Who is Deepam Seth: उत्तराखंड के प्रशासनिक गलियारों में साल 2024 के अंत से लेकर 2026 तक एक ही नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है—आईपीएस दीपम सेठ (Deepam Seth)। 1995 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारी दीपम सेठ ने उत्तराखंड के 13वें पुलिस महानिदेशक (DGP) के रूप में कार्यभार संभाला है। अपनी कार्यकुशलता, तकनीकी समझ और शांत स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले दीपम सेठ को ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के लिए जाना जाता है।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा: इंजीनियर से आईपीएस तक का सफर
दीपम सेठ का जन्म उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में हुआ था। उनके पिता डॉ. राधारमण सेठ एक प्रसिद्ध चिकित्सक थे। मेधावी छात्र रहे दीपम की प्रारंभिक शिक्षा शाहजहांपुर के सेंट पॉल इंटर कॉलेज से हुई।
- इंजीनियरिंग बैकग्राउंड: उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान BITS पिलानी से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की।
- उच्च शिक्षा: पुलिस सेवा में आने के बाद भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने ओस्मानिया विश्वविद्यालय से ‘पुलिस मैनेजमेंट’ में मास्टर डिग्री ली और साल 2022 में IIT रुड़की से अपनी पीएचडी (PhD) पूरी की।
शानदार करियर: कोसोवो से लेकर लद्दाख बॉर्डर तक
दीपम सेठ का करियर चुनौतियों और उपलब्धियों से भरा रहा है। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने से पहले वह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और नोएडा (गौतमबुद्ध नगर) जैसे संवेदनशील इलाकों में एएसपी (ASP) और सिटी एसपी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
1. अंतर्राष्ट्रीय अनुभव (UN Mission)
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र (United Nations) के शांति मिशन के तहत कोसोवो (Kosovo) में प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में कार्य किया। इस दौरान उनके बेहतरीन कार्य के लिए उन्हें ‘यूनाइटेड नेशंस मेडल’ से सम्मानित किया गया।
2. केंद्रीय प्रतिनियुक्ति और सामरिक भूमिका
दीपम सेठ ने लंबे समय तक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहकर देश की सुरक्षा में योगदान दिया:
- ITBP (Indo-Tibetan Border Police): लद्दाख सीमा पर तनाव के दौरान उन्होंने आईटीबीपी के आईजी (IG) के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- SSB (Sashastra Seema Bal): डीजीपी बनने से ठीक पहले वह सशस्त्र सीमा बल (SSB) में अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) के पद पर तैनात थे।

उत्तराखंड में प्रमुख जिम्मेदारियां
उत्तराखंड कैडर के अधिकारी होने के नाते उन्होंने राज्य के कई महत्वपूर्ण पदों को संभाला है:
- नैनीताल और टिहरी गढ़वाल के एसएसपी (SSP) के रूप में कार्य।
- आईजी (लॉ एंड ऑर्डर) और आईजी (पीएसी) जैसे अहम पदों पर तैनाती।
- वर्तमान में 13वें डीजीपी के रूप में राज्य की पूरी पुलिस कमान उनके हाथ में है।
DGP के रूप में प्राथमिकताएं: 2026 का विजन
पदभार संभालने के बाद दीपम सेठ ने स्पष्ट कर दिया था कि उनकी प्राथमिकता केवल अपराध नियंत्रण नहीं, बल्कि जन-केंद्रित पुलिसिंग (Citizen-Centric Policing) है। उनके प्रमुख एजेंडे निम्नलिखित हैं:
- नशा मुक्त उत्तराखंड: राज्य में बढ़ते ड्रग्स के जाल को तोड़ने के लिए उन्होंने सख्त अभियान शुरू किया है।
- साइबर सुरक्षा: बढ़ते डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए पुलिस की तकनीकी इकाई को मजबूत करना उनकी शीर्ष प्राथमिकता है।
- स्मार्ट ट्रैफिक और पर्यटन: उत्तराखंड एक पर्यटन राज्य है, इसलिए ट्रैफिक प्रबंधन के लिए उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया है।
- SDRF का सुदृढ़ीकरण: आपदा प्रभावित राज्य होने के कारण, उन्होंने एसडीआरएफ को अत्याधुनिक उपकरणों से लैस करने का संकल्प लिया है।
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सम्मान और पुरस्कार
उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें कई बार सम्मानित किया जा चुका है:
- राष्ट्रपति पुलिस पदक (2021): विशिष्ट सेवा के लिए।
- पुलिस पदक (2011): सराहनीय सेवा के लिए।
- यूनाइटेड नेशंस मेडल (2004): कोसोवो मिशन के लिए।
आईपीएस दीपम सेठ की नियुक्ति से उत्तराखंड पुलिस में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है। उनके पास न केवल जमीन से जुड़ी पुलिसिंग का अनुभव है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की कार्यप्रणाली की समझ भी है। 2026 में होने वाले बड़े आयोजनों (जैसे कुंभ मेला और पर्यटन सीजन) के मद्देनजर उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
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