<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" >

<channel>
	<title>papar leak &#8211; MDANO NEWS</title>
	<atom:link href="https://mdanonews.com/tag/papar-leak/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://mdanonews.com</link>
	<description>Latest Hindi News &#38; Updates</description>
	<lastBuildDate>Sat, 25 Jul 2026 15:45:34 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.0.2</generator>

<image>
	<url>https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2025/12/cropped-MDANO-ICON-512x512-px-32x32.png</url>
	<title>papar leak &#8211; MDANO NEWS</title>
	<link>https://mdanonews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>UTU paper leak News: यूटीयू पेपर लीक पर सियासत तेज़, कांग्रेस ने मांगा शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत का इस्तीफा</title>
		<link>https://mdanonews.com/uttarakhand-utu-paper-leak-congress-protest-news/</link>
					<comments>https://mdanonews.com/uttarakhand-utu-paper-leak-congress-protest-news/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[MDANO Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 25 Jul 2026 15:45:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[latest hindi news]]></category>
		<category><![CDATA[latest news]]></category>
		<category><![CDATA[Mdano news]]></category>
		<category><![CDATA[news in hindi]]></category>
		<category><![CDATA[news update]]></category>
		<category><![CDATA[papar leak]]></category>
		<category><![CDATA[today news]]></category>
		<category><![CDATA[Uttarakhand]]></category>
		<category><![CDATA[UTU]]></category>
		<category><![CDATA[UTU paper leak]]></category>
		<category><![CDATA[धन सिंह रावत]]></category>
		<category><![CDATA[यूटीयू पेपर लीक]]></category>
		<category><![CDATA[समाचार अपडेट]]></category>
		<category><![CDATA[हिंदी में समाचार]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://mdanonews.com/?p=24567</guid>

