नई दिल्ली: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हालिया भारत यात्रा के दौरान, उनके सम्मान में राष्ट्रपति भवन में आयोजित राजकीय रात्रिभोज का मेन्यू अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया। इस भव्य भोज में भारत की क्षेत्रीय पाक कला की विविधता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को दर्शाते हुए शुद्ध शाकाहारी व्यंजनों को परोसा गया।
डिनर की शुरुआत एक खास और सेहतमंद सूप के साथ हुई जिसका नाम था ‘मुरुंगेलई चारू’। यह व्यंजन दक्षिण भारत, विशेष रूप से तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश का पारंपरिक रसम है।

मोरिंगा सूप की खासियत:
मुख्य सामग्री: यह सूप सहजन (मोरिंगा) के पत्तों और मूंग दाल से बनाया गया था।
स्वास्थ्य लाभ: इसे एक ‘सुपरफूड’ माना जाता है, जो विटामिन-सी, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। यह सूप पाचन में सुधार करता है, शरीर को डिटॉक्स (विषमुक्त) करता है और मौसमी बीमारियों से लड़ने में मदद करता है।
परोसने का तरीका: इसे करी पत्ते की खुशबू और तड़के के साथ परोसा गया, जिसने इसे हल्का, सुगंधित और पौष्टिक बना दिया।
मेनू के अन्य आकर्षण:
रात के खाने में अन्य क्षेत्रीय व्यंजन भी शामिल थे, जैसे कश्मीर की प्रसिद्ध डिश गुच्छी दून चेटिन (अखरोट की चटनी से भरे मशरूम)।
स्नैक्स में काले चने के शिकमपुरी कबाब और चटनी के साथ सब्जी झोल मोमो (नेपाली मोमो का एक हल्का रूप) परोसे गए।
मुख्य व्यंजन में जाफरानी पनीर रोल, पालक मेथी मटर का साग, तंदूरी भरवां आलू, अचारी बैंगन और दाल तड़का जैसी पारंपरिक डिशेज शामिल थीं।
मीठे में बादाम का हलवा और केसर-पिस्ता कुल्फी जैसे व्यंजन परोसे गए।
राष्ट्रपति मुर्मू द्वारा आयोजित इस भोज के मेन्यू को भारत की मेहमान नवाजी, सांस्कृतिक समृद्धि और स्वास्थ्य-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाने के लिए एक कूटनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।









