ताजा खबरें क्राइम लाइफस्टाइल मौसम खेल बॉलीवुड हॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस राज्य देश विदेश राशिफल लाइफ - साइंस आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

Neem Karoli Baba: कौन है नीम करौली बाबा, एक आध्यात्मिक संत जिनकी महिमा ने विश्व को झुकाया

On: February 11, 2026 5:52 AM
Follow Us:
Neem Karoli Baba : बीसवीं सदी के महानतम संतों में से एक, नीब करौरी बाबा (जिन्हें महाराज जी के नाम से भी जाना जाता है), भारतीय आध्यात्मिकता के एक ऐसे देदीप्यमान नक्षत्र हैं
---Advertisement---

Neem Karoli Baba : बीसवीं सदी के महानतम संतों में से एक, नीब करौरी बाबा (जिन्हें महाराज जी के नाम से भी जाना जाता है), भारतीय आध्यात्मिकता के एक ऐसे देदीप्यमान नक्षत्र हैं जिनकी चमक भारत की गलियों से लेकर अमेरिका की सिलिकॉन वैली तक फैली हुई है। उन्हें भक्त हनुमान जी का साक्षात अवतार मानते हैं। वे एक ऐसे संत थे जिन्होंने आडंबरों का त्याग कर केवल प्रेम, सेवा और सरलता का मार्ग चुना।

250px Early morning Glimpse of Kainchi Dham Nainital 2023

प्रारंभिक जीवन और वैराग्य

नीम करोली बाबा का जन्म लगभग 1900 ईस्वी में उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के अकबरपुर गांव में एक संपन्न ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके बचपन का नाम लक्ष्मण नारायण शर्मा था।

कहा जाता है कि बचपन से ही उनमें वैराग्य के लक्षण दिखाई देने लगे थे। मात्र 11 वर्ष की अल्पायु में ही उनका विवाह कर दिया गया था, लेकिन विवाह के कुछ समय बाद ही उन्होंने सत्य की खोज में घर त्याग दिया। कई वर्षों तक वे देश के विभिन्न कोनों में एक सन्यासी की भांति भ्रमण करते रहे। हालांकि, अपने पिता के आग्रह पर वे बाद में गृहस्थ जीवन में लौटे और अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियां भी निभाईं। उनके दो पुत्र और एक पुत्री हुए।

250px Neemkaroli 14

‘नीम करोली’ नाम का रहस्य

उनका नाम ‘नीम करोली‘ कैसे पड़ा, इसके पीछे एक बहुत ही दिलचस्प और प्रसिद्ध कहानी है। एक बार महाराज जी ट्रेन में बिना टिकट सफर कर रहे थे। टीटीई ने उन्हें नीम करोली (फर्रुखाबाद के पास) नामक स्टेशन पर उतार दिया। बाबा चुपचाप नीचे उतर गए और पास के एक खेत में बैठ गए।

हैरानी की बात यह हुई कि उसके बाद ट्रेन लाख कोशिशों के बावजूद टस-से-मस नहीं हुई। इंजीनियरों ने जांच की, सब कुछ ठीक था, लेकिन ट्रेन आगे नहीं बढ़ी। तब वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने रेलवे अधिकारियों को बताया कि आपने एक महान संत का अपमान किया है। अधिकारियों ने माफी मांगी और बाबा से ट्रेन में बैठने का आग्रह किया। बाबा ने शर्त रखी कि रेलवे इस गांव में स्टेशन बनाएगा और साधुओं के साथ अच्छा व्यवहार करेगा। जैसे ही बाबा ट्रेन में बैठे, ट्रेन चल पड़ी। तभी से उन्हें ‘नीम करोली बाबा’ कहा जाने लगा।

image 21

कैंची धाम की स्थापना

बाबा का सबसे प्रसिद्ध आश्रम उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित कैंची धाम है। 1961 में वे पहली बार यहां आए थे और 15 जून 1964 को यहाँ हनुमान मंदिर की प्रतिष्ठा की गई। आज भी हर साल 15 जून को यहाँ एक विशाल मेला लगता है, जिसमें लाखों भक्त देश-विदेश से पहुँचते हैं।

यह भी पढ़े: हल्द्वानी: जमीन के नीचे दबा था ‘मौत’ का जखीरा; आबकारी विभाग की छापेमारी में निकले कच्ची शराब के सैकड़ों पाउच

चमत्कार और अलौकिक घटनाएं

भक्तों के बीच बाबा के चमत्कारों की अनगिनत कहानियाँ प्रचलित हैं। उनके बारे में कहा जाता था कि वे ‘अंतर्यामी’ थे—वे व्यक्ति के मन की बात बिना कहे जान लेते थे।

  1. पानी का घी बनना: एक बार कैंची धाम में भंडारे के दौरान घी कम पड़ गया। बाबा ने कहा कि पास बहती नदी से पानी ले आओ। जब उस पानी को कड़ाही में डाला गया, तो वह शुद्ध देशी घी में बदल गया।
  2. बुलेटप्रूफ कंबल: एक प्रसिद्ध किस्सा है कि बाबा ने एक बार रात भर एक कंबल ओढ़कर दर्द से कराहते हुए बिताया। अगली सुबह जब उन्होंने वह कंबल अपने भक्त को दिया, तो वह भारी हो चुका था। बाद में पता चला कि उसी रात उनका एक भक्त सीमा पर युद्ध में गोलियों की बौछार के बीच फँसा था, लेकिन उसे एक भी खरोंच नहीं आई। माना जाता है कि बाबा ने वे गोलियां अपने कंबल पर ले ली थीं।
image 22

