Dehradun News: देहरादून, सुशासन और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने कलेक्ट्रेट में जनता दरबार का आयोजन किया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य ‘अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति’ की समस्याओं को सुनना और उनका मौके पर ही निस्तारण करना था। दरबार में उमड़ी भीड़ और निस्तारण की गति ने यह साफ कर दिया कि जनता का जिला प्रशासन पर विश्वास बढ़ा है।
1. जनसमस्याओं का अंबार: एक छत के नीचे 239 शिकायतें
जनता दरबार में जिले के कोने-कोने से फरियादी अपनी समस्याओं की पोटली लेकर पहुंचे। जिलाधिकारी के समक्ष कुल 239 शिकायतें दर्ज की गईं। इन शिकायतों में मुख्य रूप से निम्नलिखित विषय शामिल थे:

- भूमि विवाद एवं अवैध कब्जा: निजी भूमि के सीमांकन और दबंगों द्वारा किए गए कब्जों की शिकायतें।
- स्कूल फीस माफी: आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों द्वारा बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए गुहार।
- बिजली-पानी के बिल: लंबित बिलों और अत्यधिक देय राशि के समाधान की मांग।
- सामाजिक सुरक्षा: राशन कार्ड, विधवा पेंशन और मुआवजा राशि से संबंधित मामले।
जिलाधिकारी ने प्रत्येक फरियादी की बात को धैर्यपूर्वक सुना और मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों को फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर होना चाहिए।
2. बुजुर्ग महिला का छलका दर्द: पानी का बिल बना प्रशासन की जिम्मेदारी
जनता दरबार में उस समय माहौल भावुक हो गया जब नीलम नाम की एक बुजुर्ग महिला जिलाधिकारी के सामने रो पड़ीं। उन्होंने बताया कि साल 2020 में उनके पति की मृत्यु के बाद वे दाने-दाने को मोहताज हैं और मंदिरों के भंडारे में भोजन कर गुजारा कर रही हैं। उनके घर का पानी का बिल 18,335 रुपये आया था, जिसे चुकाना उनके लिए असंभव था।

डीएम का त्वरित एक्शन: जिलाधिकारी सविन बंसल ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत निर्देश दिए कि 5,579 रुपये की राशि का सेटलमेंट किया जाए और शेष 12,776 रुपये का भुगतान जिला प्रशासन द्वारा जल संस्थान को किया जाएगा। इस निर्णय ने न केवल महिला को राहत दी, बल्कि प्रशासन के मानवीय चेहरे को भी उजागर किया।.

3. सामाजिक सरोकार: विवाह सहायता और स्वास्थ्य उपचार
प्रशासन ने आर्थिक रूप से टूटे परिवारों के लिए संबल बनने का कार्य किया:
- पुत्री का विवाह: देहरादून निवासी गंगा राम को उनकी पुत्री के विवाह के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता समाज कल्याण विभाग के माध्यम से तुरंत स्वीकृत करने के निर्देश दिए गए।
- चिकित्सा सहायता: मालदेवता की संध्या रमोला के पति के गंभीर उपचार के लिए जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता दिलाने हेतु फाइल को तुरंत अग्रसारित करने का आदेश दिया।
4. भरण-पोषण और महिलाओं की सुरक्षा पर कड़ा रुख
अजबपुर कला की निवासी जरीना बानो का मामला प्रशासन के लिए चुनौती था, जिन्हें उनके ही पुत्र ने घर से बेदखल कर दिया था। इस पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम के तहत तत्काल वाद दायर करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा, विधवा और असहाय महिलाओं के लिए जिलाधिकारी ने प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा के तहत विशेष सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
5. राइफल क्लब फंड से चुकाया हाउस टैक्स
शिवलोक कॉलोनी की कनिष्का ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि पति के निधन के बाद उनके पिता ही सहारा थे, लेकिन वे भी दुर्घटना का शिकार हो गए। आर्थिक तंगी के कारण वे हाउस टैक्स जमा करने में असमर्थ थीं। जिलाधिकारी ने प्रभारी अधिकारी शस्त्र को निर्देश दिए कि कनिष्का का गृहकर राइफल क्लब फंड से जमा कराया जाए।

6. प्रशासनिक प्रयासों की सराहना: “नया देहरादून, संवेदनशील प्रशासन”
फ्रीडम फाइटर समिति की राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष आशा लाल ने भी जनता दरबार में पहुंचकर जिलाधिकारी सविन बंसल की कार्यप्रणाली की सराहना की। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों, महिलाओं और पीड़ितों के लिए जिस तरह त्वरित समाधान सुनिश्चित किए जा रहे हैं, वह जिले के इतिहास में अभूतपूर्व है।
जनता की उम्मीदों का केंद्र ‘जनता दरबार’
जिलाधिकारी सविन बंसल का यह जनता दरबार केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि आम जनमानस के लिए न्याय का द्वार साबित हो रहा है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि जनसमस्याओं के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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