चमोली जिला गंगा संरक्षण समिति बैठक के तहत पोखरी विकासखंड में गंगा और सहायक नदियों की स्वच्छता को लेकर अहम निर्णय लिए गए।
गंगा नदी एवं उसकी सहायक नदियों को प्रदूषण मुक्त और स्वच्छ बनाए रखने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार द्वारा नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत जिला स्तर पर गंगा संरक्षण समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर नदी संरक्षण, निगरानी एवं प्रबंधन सुनिश्चित किया जाता है। इसके अंतर्गत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण, घाटों की सफाई तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन जैसे कार्य किए जाते हैं, ताकि गंगा को स्वच्छ, निर्मल और जीवंत रखा जा सके।
इसी क्रम में चमोली जनपद के पोखरी विकासखंड अंतर्गत तहसील में उप जिलाधिकारी पोखरी अबरार अहमद की अध्यक्षता में जिला गंगा संरक्षण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पेयजल विभाग, जल संस्थान, जल निगम, सिंचाई विभाग, नगर पंचायत पोखरी तथा खंड विकास पोखरी के अधिकारी उपस्थित रहे।
चमोली जिला गंगा संरक्षण समिति बैठक में गंगा और उसकी सहायक नदियों की स्वच्छता को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए उप जिलाधिकारी पोखरी अबरार अहमद ने बताया कि नगर पंचायत पोखरी क्षेत्र में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना में आम जनता की राय को भी शामिल किया जाएगा, ताकि योजना को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जा सके।
वहीं बैठक में मौजूद नगर पंचायत पोखरी की अधिशासी अधिकारी बीना नेगी ने बताया कि प्रस्तावित एसटीपी परियोजना को लेकर नगर पंचायत के सातों वार्डों के स्थानीय नागरिकों से सुझाव और सहमति ली जाएगी। इसके बाद आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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