पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के उत्तरी वजीरिस्तान में अफगान सीमा के पास स्थित एक सैन्य शिविर पर शुक्रवार को हुए आत्मघाती हमले में कम से कम सात पाकिस्तानी सैनिक शहीद हो गए। इस भीषण हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने ली है, जो इस क्षेत्र में पाकिस्तान सुरक्षा बलों पर लगातार हमले कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, मीर अली जिले में आतंकवादियों ने एक समन्वित हमला किया। पहले एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से लदे एक वाहन को सैन्य शिविर की चारदीवारी से टकरा दिया, जिससे एक बड़ा धमाका हुआ। इस धमाके के कारण बनी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर, तीन अन्य आतंकवादी गोलीबारी करते हुए शिविर में घुसने की कोशिश करने लगे।
सुरक्षा बलों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की और शिविर में घुसने की कोशिश कर रहे सभी हमलावरों को मार गिराया। हालांकि, आत्मघाती हमले के कारण हुए विस्फोट और बाद की गोलीबारी में सात पाकिस्तानी सैनिकों ने अपनी जान गंवा दी। इस घटना ने एक बार फिर अफगानिस्तान की सीमा से सटे पाकिस्तान के सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा की नाजुक स्थिति को उजागर कर दिया है।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब कुछ ही दिन पहले पाकिस्तान और अफगान तालिबान के बीच हुई भीषण झड़पों के बाद युद्धविराम की घोषणा की गई थी, जिससे इलाके में अस्थिरता और बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। पाकिस्तानी अधिकारी इस क्षेत्र में आतंकवाद के फिर से उभरने को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त कर रहे हैं, जिसका कारण अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी के बाद टीटीपी जैसे गुटों का मजबूत होना बताया जाता है। पाकिस्तान सरकार और सेना इस बढ़ते आंतरिक सुरक्षा संकट से निपटने के लिए रणनीति बनाने में जुटी है।










