दिल्ली एनसीआर वायु गुणवत्ता में गिरावट दर्ज किए जाने के बाद वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए GRAP-1 के तहत प्रदूषण-रोधी प्रतिबंध लागू किए गए। प्रशासन ने नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है।
Pollution in Delhi News: दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में एक बार फिर वायु प्रदूषण का स्तर खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने तत्काल प्रभाव से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण यानी GRAP-1 को लागू करने का आदेश दे दिया है। दिवाली से ठीक पहले वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) का 200 के पार चले जाना चिंता का विषय बन गया है, जिसे ‘खराब’ श्रेणी माना जाता है। मंगलवार को दिल्ली का औसत AQI 211 दर्ज किया गया, जिसके बाद CAQM की उप-समिति ने वायु गुणवत्ता और मौसम संबंधी पूर्वानुमानों की समीक्षा करते हुए यह निर्णय लिया।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को निर्देश
CAQM ने NCR के सभी संबंधित विभागों और प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को निर्देश दिया है कि वे GRAP-1 के तहत निर्धारित 27 सूत्रीय कार्य योजना को सख्ती से लागू करें, ताकि स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सके। यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सर्दियों और त्योहारों के मौसम से पहले ही हवा जहरीली होने लगी है।

ग्रैप-1 क्या है?
GRAP-1 के तहत कई महत्वपूर्ण प्रतिबंध और दिशानिर्देश लागू किए गए हैं। इसके अंतर्गत, खुले में कूड़ा, पत्तियां या बायोमास जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, होटल, रेस्तरां और सड़क किनारे के भोजनालयों में कोयले और लकड़ी जैसे प्रदूषणकारी ईंधनों के इस्तेमाल पर भी पाबंदी लगा दी गई है; उन्हें खाना पकाने के लिए केवल बिजली, गैस या अन्य स्वच्छ ईंधनों का उपयोग करना होगा। निर्माण और विध्वंस (C&D) गतिविधियों में धूल नियंत्रण के सख्त नियमों का पालन अनिवार्य कर दिया गया है, जिसमें 500 वर्ग मीटर से बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए स्वीकृत डस्ट मैनेजमेंट प्लान का अनुपालन भी शामिल है। प्रदूषण नियंत्रण के लिए सड़कों पर पानी का छिड़काव और एंटी-स्मॉग गन का प्रयोग शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आम नागरिकों के लिए भी दिशानिर्देश जारी
GRAP-1 आम नागरिकों के लिए भी दिशानिर्देश जारी करता है। लोगों से अपील की गई है कि वे अपने वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) को अपडेट रखें, रेड लाइट पर इंजन बंद करें और जहां तक संभव हो सार्वजनिक परिवहन या इलेक्ट्रिक/हाइब्रिड वाहनों का उपयोग करें। प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर सख्ती बरती जाएगी और 10 साल से पुराने डीजल वाहनों तथा 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों के परिचालन पर प्रतिबंध रहेगा। आयोग ने नागरिकों से प्रदूषण फैलाने वाली किसी भी गतिविधि की रिपोर्ट संबंधित ऐप या हेल्पलाइन पर देने का आग्रह किया है।
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