Uttarakhand Weather Update News: उत्तराखंड में फरवरी के उत्तरार्ध में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। ताजा पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानों में बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। जहां विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में करीब 6 इंच तक ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है, वहीं पिथौरागढ़ और नैनीताल समेत प्रदेश के सात जिलों में झमाझम बारिश ने ठंड को एक बार फिर से जीवंत कर दिया है।

धामों का नजारा: केदारनाथ और बद्रीनाथ हुए ‘बर्फिस्तान’
बुधवार रात से शुरू हुए हिमपात ने उच्च हिमालयी क्षेत्रों को पूरी तरह सफेद चादर में लपेट दिया है।
- केदारनाथ धाम: बाबा केदार की नगरी में लगातार बर्फबारी हो रही है। मंदिर प्रांगण से लेकर पैदल मार्गों तक करीब 6 इंच से अधिक बर्फ जम चुकी है। तापमान शून्य से नीचे (-15°C तक) पहुँच गया है, जिससे पुनर्निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
- बद्रीनाथ धाम: भगवान बद्री विशाल का धाम भी बर्फ से लद गया है। बद्रीनाथ की चोटियां और मंदिर के गुंबद चांदी की तरह चमक रहे हैं। यहाँ करीब 3 से 4 इंच तक बर्फ गिरने की सूचना है।
- अन्य क्षेत्र: इसके अलावा हेमकुंड साहिब, गंगोत्री, यमुनोत्री और मुनस्यारी की ऊंची चोटियों पर भी सीजन का भारी हिमपात हुआ है।

मैदानों का हाल: 7 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि
पहाड़ों में हो रही बर्फबारी का सीधा असर निचले इलाकों में देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के 7 प्रमुख जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है:
- पिथौरागढ़: सीमांत जिले में मूसलाधार बारिश के साथ ऊं पर्वत और आदि कैलाश क्षेत्र में बर्फबारी हुई है।
- नैनीताल: सरोवर नगरी में सुबह से बादल छाए रहे और दोपहर बाद हुई रिमझिम बारिश ने पर्यटकों के चेहरे खिला दिए, लेकिन स्थानीय लोगों के लिए ठिठुरन बढ़ गई है।
- अन्य जिले: चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, बागेश्वर और अल्मोड़ा में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। कई इलाकों में ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी खबरें हैं, जिससे फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
तापमान में भारी गिरावट और जनजीवन पर असर
बारिश और बर्फबारी के कारण उत्तराखंड के अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। देहरादून, पंतनगर और हरिद्वार जैसे मैदानी क्षेत्रों में भी ठंडी हवाओं ने दस्तक दी है।
- सड़कें बाधित: उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण कुछ संपर्क मार्ग अस्थायी रूप से बाधित हुए हैं। प्रशासन ने जेसीबी मशीनों को तैनात किया है ताकि रास्तों को साफ रखा जा सके।
- चारधाम यात्रा की तैयारी: प्रशासन इस बर्फबारी पर पैनी नजर रख रहा है क्योंकि 22 अप्रैल 2026 को केदारनाथ और 23 अप्रैल 2026 को बद्रीनाथ के कपाट खुलने हैं। मार्ग साफ करने का काम बर्फ रुकते ही शुरू किया जाएगा।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों तक प्रदेश में मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है। 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और निचले इलाकों में गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। विभाग ने पर्यटकों को ऊंचे इलाकों में जाने से पहले मौसम की जानकारी लेने की सलाह दी है।

उत्तराखंड में सक्रिय हुए ताजा पश्चिमी विक्षोभ के कारण केदारनाथ धाम में भारी बर्फबारी हुई है, जिससे पूरी केदारपुरी 6 इंच से अधिक मोटी सफेद चादर से ढक गई है। मंदिर प्रांगण, नंदी की मूर्ति और आसपास की चोटियाँ पूरी तरह बर्फबारी की आगोश में हैं, जिससे वहाँ का नजारा अत्यंत दिव्य और अलौकिक हो गया है।
बर्फबारी के चलते तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे गिर गया है, जिससे पुनर्निर्माण कार्यों में बाधा आई है। केदारनाथ के साथ-साथ बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में भी हिमपात हुआ है, जबकि निचले इलाकों जैसे नैनीताल और पिथौरागढ़ में बारिश से ठिठुरन बढ़ गई है।
उत्तराखंड के लिए यह बर्फबारी जहां पर्यटन के लिहाज से सुखद है, वहीं खेती और आम जनजीवन के लिए चुनौतीपूर्ण। केदारनाथ और बद्रीनाथ का यह अलौकिक श्वेत रूप भक्तों को आकर्षित कर रहा है, लेकिन बढ़ते हिमपात के बीच सावधानी ही बचाव है।