विश्व प्रसिद्ध अनुयायी

नीम करोली बाबा का प्रभाव केवल साधारण लोगों तक सीमित नहीं था, बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी हस्तियों ने उनके दरबार में मत्था टेका है:

  • स्टीव जॉब्स (Apple): सत्तर के दशक में जब स्टीव जॉब्स जीवन में दिशाहीन महसूस कर रहे थे, तब वे भारत आए थे। हालांकि तब बाबा का देहांत हो चुका था, लेकिन उनके आश्रम में बिताए समय ने जॉब्स के जीवन को बदल दिया।
  • मार्क जुकरबर्ग (Facebook): जब फेसबुक कठिन दौर से गुजर रहा था, तब स्टीव जॉब्स ने जुकरबर्ग को कैंची धाम जाने की सलाह दी थी। जुकरबर्ग वहां आए और उन्होंने स्वीकार किया कि वहां से उन्हें नई ऊर्जा और दृष्टिकोण मिला।
  • विराट कोहली और अनुष्का शर्मा: हाल के वर्षों में भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा को भी कई बार बाबा के धाम में आशीर्वाद लेते देखा गया है।
  • राम दास (रिचर्ड अल्पर्ट): हार्वर्ड के प्रोफेसर रिचर्ड अल्पर्ट बाबा से मिलने के बाद उनके अनन्य भक्त बन गए और पूरी दुनिया में ‘बी हियर नाउ’ (Be Here Now) पुस्तक के माध्यम से बाबा की शिक्षाओं को फैलाया।

शिक्षाएं: “सबका भला करो”

बाबा का दर्शन बहुत सरल था। वे कोई लंबा-चौड़ा भाषण नहीं देते थे। उनके मुख्य उपदेश थे:

  • Love Everyone (सबको प्रेम करो)
  • Serve Everyone (सबकी सेवा करो)
  • Remember God (ईश्वर को याद रखो)
  • Feed Everyone (सबको भोजन कराओ)

वे कहते थे कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। वे खुद को कभी भगवान नहीं कहते थे, बल्कि भक्तों को हमेशा हनुमान जी की भक्ति करने को प्रेरित करते थे। वे भक्तों को अपने पैर भी नहीं छूने देते थे।

महासमाधि

नीम करोली बाबा ने 11 सितंबर 1973 को वृंदावन में महासमाधि ली। उनके जाने के बाद भी उनका प्रभाव कम नहीं हुआ, बल्कि लगातार बढ़ता गया। आज भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका के ताओस (न्यू मैक्सिको) में भी उनका भव्य आश्रम है।

नीब करौली बाबा एक ऐसे संत थे जो सादगी की प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने सिद्ध किया कि ईश्वर तक पहुँचने का मार्ग कठिन कर्मकांडों में नहीं, बल्कि असहायों की सेवा और निस्वार्थ प्रेम में है। आज भी कैंची धाम जाने वाले भक्तों का मानना है कि महाराज जी वहां अदृश्य रूप में मौजूद हैं और सबकी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Chardham Yatra 2026 High-Tech Update News In Hindi: देहरादून | देवभूमि उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियां युद्धस्तर पर जारी हैं।

Chardham Yatra 2026 News: हाईटेक होगी चारधाम यात्रा, श्रद्धालुओं को मिलेगा डिजिटल अनुभव, BKTC की टेंडर प्रक्रिया शुरू

हरिद्वार कुंभ मेला 2027 तैयारियां बैठक

भव्य और दिव्य कुंभ को लेकर मंथन, मेलाधिकारी ने अखाड़ों के साथ किया मंथन

Holi 2026 Blood Moon In India News In Hindi: साल 2026 की शुरुआत खगोलीय घटनाओं के लिहाज से बेहद खास होने जा रही है।

Holi 2026 Blood Moon: होली पर साल का पहला चंद्र ग्रहण: 3 मार्च को दिखेगा ‘ब्लड मून’; भारत में 25 मिनट तक दीदार

Holi Festival Dates 2026 News In Hindi: भारत त्योहारों का देश है, और यहाँ हर पर्व का अपना एक विशिष्ट महत्व है। इन्हीं में से एक सबसे प्रमुख और जीवंत त्योहार है

Holi Festival Dates 2026: कब है होली का त्योहार, रंगों का उत्सव, प्रेम का प्रतीक और जानें क्या है पौराणिक विरासत

Kainchi Dham Baba Neem Karoli Latest News In Hindi: नैनीताल की शांत वादियों में स्थित कैंची धाम, जो बाबा नीब करौली की तपोस्थली है

Baba Neem Karoli News: कैंची धाम बनेगा विश्वस्तरीय स्पिरिचुअल टूरिज्म सेंटर, नीब करौली बाबा के भक्तों के लिए बनेगा भव्य मेडिटेशन सेंटर

Chardham Yatra 2026: उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा को लेकर राज्य सरकार और प्रशासन ने इस वर्ष एक नई और भव्य कार्ययोजना तैयार की है।

Chardham Yatra 2026: ‘अतिथि देवो भव’ की संकल्पना से सजेगा देवभूमि का द्वार; देहरादून में 24 घंटे सेवाएं देंगे 50 रजिस्ट्रेशन काउंटर

Leave a Comment