छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में मंगलवार शाम को एक बड़ा और दुखद रेल हादसा हुआ, जिसमें कोरबा मेमू पैसेंजर ट्रेन की उसी ट्रैक पर खड़ी एक मालगाड़ी से जोरदार टक्कर हो गई। यह दुर्घटना बिलासपुर रेलवे स्टेशन के पास लाल खदान (जयरामनगर) के नजदीक हुई। टक्कर इतनी भीषण थी कि पैसेंजर ट्रेन का इंजन और उससे सटा एक यात्री कोच मालगाड़ी के गार्ड केबिन और पिछले डिब्बों पर चढ़ गए, जिससे यात्री कोच को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा।
दुर्घटना की शुरुआती खबरों के अनुसार, इस हादसे में अब तक कम से कम आठ से नौ यात्रियों की मौत होने की पुष्टि हुई है, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। मृतकों में महिला और बच्चे भी शामिल हैं। टक्कर के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। रेलवे प्रशासन, पुलिस और बचाव दल की टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और गैस कटर की मदद से कोच में फंसे यात्रियों को निकालने का प्रयास किया।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने इस रूट पर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया है, जिसके कारण हावड़ा-मुंबई जैसे कई महत्वपूर्ण रेल मार्ग बाधित हुए हैं और कई ट्रेनों को रद्द या उनके रूट को डायवर्ट किया गया है।
रेलवे ने हादसे के कारणों की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में इस बात के संकेत मिले हैं कि हादसा मेमू ट्रेन के लोको पायलट द्वारा सिग्नल ओवरशूट करने या किसी तकनीकी/मानवीय त्रुटि के कारण हुआ हो सकता है, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है।
इस दुखद घटना के बाद, रेलवे ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को 5 लाख रुपये और सामान्य रूप से घायलों को 1 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। साथ ही, यात्रियों और उनके परिजनों की सहायता के लिए कई हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।








