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Who is Farooq Abdullah? News: कौन हैं फारूक अब्दुल्ला?, 20 साल की साजिश और हमले की क्या है पूरी कहानी?

On: March 18, 2026 3:03 PM
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Who is Farooq Abdullah? news In Hindi: जम्मू-कश्मीर की राजनीति के दिग्गज और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला एक बार फिर सुर्खियों में हैं।
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Who is Farooq Abdullah? news In Hindi: जम्मू-कश्मीर की राजनीति के दिग्गज और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार चर्चा का कारण कोई राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि उन पर हुआ एक जानलेवा हमला है। मामले की पूरी जानकारी आप लेख में देख सकते है, लेकिन इस दौरान जानिए की आखिर कार कौन है फारूक अब्दुल्ला

कौन हैं फारूक अब्दुल्ला?

डॉ. फारूक अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर के सबसे प्रभावशाली और अनुभवी राजनीतिज्ञों में से एक हैं। उनका जन्म 21 अक्टूबर 1937 को हुआ था। वे “शेर-ए-कश्मीर” कहे जाने वाले शेख मोहम्मद अब्दुल्ला के पुत्र हैं, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर के इतिहास को गढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

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प्रमुख राजनीतिक उपलब्धियां:

  • तीन बार मुख्यमंत्री: फारूक अब्दुल्ला तीन बार जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री रहे हैं (1982-84, 1986-90 और 1996-2002)।
  • कैबिनेट मंत्री: वे केंद्र की मनमोहन सिंह सरकार में ‘नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री’ भी रह चुके हैं।
  • सांसद: वे कई बार श्रीनगर लोकसभा सीट से सांसद चुने गए हैं।
  • वंश और विरासत: वे नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के संरक्षक हैं और वर्तमान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के पिता हैं। उनकी राजनीति हमेशा कश्मीर की स्वायत्तता और मुख्यधारा की भारतीय राजनीति के बीच एक पुल की तरह रही है।

फायरिंग का मामला क्या है?

घटना की तारीख और स्थान: 11 मार्च 2026 की रात, जम्मू के पॉश इलाके ग्रेटर कैलाश स्थित ‘रॉयल पार्क’ होटल में एक शादी समारोह के दौरान यह घटना हुई।

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सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीर जिसमें आरोपी नज़र आ रहा है।

कैसे हुआ हमला?

फारूक अब्दुल्ला अपने पार्टी सहयोगी बी.एस. चौहान के परिवार के एक समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। उनके साथ जम्मू-कश्मीर के डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी और सीएम के सलाहकार नासिर असलम वानी भी मौजूद थे।

जब फारूक अब्दुल्ला कार्यक्रम स्थल से बाहर निकल रहे थे, तभी भीड़ में छिपा एक व्यक्ति अचानक उनके पीछे से आया और अपनी रिवॉल्वर तान दी। हमलावर ने बिल्कुल करीब (Point Blank Range) से गोली चलाने की कोशिश की।

सुरक्षाकर्मियों की मुस्तैदी

गनीमत रही कि वहां तैनात नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) और जम्मू-कश्मीर पुलिस के कमांडो बेहद सतर्क थे। जैसे ही हमलावर ने बंदूक तानी, सुरक्षाकर्मियों ने उसे धक्का दिया और दबोच लिया। इस अफरा-तफरी में एक गोली हवा में चली गई। सुरक्षा घेरे की वजह से फारूक अब्दुल्ला बाल-बाल बच गए। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक गोली के छर्रे लगने से डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी को मामूली चोटें आईं।


हमलावर कौन है और उसका मकसद क्या था?

पुलिस ने मौके से ही हमलावर को गिरफ्तार कर लिया। उसकी पहचान जम्मू के पुरानी मंडी इलाके के रहने वाले कमल सिंह जामवाल (उम्र लगभग 63-70 वर्ष) के रूप में हुई है।

चौंकाने वाला खुलासा:

पूछताछ के दौरान आरोपी ने जो दावे किए, उसने सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए:

  1. 20 साल की प्लानिंग: आरोपी ने कथित तौर पर कबूल किया कि वह पिछले 20 सालों से फारूक अब्दुल्ला को मारने की फिराक में था।
  2. व्यक्तिगत एजेंडा: उसने इसे अपना “पर्सनल एजेंडा” बताया है, हालांकि पुलिस अभी इसके पीछे के असली कारणों की गहराई से जांच कर रही है।
  3. हथियार का स्रोत: हमलावर के पास से जो रिवॉल्वर बरामद हुई है, वह लाइसेंसी बताई जा रही है।
  4. नशे की हालत: पुलिस सूत्रों के अनुसार, पकड़े जाने के समय आरोपी नशे की हालत में था।

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

फारूक अब्दुल्ला को Z+ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है। इतने उच्च स्तर की सुरक्षा और डिप्टी सीएम की मौजूदगी के बावजूद, एक सशस्त्र व्यक्ति वीवीआईपी (VVIP) के इतने करीब कैसे पहुँच गया, यह एक बड़ा सवाल है।

डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी ने इसे “गंभीर सुरक्षा चूक” करार दिया है। उन्होंने कहा कि जब पूर्व सीएम और वर्तमान डिप्टी सीएम एक साथ हों, तो किसी का हथियार लेकर अंदर आ जाना कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।


राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

घटना के तुरंत बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पर ‘अल्लाह’ का शुक्र अदा करते हुए कहा कि उनके पिता सुरक्षित हैं। उन्होंने घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। घाटी और जम्मू के अन्य राजनीतिक दलों ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे राज्य की शांति भंग करने की कोशिश बताया है।

फारूक अब्दुल्ला पर हुआ यह हमला न केवल एक बड़े राजनेता की सुरक्षा में सेंध है, बल्कि यह जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील माहौल में एक नई चिंता पैदा करता है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या कमल सिंह जामवाल अकेले ही इस साजिश में शामिल था या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है।

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