Virbhadra Singh News से जुड़ा यह कार्यक्रम हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक ऐतिहासिक क्षण रहा, जब शिमला के रिज मैदान पर पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया गया।
Virbhadra Singh Statue Inauguration News: हिमाचल प्रदेश की राजनीति के दिग्गज और छह बार के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह को उनकी पुण्यतिथि के बाद एक भव्य श्रद्धांजलि दी गई। शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान स्थित दौलत सिंह पार्क में सोमवार, 13 अक्टूबर 2025 को उनकी 9 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया गया। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने विशेष रूप से इस समारोह में भाग लिया।
इस अवसर हिमाचल की जनता और कांग्रेस पार्टी के लिए बेहद भावनात्मक रहा। सोनिया गांधी, जो लंबे समय से सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर थीं, वीरभद्र सिंह को सम्मान देने के लिए स्वयं शिमला पहुंचीं।
बता दें कि इस दौरान सोनिया गांधी ने रिमोट कंट्रोल के जरिए प्रतिमा से पर्दा हटाया। इस दौरान वीरभद्र सिंह अमर रहे के नारों से रिज मैदान गूंज उठा। यह प्रतिमा ‘वीरभद्र सिंह फाउंडेशन’ के सहयोग से स्थापित की गई है, जिसे पहले जून में उनकी जयंती पर होना था, लेकिन राज्य में आई प्राकृतिक आपदा के कारण इसे टाल दिया गया था। पूरे प्रदेश से हजारों समर्थक पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे और ‘नाटी नृत्य’ कर अपने प्रिय नेता को याद किया।

नेताओं ने किया ‘राजा साहब’ को याद
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के बड़े नेताओं ने ‘राजा साहब’ (वीरभद्र सिंह) के योगदान को याद किया।
प्रियंका गांधी वाड्रा: उन्होंने वीरभद्र सिंह के सादगीपूर्ण और मिलनसार चरित्र की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “वीरभद्र सिंह जी के कण-कण में हिमाचल था। वह उस विचारधारा का प्रतिनिधित्व करते थे, जिस पर यह देश और हमारी पार्टी चलती है।” उन्होंने केंद्र सरकार पर आपदा के दौरान हिमाचल की मदद न करने का भी आरोप लगाया।
सुखविंदर सिंह सुक्खू (मुख्यमंत्री): उन्होंने कहा कि उन्हें वीरभद्र सिंह के साथ 30 साल तक काम करने का मौका मिला और उन्होंने उनसे बहुत कुछ सीखा। उन्होंने वीरभद्र सिंह को ‘सड़कों वाले मुख्यमंत्री’ कहकर संबोधित किया और कहा कि उन्होंने ही हिमाचल में सड़कों का जाल बिछाया।
विक्रमादित्य सिंह (मंत्री और पुत्र): उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उन्हें वीरभद्र सिंह का पुत्र होने पर गर्व है और वह उनकी विरासत को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने अपने पिता को ‘हिमाचल की आत्मा’ बताया।
यह समारोह केवल एक प्रतिमा का अनावरण नहीं था, बल्कि हिमाचल की राजनीति में एक ऐसे कद्दावर नेता को श्रद्धांजलि थी, जिन्होंने चार दशकों तक सार्वजनिक जीवन में रहकर प्रदेश के विकास को नई दिशा दी।
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