पंजाब में कड़ाके की ठंड और घनी धुंध के प्रकोप को देखते हुए राज्य सरकार ने स्कूलों के समय और छुट्टियों को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। दिसंबर 2025 के मध्य में मौसम के बिगड़ते मिजाज ने न केवल आम जनजीवन को प्रभावित किया है, बल्कि स्कूली बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए भी नई चुनौतियाँ पेश की हैं।
पंजाब स्कूल समय परिवर्तन: सर्दी का सितम और नई समय सारिणी
पंजाब में दिसंबर के महीने में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। सुबह के समय छाई घनी धुंध (Dense Fog) के कारण दृश्यता (Visibility) शून्य के करीब पहुँच गई है, जिससे सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए पंजाब के शिक्षा विभाग और मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने स्कूलों के समय में बदलाव लागू किया है।

1. वर्तमान समय सारिणी (नवंबर से लागू)
पंजाब सरकार ने पहले ही 1 नवंबर 2025 से शीतकालीन समय लागू कर दिया था, जो फरवरी के अंत तक प्रभावी रहने वाला है:

- प्राइमरी स्कूल: सुबह 9:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक।
- मिडल, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूल: सुबह 9:00 बजे से दोपहर 3:20 बजे तक।
2. समय में और देरी की मांग
दिसंबर के मध्य में बढ़ती ठंड और कोहरे को देखते हुए, विभिन्न शिक्षक संघों और ‘कर्मचारी एकता संघर्ष कमेटी’ ने सरकार से मांग की है कि स्कूलों के खुलने का समय सुबह 10:00 बजे किया जाए। शिक्षकों का तर्क है कि सुबह 9 बजे भी धुंध इतनी अधिक होती है कि दूर-दराज के गांवों से आने वाले बच्चों और अध्यापकों के लिए यात्रा करना असुरक्षित है।
शीतकालीन अवकाश (Winter Vacation) 2025-26 की घोषणा
ठंड की गंभीरता को देखते हुए पंजाब शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त स्कूलों के लिए सर्दियों की छुट्टियों का आधिकारिक शेड्यूल जारी कर दिया है।

छुट्टियों का विवरण:
| विवरण | तारीख |
| छुट्टियों की शुरुआत | 24 दिसंबर 2025 |
| अंतिम दिन | 31 दिसंबर 2025 |
| स्कूल खुलने की तिथि | 1 जनवरी 2026 |
नोट: कुछ जिलों में स्थानीय प्रशासन मौसम की गंभीरता के आधार पर इन छुट्टियों को 10 जनवरी 2026 तक बढ़ाने पर विचार कर सकता है, जैसा कि हालिया रिपोर्टों में संकेत दिया गया है।
यह खबरें भी देखिए: हिमाचल पहुंची चालदा महासू महाराज की ऐतिहासिक प्रवास यात्रा का में प्रवेश
इस बदलाव के पीछे के मुख्य कारण
पंजाब सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा समय में बदलाव और छुट्टियों की घोषणा के पीछे निम्नलिखित तीन बड़े कारण हैं:
- स्वास्थ्य और सुरक्षा: छोटे बच्चों को ठंडी हवाओं (Cold Wave) से बचाना प्राथमिकता है। कड़ाके की ठंड के कारण बच्चों में निमोनिया, सर्दी-खांसी और बुखार जैसी बीमारियाँ तेजी से फैलती हैं।
- सड़क सुरक्षा: पंजाब के राजमार्गों और ग्रामीण सड़कों पर सुबह के समय धुंध के कारण दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। समय को सुबह 9 बजे या उसके बाद करने से दृश्यता में सुधार होता है, जिससे स्कूल वैन और शिक्षकों की यात्रा सुरक्षित होती है।
- शिक्षक संघों का दबाव: लगातार गिरते पारे के बीच, शिक्षकों ने मांग की थी कि जब तक कोहरा कम नहीं होता, तब तक स्कूलों के समय को और लचीला बनाया जाए।

अभिभावकों और छात्रों के लिए निर्देश
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश राज्य के सभी बोर्डों (PSEB, CBSE, ICSE) से संबद्ध स्कूलों पर समान रूप से लागू होंगे।
- अभिभावक ध्यान दें: धुंध वाले दिनों में बच्चों को गर्म कपड़ों में ही स्कूल भेजें।
- स्कूल प्रबंधन: निजी स्कूलों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे सरकारी आदेशों का उल्लंघन न करें, अन्यथा उन पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
यह खबरें भी देखिए: हिमाचल पहुंची चालदा महासू महाराज की ऐतिहासिक प्रवास यात्रा का में प्रवेश
पंजाब में मौसम का मिजाज देखते हुए आने वाले दिनों में समय में और भी बदलाव संभव हैं। फिलहाल, 24 दिसंबर से शुरू होने वाली छुट्टियां छात्रों के लिए बड़ी राहत लेकर आएंगी। सरकार का यह कदम “शिक्षा के साथ सुरक्षा” के सिद्धांत पर आधारित है।

यह खबरें भी देखिए: धर्मेंद्र की मृत्यु के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आए सनी देओल हुए भावुक