					<description><![CDATA[UTU paper leak News: देवभूमि उत्तराखंड, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक चेतना के लिए पूरे विश्व में विख्यात है,]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">UTU paper leak News: देवभूमि उत्तराखंड, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक चेतना के लिए पूरे विश्व में विख्यात है, पिछले कुछ समय से प्रतियोगी और शैक्षणिक परीक्षाओं की शुचिता को लेकर लगातार चर्चा में बनी हुई है। भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के मामलों ने प्रदेश के युवाओं के मन में एक गहरा असंतोष भर दिया है। जब भी किसी परीक्षा का प्रश्नपत्र समय से पहले बाजार में या सोशल मीडिया पर तैरने लगता है, तो वह केवल एक परीक्षा प्रणाली की नाकामी नहीं होती, बल्कि लाखों युवाओं के सपनों और उनके वर्षों के अनवरत परिश्रम पर पानी फेरने जैसा होता है। हाल ही में राजधानी देहरादून स्थित उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (UTU) की सम-सेमेस्टर परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने का मामला सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में अचानक भूचाल आ गया है। यद्यपि पुलिस और प्रशासन का यह दावा है कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है, लेकिन विपक्ष इस पूरे मामले को लेकर सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठा रहा है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर से यह बहस छेड़ दी है कि क्या राज्य में लागू किए गए कड़े कानूनों के बावजूद नकल माफिया और परीक्षा प्रणाली से जुड़े संदिग्ध तत्व अब भी बेखौफ हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>यूटीयू पेपर लीक प्रकरण और असिस्टेंट प्रोफेसर की गिरफ्तारी</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय में आयोजित सम-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान जब प्रश्नपत्र परीक्षा से पूर्व ही छात्रों तक पहुंच गया, तो शिक्षा जगत के साथ-साथ प्रशासनिक तंत्र में भी हड़कंप मच गया। मामले की प्राथमिक जानकारी मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच की प्रक्रिया शुरू की और स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस को औपचारिक शिकायत सौंपी। देहरादून की प्रेमनगर कोतवाली में दर्ज मुकदमे के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच को आगे बढ़ाया। जांच के दौरान साक्ष्यों की कड़ियां जोड़ते हुए दून पुलिस ने शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, झाझरा के असिस्टेंट प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी प्रोफेसर पर आरोप है कि उसने ८ जुलाई को आयोजित परीक्षा से ठीक पहले महत्वपूर्ण प्रश्नों को व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से कुछ चुनिंदा छात्रों के बीच साझा किया था। जब परीक्षा समाप्त होने के उपरांत मूल प्रश्नपत्र का मिलान उन डिजिटल संदेशों से किया गया, तो प्रश्नों में पाई गई अत्यधिक समानता ने इस बात पर मुहर लगा दी कि गोपनीयता भंग की जा चुकी थी।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>डिजिटल साक्ष्य, व्हाट्सएप ग्रुप और जांच का बढ़ता दायरा</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा गठित आंतरिक जांच समिति ने भी अपनी रिपोर्ट में माना कि परीक्षा शुरू होने से पूर्व ही विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों पर समान प्रश्नपत्र तैर रहे थे। पुलिस ने आरोपी के पास से मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं, जिन्हें तकनीकी जांच और डेटा रिकवरी के लिए भेजा गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि क्या यह केवल एक शिक्षक और कुछ छात्रों के बीच का लेन-देन था, या फिर इसके पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ है जो लंबे समय से विश्वविद्यालय की परीक्षाओं को प्रभावित कर रहा था। फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से हटाए गए संदेशों और कॉल डिटेल्स को खंगाला जा रहा है ताकि इस नेटवर्क में शामिल अन्य संभावित चेहरों के नकाब उतारे जा सकें। हालांकि इस गिरफ्तारी के बाद भी छात्रों और राजनीतिक गलियारों में यह डर सता रहा है कि क्या केवल एक प्रोफेसर की बलि देकर पूरे मामले की लीपापोती तो नहीं कर दी जाएगी।</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="512" height="384" src="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/07/image-176.png" alt="image 176" class="wp-image-24578" style="width:790px;height:auto" srcset="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/07/image-176.png 512w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/07/image-176-300x225.png 300w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/07/image-176-150x113.png 150w" sizes="(max-width: 512px) 100vw, 512px" /><figcaption class="wp-element-caption">photo X उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय</figcaption></figure>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>विश्वविद्यालय परिसर के बाहर कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">इस पूरे मामले के सार्वजनिक होते ही राज्य का प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस पूरी तरह आक्रामक मोड में आ गया। शनिवार को देहरादून स्थित उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के बाहर कांग्रेस ने एक विशाल और जोरदार प्रदर्शन का आयोजन किया। इस प्रदर्शन में पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में तकनीकी शिक्षा से जुड़े छात्र और स्थानीय युवा भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का आक्रोश इतना अधिक था कि उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के समक्ष घंटों तक सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पूरा परिसर &#8216;नकल माफिया को संरक्षण देना बंद करो&#8217; और &#8216;युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ नहीं चलेगा&#8217; जैसे नारों से गूंज उठा। मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी, जिसके कारण परिसर के आसपास का माहौल पूरे दिन बेहद तनावपूर्ण बना रहा।</p>



<div class="wp-block-columns is-layout-flex wp-container-core-columns-is-layout-8f761849 wp-block-columns-is-layout-flex">
<div class="wp-block-column is-layout-flow wp-block-column-is-layout-flow" style="flex-basis:100%">
<figure class="wp-block-video"><video height="392" style="aspect-ratio: 848 / 392;" width="848" controls src="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Video-2026-07-25-at-3.58.26-PM-1.mp4"></video><figcaption class="wp-element-caption">uttarakhand Congress Protest</figcaption></figure>
</div>
</div>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>गणेश गोदियाल का आक्रामक नेतृत्व और दिग्गजों की मौजूदगी</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">इस महाप्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने किया। उनके साथ मंच और मैदान में पार्टी के कई बड़े राजनीतिक चेहरे भी कंधे से कंधा मिलाकर खड़े दिखाई दिए। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह तथा प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना सहित पार्टी के कई विधायकों और पदाधिकारियों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया। गणेश गोदियाल ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूटीयू पेपर लीक मामले को भी पहले दबाने और छिपाने का भरसक प्रयास किया गया था। यदि छात्र और विपक्ष लगातार इस मुद्दे को नहीं उठाते, तो शायद यह मामला भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता। गोदियाल ने कहा कि जब तक राज्य का युवा सड़कों पर बदहाल रहेगा, तब तक कांग्रेस खामोश नहीं बैठेगी और इस अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज को और बुलंद करेगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के इस्तीफे पर अड़ी कांग्रेस</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं का मुख्य निशाना राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत रहे। कांग्रेस का तर्क है कि बार-बार राज्य की परीक्षाओं में हो रही धांधली के लिए सीधे तौर पर विभागीय नेतृत्व जिम्मेदार है। गणेश गोदियाल और हरक सिंह रावत ने अपने संबोधनों में स्पष्ट रूप से कहा कि नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उच्च शिक्षा मंत्री को तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए या फिर मुख्यमंत्री को उन्हें अविलंब पदमुक्त करना चाहिए। विपक्षी नेताओं का कहना है कि जब तक शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक निचले स्तर के अधिकारी और भ्रष्ट कर्मचारी बेखौफ होकर इस प्रकार के कारनामों को अंजाम देते रहेंगे। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं लिया और मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई, तो इस आंदोलन को राज्य के कोने-कोने में फैलाया जाएगा और राजभवन का घेराव भी किया जाएगा।</p>



