उत्तराखंड सरकार पर कांग्रेस के आरोप तेज हो गए हैं, जहां नेताओं ने प्रेस वार्ता में कई गंभीर मुद्दे उठाए।
सीईसी सदस्य और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह तथा मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर राज्य सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए।
प्रेस वार्ता में नेताओं ने कहा कि 15वें वित्त आयोग की अवधि समाप्त हो चुकी है, जिसके तहत राज्य को 28 हजार करोड़ रुपये मिले थे, जबकि 16वें वित्त आयोग में राज्य को अपेक्षित धनराशि नहीं मिलने की बात सामने आई है।
उन्होंने कहा कि राज्य में मातृशक्ति का पोषण स्तर गिरकर 56 प्रतिशत तक पहुंच गया है। वहीं युवाओं के रोजगार को लेकर सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार 30 हजार रोजगार देने का दावा कर रही है, लेकिन रोजगार कार्यालयों में अब भी करीब 10 लाख बेरोजगार पंजीकृत हैं।
कृषि क्षेत्र पर कांग्रेस ने ग्रोथ रेट में 4 प्रतिशत की गिरावट का आरोप लगाया। कांग्रेस नेताओं की मानें तो कांग्रेस शासनकाल में 50 किलो का मिलने वाला यूरिया बैग अब 40 किलो का कर दिया गया है और उसकी कीमत भी बढ़ा दी गई है।
नेताओं ने आरोप लगाया कि सीएजी की रिपोर्ट में नमामि गंगे योजना में भ्रष्टाचार उजागर हुआ है। इसके अलावा राज्य में पलायन की समस्या गंभीर बनी हुई है, जहां 1726 गांवों से पलायन हो चुका है और करीब 1700 विद्यालय बंद हो गए हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार को जमकर कोसा। कांग्रेस की मानें तो अस्पताल रेफरल सेंटर बनकर रह गए हैं। वहीं मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए भी सरकार प्रभावी कदम नहीं उठा पा रही है।
कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर खनन माफिया, आबकारी माफिया और भू-माफियाओं को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया।
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