पिथौरागढ़ ई ऑफिस प्रणाली की शुरुआत के साथ जिले के सभी सरकारी विभागों में प्रशासनिक कामकाज डिजिटल हो गया है।
पिथौरागढ़ जिले में प्रशासनिक कामकाज को सरल, तेज और पारदर्शी बनाने के लिए सभी सरकारी विभागों में ई-ऑफिस व्यवस्था शुरू कर दी गई है। अब विकास कार्यों से जुड़ी सभी फाइलें कागजों में नहीं, बल्कि डिजिटल माध्यम से एक क्लिक में संबंधित अधिकारी तक अप्रूवल के लिए पहुंचेंगी। इससे फाइलों के अटकने और अनावश्यक देरी की समस्या खत्म होगी।
जिलाधिकारी आशीष भटगाई ने कहा कि ई-ऑफिस से कार्यों में तेजी आएगी और पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही इससे जनता को बेहतर सेवाएं मिलेंगी और प्रशासनिक व्यवस्था अधिक जवाबदेह बनेगी।
ई-ऑफिस प्रणाली में हर फाइल का ऑनलाइन पंजीकरण होता है, जिसके बाद वह संबंधित अधिकारी और वरिष्ठ अधिकारियों तक क्रमवार डिजिटल रूप से भेजी जाती है। फाइल पर हुई हर कार्रवाई सिस्टम में सुरक्षित रहती है, जिससे कभी भी उसकी जानकारी देखी जा सकती है।
जिला सूचना विज्ञान अधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि इस व्यवस्था में आम नागरिक भी अपनी फाइल की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे और यह जान पाएंगे कि फाइल किस स्तर पर लंबित है।
गौरतलब है कि उत्तराखंड सरकार वर्तमान में डिजिटल उत्तराखंड पर जोर दे रही है। इसका मकसद आम जनता को एक क्लिक के जरिए विभागों की जानकारी और योजनाओं का लाभ आसानी से देना है।
उत्तराखंड में ई-गवर्नेंस की दिशा में कई महत्वपूर्ण योजनाएं चल रही हैं, जैसे ई-डिस्ट्रिक्ट, ई-हेल्थ, टेली मेडिसन, ई-एजुकेशन, ई-बैंकिंग और ई-नाम। इन योजनाओं के अंतर्गत प्रमाण पत्र बनाने, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, बैंकिंग और किसानों को फसल बेचने के लिए प्लेटफार्म उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अब कैबिनेट बैठकें भी ई-कैबिनेट के माध्यम से ऑनलाइन आयोजित की जा रही हैं।
ई-ऑफिस के पूर्ण कार्यान्वयन से पारदर्शिता बढ़ेगी, जवाबदेही सुनिश्चित होगी और डेटा की सुरक्षा में भी वृद्धि होगी। सभी विभागों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि वे अगले साल पहली जनवरी तक ई-ऑफिस प्रणाली को अपनाएं।
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