<div class="wp-block-columns is-layout-flex wp-container-core-columns-is-layout-8f761849 wp-block-columns-is-layout-flex">
<div class="wp-block-column is-layout-flow wp-block-column-is-layout-flow" style="flex-basis:100%">
<figure class="wp-block-video"><video height="392" style="aspect-ratio: 848 / 392;" width="848" controls src="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Video-2026-07-25-at-3.58.26-PM.mp4"></video><figcaption class="wp-element-caption">uttarakhand Congress Protest</figcaption></figure>
</div>
</div>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>सरकार का पलटवार: &#8216;जीरो टॉलरेंस&#8217; नीति और कड़े कानूनों का हवाला</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">दूसरी ओर, राज्य सरकार और भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के इन आरोपों को पूरी तरह से राजनीतिक रूप से प्रेरित और हताशा का परिणाम बताया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए दोहराया कि उनकी सरकार युवाओं के भविष्य और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर पूरी तरह से गंभीर है। सरकार किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या धांधली को बर्दाश्त नहीं करने की &#8216;जीरो टॉलरेंस&#8217; नीति पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री का कहना है कि जैसे ही यूटीयू में प्रश्नपत्र से जुड़ी अनियमितता की बात सामने आई, तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए और २४ घंटे के भीतर आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर को सलाखों के पीछे भेज दिया गया। सरकार का तर्क है कि राज्य में देश का सबसे सख्त नकलरोधी कानून लागू है, जिसके तहत अब तक १०० से अधिक नकल माफियाओं और उनके सहयोगियों को जेल भेजा जा चुका है, जो इस बात का प्रमाण है कि दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।</p>



