Uttarakhand weather update News In Hindi: देवभूमि उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। उत्तरकाशी समेत ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी ने जहां पहाड़ों को सफेद चादर से ढक दिया है, वहीं मैदानी इलाकों में रुक-रुक कर हो रही बारिश ने ठंड में इजाफा कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों के लिए राज्य के तीन जिलों में बिजली चमकने और गर्जना के साथ बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
उत्तरकाशी: बर्फ की सफेद चादर में लिपटी घाटी
उत्तरकाशी जिले के गंगोत्री, यमुनोत्री, हर्षिल और मोरी जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सोमवार रात से ही बर्फबारी का सिलसिला जारी है। 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में करीब 2 से 3 इंच तक ताजी बर्फ जम चुकी है। स्थानीय प्रशासन ने बर्फबारी के कारण फिसलन बढ़ने की चेतावनी जारी की है और पर्यटकों से सावधानी बरतने की अपील की है। हर्षिल घाटी में तापमान शून्य से 4 डिग्री नीचे जा चुका है, जिससे पूरी यमुना घाटी शीत लहर की चपेट में है।

ऊधम सिंह नगर और हरिद्वार: कोहरे का कहर
पहाड़ों में बर्फबारी का सीधा असर मैदानी जिलों पर पड़ा है। ऊधम सिंह नगर और हरिद्वार में आज सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता (Visibility) 50 मीटर से भी कम रह गई। कोहरे के कारण दिल्ली-नैनीताल हाईवे और अन्य प्रमुख मार्गों पर वाहनों की रफ्तार थम गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक तराई के इलाकों में सुबह के समय मध्यम से घना कोहरा बना रहेगा।
तीन जिलों में यलो अलर्ट: बिजली और गर्जना की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण राज्य के तीन प्रमुख जिलों में मौसम अधिक खराब रह सकता है।
- उत्तरकाशी
- चमोली
- पिथौरागढ़
इन जिलों के लिए ‘यलो अलर्ट’ जारी किया गया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि इन क्षेत्रों में बिजली चमकने के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं। साथ ही, 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की भी संभावना है।
चारधाम और उच्च हिमालयी क्षेत्रों की स्थिति
बर्फबारी के कारण चारधाम—बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री—पूरी तरह बर्फ से लदे हुए हैं। केदारनाथ धाम में न्यूनतम तापमान -10°C तक लुढ़क गया है। प्रशासन ने सीमांत क्षेत्रों में हिमस्खलन (Avalanche) की संभावना को देखते हुए आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा है।
मौसम वैज्ञानिक का कथन: “वर्तमान में एक मध्यम तीव्रता का पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्र से गुजर रहा है। इसके प्रभाव से 4 फरवरी तक पर्वतीय जिलों में छिटपुट बारिश और बर्फबारी जारी रहेगी। 5 फरवरी से मौसम के शुष्क होने की उम्मीद है, जिससे तापमान में धीरे-धीरे सुधार होगा।”

जनजीवन पर प्रभाव और प्रशासन की तैयारी
बारिश और बर्फबारी के कारण कई ग्रामीण संपर्क मार्ग बाधित हुए हैं। लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीमें मुख्य मार्गों से बर्फ हटाने के काम में जुटी हैं। शहरी इलाकों में नगर निगमों को अलाव की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों के लिए यह बारिश गेहूं और अन्य रबी फसलों के लिए ‘अमृत’ मानी जा रही है, जिससे उनके चेहरों पर खुशी देखी जा सकती है।
यह भी पढ़ें : उत्तराखंड के लिए केन्द्रीय बजट रहा खास, रेलवे बजट में बढ़ी रिकॉर्ड हिस्सेदारी
पर्यटकों के लिए सलाह दी गई है कि वे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने से पहले मौसम के पूर्वानुमान की जांच जरूर करें और गर्म कपड़ों के साथ आवश्यक दवाइयां साथ रखें।










