Uttarakhand Weather News: उत्तराखंड में इस समय कुदरत का एक ऐसा रूप देखने को मिल रहा है, जिसकी तुलना अब यूरोप के ठंडे देशों से की जाने लगी है। पिछले 48 घंटों के भीतर राज्य के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। उत्तरकाशी जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम में न्यूनतम तापमान -21°C तक लुढ़क गया है, जिसने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। वहीं, कुमाऊं के प्रवेश द्वार और ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से मशहूर मुनस्यारी में भी ठंड ने लोगों की कंपकंपी छुड़ा दी है।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक पहाड़ों पर मौसम शुष्क बना रहेगा, जिससे ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) जैसी स्थितियां और भी गंभीर हो सकती हैं।

स्विट्जरलैंड को मात दे रहे हैं उत्तराखंड के ये शहर
आमतौर पर पर्यटक बर्फबारी और ठंड का लुत्फ उठाने के लिए स्विट्जरलैंड या ऑस्ट्रिया का रुख करते हैं, लेकिन इस साल उत्तराखंड के तापमान ने इन देशों के प्रमुख शहरों को भी पीछे छोड़ दिया है। स्विट्जरलैंड के दावोस और ज्यूरिख जैसे शहरों में जहां तापमान -5°C से -10°C के बीच बना हुआ है, वहीं उत्तराखंड के 9 प्रमुख स्थानों पर पारा इससे कहीं नीचे चला गया है।
| शहर/स्थान | न्यूनतम तापमान (°C) | स्थिति |
| गंगोत्री | -21°C | नदियां और झरने जमे |
| मुनस्यारी | -11°C | रिकॉर्ड तोड़ ठंड |
| बदरीनाथ | -15°C | भारी पाला और बर्फ |
| केदारनाथ | -18°C | जनजीवन प्रभावित |
| औली | -8°C | स्कीइंग रिसॉर्ट में कड़ाके की ठंड |
| हर्षिल | -12°C | सेब के बागानों में बर्फ |
| हेमकुंड साहिब | -19°C | पूरी तरह बर्फ की चादर |
| चोपता | -7°C | मिनी स्विट्जरलैंड में ठिठुरन |
| पिथौरागढ़ (उच्च हिमालय) | -10°C | शुष्क ठंड का प्रकोप |

गंगोत्री में जम गई ‘भागीरथी’, जनजीवन अस्त-व्यस्त
गंगोत्री नेशनल पार्क और मंदिर परिसर के आसपास पारा गिरने से भागीरथी नदी के किनारे और छोटे नाले पूरी तरह बर्फ के ठोस टुकड़ों में तब्दील हो चुके हैं। यहाँ तक कि पीने के पानी की पाइपलाइनें भी फट गई हैं। वन विभाग की टीम जो इन दिनों वन्यजीवों (जैसे स्नो लेपर्ड) की निगरानी के लिए वहां तैनात है, उन्हें शून्य से नीचे के तापमान में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
गंगोत्री के स्थानीय निवासियों का कहना है कि रात के समय तापमान इतना गिर जाता है कि आग के पास बैठना भी नाकाफी साबित हो रहा है।

मुनस्यारी में रिकॉर्ड तोड़ सर्दी
पिथौरागढ़ जिले का मुनस्यारी क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार यहाँ की ठंड ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों दोनों को चौंका दिया है। मुनस्यारी में तापमान -11°C तक पहुँचने से सुबह के वक्त खेतों में पाले की सफेद चादर बिछी नजर आती है। व्यापारियों का कहना है कि ठंड की वजह से बाजार जल्दी बंद हो रहे हैं और पर्यटक होटलों के कमरों में ही रहने को मजबूर हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी: शुष्क रहेगा मौसम
मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के निदेशक के अनुसार, “फिलहाल राज्य में कोई नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय नहीं है, जिसके कारण अगले एक हफ्ते तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।”
विशेषज्ञों का कहना है: “जब आसमान साफ होता है और हवा में नमी कम होती है, तो सतह की गर्मी तेजी से अंतरिक्ष में चली जाती है, जिससे न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट आती है। इसे ‘रेडिएशनल कूलिंग’ कहते हैं। यही कारण है कि बिना बर्फबारी के भी सूखी ठंड (Dry Cold) बढ़ गई है।”

कृषि और स्वास्थ्य पर असर
- किसानों की चिंता: लगातार गिरते पारे और पाले की वजह से मटर, आलू और गोभी की फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है।
- स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ: स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। अत्यधिक ठंड से हाइपोथर्मिया और श्वसन संबंधी रोगों का खतरा बढ़ गया है।
उत्तराखंड के ये नौ शहर आज अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और कड़ाके की ठंड के मामले में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थलों को चुनौती दे रहे हैं। प्रशासन ने ऊंचे इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए पर्याप्त ईंधन और राशन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। यदि आप भी इन दिनों उत्तराखंड की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो भारी ऊनी कपड़ों और थर्मल गियर के साथ ही घर से निकलें।








