नई दिल्ली | 19 जनवरी, 2026 भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच के रिश्तों में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति, महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, एक संक्षिप्त लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण आधिकारिक यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे। यह यात्रा केवल राजनयिक शिष्टाचार नहीं, बल्कि दुनिया के दो सबसे तेजी से बढ़ते आर्थिक केंद्रों के बीच “पीढ़ीगत निरंतरता” और गहरे रणनीतिक भरोसे का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रोटोकॉल तोड़कर भव्य स्वागत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यक्तिगत केमिस्ट्री और दोनों देशों के बीच के विशेष संबंधों का सम्मान करते हुए, प्रोटोकॉल तोड़कर पालम हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद का स्वागत किया। राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनकी तीसरी और पिछले दशक में पांचवीं भारत यात्रा है। यह उच्च-स्तरीय सक्रियता दर्शाती है कि भारत और यूएई अब केवल व्यापारिक साझेदार नहीं, बल्कि एक-दूसरे की सुरक्षा और प्रगति के अनिवार्य स्तंभ बन चुके हैं।
प्रमुख उपलब्धियां: $200 बिलियन का साहसिक लक्ष्य
द्विपक्षीय वार्ता का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) की सफलता रही। वित्त वर्ष 2024-25 में आपसी व्यापार के $100 अरब के आंकड़े को पार करने के बाद, दोनों नेताओं ने अब 2032 तक $200 अरब का नया व्यापार लक्ष्य निर्धारित किया है।

1. ऊर्जा सुरक्षा और SHANTI कानून
यूएई ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा में अपनी भूमिका को और पुख्ता किया है। ADNOC गैस और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के बीच 10 साल के LNG आपूर्ति समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत 2028 से प्रति वर्ष 0.5 मिलियन टन गैस की आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

इसके अतिरिक्त, हाल ही में भारत में पारित ‘शांति’ (SHANTI – Sustainable Harnessing and Advancement of Nuclear Energy for Transforming India) कानून के तहत नागरिक परमाणु सहयोग को नई दिशा दी गई:
- स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (SMRs) के विकास में साझेदारी।
- परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के संचालन और रखरखाव में तकनीकी सहयोग।

2. गुजरात के ‘धोलेरा’ में मेगा निवेश
“मेक इन इंडिया” अभियान को जबरदस्त बल देते हुए, यूएई ने गुजरात के धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (SIR) के विकास में रणनीतिक भागीदारी का निर्णय लिया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में शामिल होंगे:
- एक अत्याधुनिक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और पायलट ट्रेनिंग स्कूल।
- ग्रीनफील्ड पोर्ट और रेलवे कनेक्टिविटी का विस्तार।
- स्मार्ट अर्बन टाउनशिप और विशाल ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर।

3. रक्षा और अंतरिक्ष: नई सीमाएं
दोनों देशों ने एक रणनीतिक रक्षा साझेदारी ढांचे पर काम करने का फैसला किया है। साथ ही, भारतीय अंतरिक्ष संस्थान IN-SPACe और यूएई स्पेस एजेंसी के बीच एक समझौता हुआ है, जिसका लक्ष्य संयुक्त अंतरिक्ष मिशन और सैटेलाइट निर्माण फैक्ट्रियां स्थापित करना है।
पश्चिम एशिया की शांति और क्षेत्रीय स्थिरता
यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका ‘गाजा शांति योजना’ (Phase 2) को आगे बढ़ा रहा है। I2U2 और BRICS के सदस्य के रूप में, भारत और यूएई ने क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा की। दोनों नेताओं ने गाजा के पुनर्निर्माण और शासन के लिए एक “राष्ट्रीय समिति” की आवश्यकता पर बल दिया।

43 लाख भारतीयों का मजबूत सेतु
अंत में, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति जायद ने 43 लाख भारतीय प्रवासियों के योगदान को सराहा, जो यूएई की जनसंख्या का लगभग 35% हैं। शिक्षा के क्षेत्र में IIT दिल्ली-अबू धाबी और IIM अहमदाबाद-दुबई परिसरों का उद्घाटन इस शैक्षणिक और सांस्कृतिक एकीकरण का जीवंत प्रमाण है।
“हमारा रिश्ता सिर्फ व्यापार के बारे में नहीं है; यह साझा मूल्यों और हमारे युवाओं के साझा भविष्य के बारे में है,” प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त बयान के दौरान कहा।

यहाँ भी पढ़े: चांदी की ऐतिहासिक छलांग: पहली बार ₹3 लाख के पार, निवेशकों में भारी उत्साह









