसी भी संगीतकार की संवेदनाओं को और गहरा कर देती है। आने वाले समय में जब जुबिन माइक संभालेंगे, तो निश्चित तौर पर उनके सुरों में इस नए रिश्ते की मिठास और गहराई साफ महसूस होगी।
फिलहाल, जुबिन और उनके परिवार ने बेटे की कोई भी तस्वीर सार्वजनिक नहीं की है। सोशल मीडिया के इस दौर में जहां पैपराजी संस्कृति हर निजी पल को कैमरे में कैद करने के लिए बेताब रहती है, जुबिन का यह फैसला उनके आत्मसम्मान और पारिवारिक मूल्यों को दर्शाता है। वह चाहते हैं कि उनका बच्चा बिना किसी अतिरिक्त दबाव, बिना किसी बाहरी चकाचौंध और सामान्य बच्चों की तरह सुकून से बड़ा हो। जब समय सही होगा, तब वे अपने प्रशंसकों के साथ इस खुशी को और आगे साझा करेंगे।
गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर शुरू हुआ यह नया अध्याय जुबिन नौटियाल और उनकी पत्नी के जीवन में अपार खुशियां लेकर आया है। उत्तराखंड की शांत पहाड़ियों से लेकर मुंबई के भव्य स्टूडियो और लंदन के विशाल स्टेडियमों तक, जुबिन की यह यात्रा परिश्रम, सादगी और समर्पण की जीती-जागती मिसाल है। संगीत जगत, उनके साथी कलाकार और दुनिया भर में फैले उनके करोड़ों प्रशंसक इस समय इस नए पिता और उनके पूरे परिवार पर दिल खोलकर दुआएं और शुभकामनाएं बरसा रहे हैं। हर कोई यही उम्मीद कर रहा है कि यह नन्हा मेहमान अपने माता-पिता के जीवन को खुशियों के अनगिनत सुरों से महकाता रहे।
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