<div class="wp-block-columns is-layout-flex wp-container-core-columns-is-layout-8f761849 wp-block-columns-is-layout-flex">
<div class="wp-block-column is-layout-flow wp-block-column-is-layout-flow" style="flex-basis:100%">
<figure class="wp-block-video"><video height="392" style="aspect-ratio: 848 / 392;" width="848" controls src="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Video-2026-07-25-at-3.58.25-PM-7.mp4"></video><figcaption class="wp-element-caption">uttarakhand Congress Protest</figcaption></figure>
</div>
</div>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>बेरोजगारी का दंश, छात्रों की चिंता और &#8216;मिशन २०२७&#8217; की बिसात</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय का यह प्रकरण केवल एक शैक्षणिक संस्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य के लाखों युवाओं की उस पीड़ा से जुड़ा है जो बेरोजगारी और अनिश्चित भविष्य से जूझ रहे हैं। परीक्षाओं की तिथियों का टलना, परिणाम में देरी और फिर पेपर लीक की खबरें युवाओं के मनोबल को तोड़ने का काम करती हैं। यही कारण है कि आगामी विधानसभा चुनाव यानी &#8216;मिशन २०२७&#8217; की तैयारी में जुटी राजनीतिक पार्टियों के लिए यह मुद्दा बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण बन चुका है। कांग्रेस जहां इस मुद्दे के जरिए राज्य के युवा मतदाताओं को अपने पाले में करने और सरकार को बैकफुट पर धकेलने की रणनीति पर काम कर रही है, वहीं सत्ताधारी दल यह साबित करने में लगा है कि उसकी कार्रवाई त्वरित, पारदर्शी और निर्णायक है। युवाओं का मानना है कि राजनीति से ऊपर उठकर एक ऐसा स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए जिससे भविष्य में किसी भी परीक्षा की गोपनीयता पर कोई सवाल न उठ सके।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><a href="https://mdanonews.com/cjp-calls-off-protest-dharmendra-pradhan-resignation/">Dharmendra Pradhan Resigns: युवाओं के आंदोलन की बड़ी जीत, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा</a></p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>आंदोलन के और तेज होने के आसार और प्रशासनिक चुनौती</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">विश्वविद्यालय परिसर के बाहर हुए इस उग्र प्रदर्शन के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि आने वाले दिनों में यह विवाद आसानी से शांत होने वाला नहीं है। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह केवल एक गिरफ्तारी से संतुष्ट होने वाली नहीं है। पार्टी की मांग है कि इस पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या फिर उच्च न्यायालय के सेवारत अथवा सेवानिवृत्त न्यायाधीश की देखरेख में कराई जानी चाहिए ताकि उन सभी सफेदपोश लोगों के चेहरे बेनकाब हो सकें जो नकल माफिया को शह देते हैं। दूसरी तरफ, पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती यह है कि वह जल्द से जल्द अपनी जांच पूरी करे और अदालत में ऐसे मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत करे जिससे दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिल सके। यदि जांच की गति धीमी पड़ती है या किसी प्रकार की ढिलाई बरती जाती है, तो विपक्षी दलों को सरकार को घेरने का एक और बड़ा अवसर मिल जाएगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>निष्कर्ष: संस्थागत सुधार और प्रशासनिक शुचिता की महती आवश्यकता</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय में हुआ यह पेपर लीक मामला राज्य के संपूर्ण शैक्षणिक और प्रशासनिक ढांचे के लिए एक गंभीर चेतावनी है। यह घटना दर्शाती है कि केवल कड़े कानून बना देना ही किसी समस्या का अंतिम समाधान नहीं है, बल्कि उन कानूनों का धरातल पर कड़ाई से और बिना किसी पक्षपात के पालन कराया जाना सबसे अधिक आवश्यक है। शैक्षणिक संस्थानों को राजनीति और भ्रष्टाचार के प्रभाव से मुक्त रखना होगा ताकि प्रदेश के प्रतिभावान और मेहनती छात्रों का विश्वास व्यवस्था पर बना रहे। यदि परीक्षाएं इसी प्रकार विवादों के घेरे में आती रहीं, तो राज्य के युवाओं के भीतर से प्रतिस्पर्धा और योग्यता की भावना को गहरा आघात पहुंचेगा। समय की मांग है कि सरकार और प्रशासन पारदर्शी व्यवस्था का निर्माण करें, जांच को उसके तार्किक अंजाम तक पहुंचाएं और यह सुनिश्चित करें कि भविष्य में देवभूमि की पावन धारा पर शिक्षा के मंदिर इस प्रकार के घोटालों और विवादों से कलंकित न हों।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://mdanonews.com/uttarakhand-utu-paper-leak-congress-protest-news/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		<enclosure url="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Video-2026-07-25-at-3.58.26-PM-1.mp4" length="5687437" type="video/mp4" />
<enclosure url="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Video-2026-07-25-at-3.58.26-PM.mp4" length="8062305" type="video/mp4" />
<enclosure url="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Video-2026-07-25-at-3.58.25-PM-7.mp4" length="8701751" type="video/mp4" />

		<media:content url="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Video-2026-07-25-at-3.58.26-PM-1.mp4" medium="video" width="848" height="392">
			<media:player url="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Video-2026-07-25-at-3.58.26-PM-1.mp4" />
			<media:title type="plain">papar leak - MDANO NEWS</media:title>
			<media:thumbnail url="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/07/News-4.jpg" />
			<media:rating scheme="urn:simple">nonadult</media:rating>
		</media:content>
	</item>
	</channel>
</rss>
