बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर चल रहे सस्पेंस को खत्म करते हुए महागठबंधन (राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस और अन्य सहयोगी दल) ने आखिरकार राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव को अपना मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित कर दिया है। आज (23 अक्टूबर 2025) पटना में आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बिहार चुनाव के लिए पार्टी पर्यवेक्षक अशोक गहलोत ने इसकी आधिकारिक घोषणा की।
गहलोत ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ नेताओं की सहमति से यह फैसला लिया गया है कि तेजस्वी यादव महागठबंधन के सीएम उम्मीदवार होंगे। उन्होंने तेजस्वी यादव को एक युवा और दूरदर्शी नेता बताते हुए कहा कि जनता उन्हें पूरा समर्थन देगी क्योंकि उनके पास बिहार के विकास के लिए एक विजन और ब्लूप्रिंट है। इसके साथ ही, वीआईपी (विकासशील इंसान पार्टी) प्रमुख मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया गया है। गहलोत ने यह भी संकेत दिया कि सरकार बनने पर अन्य सहयोगी दलों से भी कुछ और उप-मुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं।
इस घोषणा के बाद तेजस्वी यादव ने महागठबंधन के सभी नेताओं, खासकर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपनी पार्टी का नारा दोहराते हुए कहा कि महागठबंधन का उद्देश्य केवल सरकार बनाना नहीं, बल्कि “बिहार बनाना” है। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने जो काम 20 साल में नहीं किया, महागठबंधन की सरकार उसे 20 महीने में पूरा करके दिखाएगी।
मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित होने के बाद तेजस्वी यादव ने सत्तारूढ़ एनडीए पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान का हवाला देते हुए एनडीए से सवाल किया कि जब महागठबंधन ने अपना चेहरा घोषित कर दिया है, तो एनडीए यह क्यों नहीं बता रही कि उनका मुख्यमंत्री उम्मीदवार कौन होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी नीतीश कुमार के साथ अन्याय कर रही है और उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री नहीं बनाना चाहती। वहीं, इस घोषणा पर जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने तंज कसते हुए इसे ‘जंगल राज’ की वापसी बताया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छिड़ गई है। कुल मिलाकर, तेजस्वी यादव को सीएम चेहरा बनाए जाने से महागठबंधन अब एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में है।









