Himachal Pradesh Weather News In Hindi: हिमाचल प्रदेश में शीतलहर का प्रकोप जारी है और आने वाले 72 घंटे राज्य के मैदानी जिलों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा सहित सात जिलों के लिए घने कोहरे का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। वहीं, जनजातीय इलाकों में पारा गिरने से नदियां और झरने जमने लगे हैं। लाहुल-स्पीति का कुकुमसेरी -7 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे ठंडा इलाका बना हुआ है।
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कोहरे की चादर और विजिबिलिटी का संकट
मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक प्रदेश के निचले और मैदानी इलाकों में सुबह और रात के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इसका सबसे ज्यादा असर निम्नलिखित जिलों में देखने को मिलेगा:
- ऊना और बिलासपुर
- हमीरपुर और कांगड़ा
- मंडी, सोलन और सिरमौर

इन क्षेत्रों में दृश्यता (Visibility) 50 मीटर से भी कम रह सकती है, जिससे सड़क यातायात और दैनिक जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन ने वाहन चालकों को सुबह के समय सावधानी बरतने की सलाह दी है।

6 जनवरी को बदलेगा मौसम: बारिश और बर्फबारी के आसार
पहाड़ों पर एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है। मौसम विभाग ने 6 जनवरी को राज्य के ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों, विशेषकर लाहुल-स्पीति और किन्नौर में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है।
मौसम वैज्ञानिक संदीप के अनुसार: “एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 6 जनवरी को जनजातीय जिलों में मौसम करवट लेगा। हालांकि, मध्य और निचले पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहेगा, लेकिन शीतलहर का असर कम नहीं होगा।”

कुकुमसेरी में ‘आर्कटिक’ ठंड: शून्य से नीचे पहुंचा पारा
राज्य के जनजातीय क्षेत्रों में ठंड ने अब ‘आर्कटिक’ रूप ले लिया है। लाहुल-स्पीति की घाटी में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान -7.0°C तक लुढ़क गया है। अन्य प्रमुख स्थानों का तापमान इस प्रकार है:
| शहर/स्थान | न्यूनतम तापमान (डिग्री सेल्सियस) |
| कुकुमसेरी | -7.0°C |
| ताबो | -6.4°C |
| कल्पा | -2.2°C |
| मनाली | 0.2°C |
| शिमला | 4.5°C |
| धर्मशाला | 4.2°C |
कड़ाके की ठंड के कारण ऊपरी इलाकों में पानी के प्राकृतिक स्रोत, पाइप लाइनें और सड़कों पर जमा पानी बर्फ बन चुका है, जिससे फिसलन का खतरा बढ़ गया है।

कृषि और पर्यटन पर असर
दिसंबर के सूखे स्पेल के बाद जनवरी की शुरुआत में बर्फबारी की उम्मीद ने बागवानों और किसानों के चेहरे पर रौनक ला दी है। हालांकि, कोहरा और पाला (Ground Frost) निचले इलाकों में फसलों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है कि वे बर्फबारी वाले क्षेत्रों में जाने से पहले स्थानीय मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी जरूर लें।
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वाहन चालकों को कोहरे में सावधानी बरतने की सलाह
लोगों को सुबह और शाम के समय घने कोहरे में वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाव के उपाय करने चाहिए। किसानों और बागवानों को पाले की आशंका को देखते हुए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है। इस अवधि में भारी बारिश, व्यापक बर्फबारी या आंधी-तूफान की कोई संभावना नहीं है। केवल 6 जनवरी को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हो सकती है।
हिमाचल में मौसम विभाग की चेतावनी
हिमाचल में मौसम विभाग शिमला से आई जानकारी के मुताबिक पूरे प्रदेश में 4 से 6 जनवरी तक निचले पहाड़ी और मैदानी जिलों के लिए घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर जिलों में सुबह और रात के समय दृश्यता काफी कम रहने की संभावना है। इन स्थानों पर ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति भी बन सकती है। अगले 48 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा।
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