Mussoorie New rules for entry of tourist vehicles news In Hindi: मसूरी/देहरादून: उत्तराखंड की ‘पहाड़ों की रानी’ मसूरी अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए दुनिया भर में मशहूर है, लेकिन हाल के वर्षों में यहाँ ट्रैफिक जाम और अत्यधिक भीड़ एक बड़ी समस्या बनकर उभरी है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन और लंढौर छावनी परिषद (Landour Cantonment Board) ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। 1 अप्रैल 2026 से मसूरी के कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में पर्यटक वाहनों के प्रवेश के लिए नए कड़े नियम लागू किए जा रहे हैं।
क्या है नया नियम? (500 वाहनों की सीमा)
प्रशासन के नए आदेश के अनुसार, 1 अप्रैल से मसूरी के लंढौर छावनी क्षेत्र में प्रतिदिन केवल 500 पर्यटक वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। यह सीमा इसलिए तय की गई है ताकि क्षेत्र की संकरी सड़कों पर वाहनों का दबाव कम किया जा सके और पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय निवासियों को घंटों लंबे जाम से मुक्ति मिल सके।
बिना रजिस्ट्रेशन नहीं मिलेगी एंट्री
नए नियमों के तहत, केवल उन वाहनों को ही शहर के भीतर जाने दिया जाएगा जिनका पूर्व-पंजीकरण (Pre-registration) पोर्टल पर हो चुका होगा। 15 अप्रैल से ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी तरह अनिवार्य कर दी जाएगी। बिना क्यूआर कोड (QR Code) या वैध रजिस्ट्रेशन स्लिप के, पर्यटक वाहनों को चेकपोस्ट से ही वापस लौटा दिया जाएगा।
रजिस्ट्रेशन कैसे करें? (Step-by-Step Guide)
पर्यटकों की सुविधा के लिए उत्तराखंड पर्यटन विभाग ने एक समर्पित पोर्टल संचालित किया है। पंजीकरण की प्रक्रिया इस प्रकार है:
- आधिकारिक वेबसाइट: पर्यटकों को registrationtouristcare.uk.gov.in पर जाना होगा।
- विवरण भरें: यहाँ आपको अपना नाम, मोबाइल नंबर, वाहन का नंबर, रुकने की अवधि और होटल बुकिंग का विवरण देना होगा।
- OTP वेरिफिकेशन: मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी के जरिए सत्यापन करना होगा।
- QR कोड प्राप्त करें: सफल रजिस्ट्रेशन के बाद एक यूनिक क्यूआर कोड जनरेट होगा, जिसे आपको अपने फोन में सुरक्षित रखना होगा या प्रिंट लेना होगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
इस कड़े कदम के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण हैं:
- अत्यधिक भीड़ (Over-tourism): आंकड़ों के अनुसार, साल 2022 से 2024 के बीच मसूरी आने वाले पर्यटकों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। 2024 में यहाँ 21 लाख से अधिक पर्यटक पहुँचे।
- NGT के निर्देश: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने मसूरी की ‘वहन क्षमता’ (Carrying Capacity) को लेकर चिंता जताई थी और सरकार को भीड़ नियंत्रित करने के निर्देश दिए थे।
- जाम की समस्या: वीकेंड और छुट्टियों के दौरान देहरादून-मसूरी मार्ग पर 2-3 किलोमीटर लंबा जाम आम बात हो गई है, जिससे आपातकालीन सेवाओं (जैसे एम्बुलेंस) को भारी दिक्कत होती है।
होटल और स्थानीय लोगों के लिए विशेष प्रावधान
- स्थानीय निवासी: लंढौर और मसूरी के स्थानीय निवासियों को इस सीमा से बाहर रखा गया है। उनके लिए प्रशासन द्वारा विशेष ‘पास’ जारी किए जाएंगे ताकि उन्हें दैनिक आवाजाही में दिक्कत न हो।
- होटल बुकिंग: जिन पर्यटकों ने पहले से होटल बुक कर रखा है, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी, लेकिन होटल मालिकों को भी अपने मेहमानों का विवरण पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य होगा।
- एंट्री फीस: कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में प्रवेश के लिए मामूली पंजीकरण शुल्क या पर्यावरण शुल्क भी देना पड़ सकता है।
पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
यदि आप अप्रैल के बाद मसूरी जाने की योजना बना रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:
- अपनी यात्रा से कम से कम एक सप्ताह पहले रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करें।
- कोशिश करें कि वीकेंड के बजाय वर्किंग डेज (सोमवार-गुरुवार) में यात्रा करें।
- सार्वजनिक परिवहन या स्थानीय टैक्सियों का उपयोग करें, जिससे पार्किंग की समस्या से बचा जा सके।
मसूरी प्रशासन का यह फैसला शुरुआत में पर्यटकों के लिए थोड़ी असुविधाजनक लग सकता है, लेकिन लंबी अवधि में यह ‘पहाड़ों की रानी’ के अस्तित्व को बचाने और पर्यटन के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक है। व्यवस्थित पर्यटन से न केवल पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, बल्कि पर्यटकों को भी सुकून भरी छुट्टियां बिताने का मौका मिलेगा।

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