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Raghav Chadha Controversy News: राघव चड्ढा की उपनेता पद से छुट्टी और पार्टी के भीतर ‘खामोश जंग’ का पूरा सच

On: April 3, 2026 4:54 PM
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Raghav Chadha vs Aam Aadmi Party ये बात कहना अब आम सा लग रहा है, क्योंकि राजनीतिक गलियारों में इसको लेकर चर्चाएं बेहद तेज हो गई है।
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Raghav Chadha vs Aam Aadmi Party ये बात कहना अब आम सा लग रहा है, क्योंकि राजनीतिक गलियारों में इसको लेकर चर्चाएं बेहद तेज हो गई है। बता दें कि गुरुवार को, लगभग एक साल से चल रही यह आंतरिक कलह आखिरकार तब फूट पड़ी जब आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता के पद से हटाकर उन्हें पदावनत कर दिया। लेकिन असली झटका सिर्फ यह बदलाव नहीं था, बल्कि राज्यसभा सचिवालय से यह अनुरोध करना था कि चड्ढा को पार्टी के आधिकारिक कोटे से बोलने का समय न दिया जाए।

राजनीति के ‘पोस्टर बॉय’ की बदलती राहें

Raghav Chadha Controversy News In Hindi: आम आदमी पार्टी (AAP) के सबसे युवा और चर्चित चेहरों में से एक, राघव चड्ढा, इन दिनों अपनी ही पार्टी के भीतर हाशिए पर जाते दिख रहे हैं। अप्रैल 2026 के ताजा घटनाक्रमों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। एक समय अरविंद केजरीवाल के सबसे भरोसेमंद रणनीतिकार और राज्यसभा में पार्टी की बुलंद आवाज माने जाने वाले राघव चड्ढा को अब पार्टी के भीतर ही कड़े फैसलों का सामना करना पड़ रहा है।

ताजा विवाद: राज्यसभा उपनेता पद से हटाया जाना

अप्रैल 2026 की सबसे बड़ी खबर यह है कि आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में डिप्टी लीडर (उपनेता) के पद से हटा दिया है। उनकी जगह अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह केवल एक पद का परिवर्तन नहीं है, बल्कि इसके पीछे के संकेतों ने ‘आप’ के भीतर गहरी दरार की पुष्टि कर दी है।

Raghav Chadha Highlights: Aam Aadmi Party MP Rajya Sabha, Ashok Mittal,  Arvind Kejriwal
raghav chadha video Photo X

राघव चड्ढा विवाद के मुख्य बिंदु कुछ इस प्रकार के है

  1. बोलने के समय पर रोक: पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को आधिकारिक तौर पर पत्र लिखकर सूचित किया है कि अब राघव चड्ढा को ‘आप’ के कोटे से सदन में बोलने का समय न दिया जाए। यह किसी भी सांसद के लिए राजनीतिक रूप से बड़ा झटका माना जाता है।
  2. पार्टी लाइन से दूरी: रिपोर्ट्स के अनुसार, शराब नीति मामले में जब अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को अदालती राहत मिली, तब राघव चड्ढा की रहस्यमयी चुप्पी ने नेतृत्व को नाराज कर दिया। जहाँ पूरी पार्टी जश्न मना रही थी, वहीं राघव ने सोशल मीडिया पर कोई सक्रियता नहीं दिखाई।
  3. बीजेपी से ‘कथित’ नजदीकियां: राजनीतिक चर्चाएं यह भी हैं कि राघव चड्ढा धीरे-धीरे बीजेपी के कुछ शीर्ष नेताओं के संपर्क में हैं, हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन उनकी “खामोशी” को पार्टी नेतृत्व ने “बगावत” के तौर पर देखा है।

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पुराना विवाद: फर्जी हस्ताक्षर और निलंबन का साया

राघव चड्ढा का विवादों से नाता नया नहीं है। साल 2023 के दौरान उन पर विशेषाधिकार हनन (Privilege Motion) का गंभीर आरोप लगा था।

  • मामला क्या था? राज्यसभा में दिल्ली सेवा विधेयक के दौरान पांच सांसदों ने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा ने उनकी सहमति के बिना एक प्रस्ताव पर उनके जाली हस्ताक्षर किए थे।
  • परिणाम: इस विवाद के चलते उन्हें लंबे समय तक राज्यसभा से निलंबित रहना पड़ा। हालांकि बाद में उन्होंने माफी मांगी और कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद उनकी सदस्यता बहाल हुई, लेकिन इस घटना ने उनकी संसदीय छवि पर एक दाग जरूर लगाया।

निजी जीवन और ‘ब्रांड राघव’ का उदय

पार्टी के भीतर एक शिकायत यह भी रही है कि राघव चड्ढा अब “संगठन की आवाज” बनने के बजाय अपना “पर्सनल ब्रांड” बनाने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।

  • बॉलीवुड कनेक्शन: अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा से शादी के बाद राघव की लाइफस्टाइल और मीडिया कवरेज में बड़ा बदलाव आया। पार्टी के कुछ पुराने नेताओं का मानना है कि राघव अब जमीनी राजनीति से दूर होकर ग्लैमर की दुनिया की तरफ ज्यादा झुक गए हैं।
  • बेटे ‘नीर’ का जन्म: हाल ही में अक्टूबर 2025 में राघव और परिणीति के बेटे नीर का जन्म हुआ। इसके बाद राघव ने संसद में ‘पैटरनिटी लीव’ (पितृत्व अवकाश) की मांग उठाई, जिसकी चर्चा तो खूब हुई लेकिन इसे भी पार्टी की मुख्य राजनीतिक लाइन से अलग एक व्यक्तिगत पहल के रूप में देखा गया।

पार्टी की अंदरूनी कलह: क्या ‘आप’ में होगा बिखराव?

राघव चड्ढा को साइडलाइन करना यह दर्शाता है कि आम आदमी पार्टी अब किसी भी ऐसे नेता को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है जो केजरीवाल की लाइन से अलग चले। संजय सिंह जैसे नेताओं ने सार्वजनिक रूप से इन सवालों को टाला है, लेकिन राज्यसभा में राघव के पर कतरे जाना यह साफ करता है कि नेतृत्व अब अशोक मित्तल और अन्य वफादारों पर अधिक भरोसा कर रहा है।

निष्कर्ष:

राघव चड्ढा फिलहाल एक राजनीतिक दोराहे पर खड़े हैं। एक तरफ उनका शानदार करियर और चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) वाली तेज तर्रार छवि है, तो दूसरी तरफ अपनी ही पार्टी के भीतर पैदा हुआ अविश्वास। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या राघव पार्टी के भीतर अपनी वापसी कर पाते हैं या फिर उनकी राजनीतिक राहें हमेशा के लिए अलग हो जाएंगी।

अब कुछ देर पहले ही उन्होंने अपने द्वारा उठाए गए मुद्दों को लेकर एक और कलिप साझा की है। वो ये है…

(For more news apart from Raghav Chadha Controversy News in hindi, stay tuned to Mdano News In Hindi)

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