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Uttarakhand Yojna: अपने आशियाने का सपना हो रहा साकार, दिसंबर तक 15 हजार से अधिक परिवारों को मिलेगी पक्की छत

On: August 21, 2026 2:52 AM
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Uttarakhand Yojna: अपने आशियाने का सपना हो रहा साकार, दिसंबर तक 15 हजार से अधिक परिवारों को मिलेगी पक्की छत
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Uttarakhand Yojna: देवभूमि उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार इसी संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है कि राज्य का कोई भी जरूरतमंद और पात्र परिवार बेघर न रहे। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) के माध्यम से राज्य के शहरी क्षेत्रों में कमजोर और निम्न आय वर्ग के नागरिकों के अपने घर का सपना अब हकीकत में तब्दील हो रहा है। हर व्यक्ति के जीवन में एक सुरक्षित, मजबूत और सम्मानजनक छत का होना सबसे बुनियादी आवश्यकता मानी जाती है। जब सिर पर अपनी पक्की छत होती है, तो परिवार में सुरक्षा, आत्मविश्वास और भविष्य के निर्माण का नया उत्साह जागृत होता है।

आवासीय परियोजनाओं की गति और समयसीमा प्रदेश में आवास विभाग की ओर से इस योजना को तेजी से जमीन पर उतारने के लिए ठोस प्रयास किए गए हैं। सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुसार आगामी दिसंबर माह तक 15 हजार से अधिक परिवारों को उनके नए और पक्के घरों का अधिकार मिल जाएगा। आवास विभाग ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए हैं कि बची हुई और निर्माणाधीन परियोजनाओं को सितंबर माह के अंत तक अनिवार्य रूप से पूरा कर लिया जाए ताकि लाभार्थियों को तय समय पर गृह प्रवेश कराया जा सके।

आवास सचिव डॉ. आर. राजेश के अनुसार राज्य भर में कुल 18 प्रमुख परियोजनाओं के अंतर्गत 15,496 आवासीय इकाइयों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इनमें से लगभग 84 प्रतिशत यानी 12,948 आवासों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। निर्माण कार्य पूरा होने के साथ ही लाभार्थियों को आवास का कब्जा सौंपने की प्रक्रिया भी लगातार जारी है। अब तक 1,271 परिवारों को उनके नए आशियाने की चाबियां सौंपी जा चुकी हैं, जिनमें रुड़की के 768 और हरिद्वार के 503 लाभार्थी परिवार शामिल हैं। शेष आवासों को भी सितंबर तक तैयार करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य कराया जा रहा है। जनपदों में आवासीय विस्तार और प्रगति राज्य के विभिन्न मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों में योजना के अंतर्गत आवासों का वितरण इस प्रकार किया गया है कि अधिकतम जरूरतमंदों को इसका सीधा लाभ मिल सके।

ऊधमसिंह नगर में सर्वाधिक निर्माण औद्योगिक और घनी आबादी वाले जनपद ऊधमसिंह नगर में इस योजना का सबसे बड़ा हिस्सा केंद्रित है। यहां कुल 10,200 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से रुद्रपुर हाउसिंग स्कीम के तहत 1,872 आवास पूरी तरह बनकर तैयार हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त जनपद के अन्य प्रमुख क्षेत्रों में भी कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है, जिसमें जसपुर के भवानीपुर में 1,264 आवास, सितारगंज के उकरौली-1 में 1,168 और उकरौली-2 में 864 आवास शामिल हैं। काशीपुर क्षेत्र के अंतर्गत कनकपुर में 1,256, मानपुर में 512 तथा गंगापुर गोसाल में 584 आवास तैयार किए जा रहे हैं। वहीं रुद्रपुर के मटकोटा में 928, गदरपुर के श्यामनगर में 928 और महुवाखेड़ागंज में 824 आवासों का निर्माण पात्र लाभार्थियों के लिए किया जा रहा है।

हरिद्वार जनपद में व्यापक विस्तार हरिद्वार जिले में कुल 4,528 आवासीय इकाइयों का निर्माण तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। धार्मिक और औद्योगिक महत्व वाले इस जनपद में कमजोर आय वर्ग के लोगों के लिए अन्नेखी में 1,152 और रुड़की के बेलड़ी (बेल्दी) में 1,088 आवास बनाए जा रहे हैं। साथ ही शिकारपुर में 768, मंगलौर में 544, इंद्रलोक आवासीय योजना में 528 और झब्बरपुर में 448 आवासों का निर्माण शामिल है, जिनसे बड़ी संख्या में श्रमिक और स्थानीय निवासी लाभान्वित होंगे। नैनीताल और देहरादून में कार्य की स्थिति कुमाऊं मंडल के प्रवेश द्वार नैनीताल जनपद के अंतर्गत रामनगर स्थित उम्मेदनगर में सभी 528 आवासीय इकाइयों का निर्माण कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। वहीं राजधानी देहरादून के धौलास हाउसिंग स्कीम के तहत स्वीकृत 240 आवासों में से 180 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है और बाकी इकाइयों को भी समयसीमा के भीतर पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

राज्य सरकार का अतिरिक्त वित्तीय संबल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मूल मंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ को धरातल पर उतारना ही राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री आवास योजना केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि निर्धन परिवारों के आत्मसम्मान, पारिवारिक सुरक्षा और उनके बच्चों के सुरक्षित भविष्य का मजबूत आधार है। गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर वित्तीय बोझ कम करने और उन्हें निर्माण में अतिरिक्त सहायता देने के लिए उत्तराखंड सरकार ने एक बड़ा कल्याणकारी निर्णय लिया है।

योजना के अंतर्गत राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली वित्तीय अंशदान राशि को ₹50 हजार से बढ़ाकर अब ₹75 हजार प्रति लाभार्थी कर दिया गया है। इस अतिरिक्त सहयोग से लाभार्थियों को अपने घर के सपने को बिना किसी भारी आर्थिक दबाव के पूरा करने में बड़ी मदद मिल रही है। उत्तराखंड में शहरी गरीबों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और उन्हें बुनियादी सुविधाओं से युक्त सुरक्षित परिवेश देने की दिशा में यह पहल एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो रही है। समयबद्ध निर्माण और पारदर्शी आवंटन के जरिए राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि हर पात्र नागरिक को उसकी अपनी पक्की छत का हक मिल सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) को नई गति दी है। जरूरतमंद पात्र परिवारों का अपने आशियाने का सपना साकार हो रहा है। आगामी दिसंबर माह तक 15 हजार से अधिक परिवारों को पक्की छत मिलने जा रही है। आवास विभाग ने लंबित आवासीय परियोजनाओं को पूरा करने के लिए अगले माह सितंबर तक की टाइम लाइन निर्धारित की है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत हर पात्र परिवार को पक्की छत उपलब्ध कराने के लिए धामी सरकार प्रतिबद्ध है। सचिव आवास डॉ आर राजेश के अनुसार प्रदेश में कुल 18 परियोजनाओं के तहत 15496 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें लगभग 84 फीसदी यानी 12948 आवासों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। जबकि 1271 घरों की चाबियां भी लाभार्थियों को सौंपी जा चुकी है। इनमें 768 रुड़की और 503 लाभार्थी हरिद्वार के हैं। लंबित आवासीय परियोजनाओं को 30 सितंबर तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश कार्यदायी संस्थाओं को दिए गए हैं। पात्र परिवारों की मदद के लिए योजना में अब राज्य सरकार की हिस्सेदारी को ₹50 हजार से बढ़ाकर ₹75 हजार किया जा रहा है।

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