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उत्तराखंड: मनरेगा के मुद्दे पर सड़क पर उतरेगी कांग्रेस, प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने बताई रणनीति

On: January 8, 2026 3:39 PM
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मनरेगा मुद्दे पर कांग्रेस
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मनरेगा मुद्दे पर कांग्रेस ने 10 जनवरी से प्रेस वार्ता, अनशन और धरना—मनरेगा बचाने के लिए प्रदेशव्यापी अभियान चलाएगी कांग्रेस

एक तरफ सरकार जी राम जी के मसले पर अपनी पीठ थपथपा रही है। बीते मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद मीडिया से रूबरू होकर जी राम जी को बेहतरीन कदम बताया।

गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम: सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विकसित भारत गारंटी फार रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी अधिनियम) को गांवों के समग्र विकास की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया है। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम केवल मनरेगा का संशोधित रूप नहीं है, बल्कि ग्रामीण रोजगार नीति की व्यापक और संरचनात्मक पुनर्रचना है, जिसका उद्देश्य गांवों को आत्मनिर्भर, सशक्त और सुरक्षित बनाना है।

यहाँ भी पढ़े: उत्तराखंड: अंकिता भंडारी मामले में हर जांच को तैयार सरकार- सीएम धामी

वहीं आज कांग्रेस ने इस मामले पर सरकार को जमकर घेरा

कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा आज देहरादून पहुंचीं जहां उन्होंने कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर आगे की रणनीति बनाई।

कुमारी शैलजा ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मनरेगा जैसी योजना, जिसने देश के करोड़ों गरीब और जरूरतमंद लोगों को रोजगार देने का काम किया, उसे खत्म करने का फैसला भाजपा सरकार ने कर लिया है। कांग्रेस अब केंद्र सरकार की मनरेगा विरोधी नीतियों को लेकर जनता के बीच जाएगी और इसके दुष्परिणामों से लोगों को अवगत कराएगी।

10 जनवरी से प्रदेशभर में कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार

कुमारी शैलजा ने बताया कि जनवरी से फरवरी के बीच प्रदेश के सभी जिलों में चरणबद्ध तरीके से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसकी शुरुआत 10 जनवरी की हर जिले में प्रेस वार्ता से की जाएगी। 11 जनवरी को जिला स्तर पर एक दिन का अनशन किया जाएगा। इसके बाद 29 जनवरी तक पंचायत स्तर पर चौपालों का आयोजन कर मनरेगा से जुड़े मुद्दों और जनहित पर पड़ने वाले असर को जनता के सामने रखा जाएगा। इसके साथ ही 30 जनवरी को वार्ड स्तर पर धरना दिया जाएगा, जबकि 31 जनवरी से 6 फरवरी तक पूरे प्रदेश में मनरेगा बचाओ धरना आयोजित किया जाएगा। कुमारी शैलजा ने बताया कि 7 फरवरी से 15 फरवरी के बीच विधानसभा घेराव किया जाएगा हालांकि अभी इसकी तारीख तय नहीं की गई है।

मनरेगा मुद्दे पर कांग्रेस-mdanonews
मनरेगा मुद्दे पर कांग्रेस का प्रदेशव्यापी आंदोलन |Source-FB-Kumari Selja & inc.in

प्रेस नोट

मनरेगा और अंकिता भंडारी प्रकरण पर कांग्रेस का तीखा हमला

मनरेगा की आत्मा को ख़त्म करना चाहती है सरकार। यहाँ एक अंकिता नहीं कई अंकिता का सवाल है न्याय की लड़ाई लड़ने की ज़िम्मेदारी राजनैतिक दल की है और हम वो लड़ेंगेः- कुमारी सैलजा

आज उत्तराखंड दौरे के दौरान प्रेस को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं प्रदेश कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि आज प्रदेश की राजनैतिक मामलों की समिति की बैठक थी जिसमे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई जिसमें महत्वपूर्ण रूप से मनरेगा और अंकिता भंडारी प्रकरण शामिल हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार मनरेगा की आत्मा को खत्म करना चाहती है। यहाँ सिर्फ़ नाम बदलने का मुद्दा नहीं है यहाँ बात अधिकारो को ख़त्म करने की है मनरेगा एक मांग-आधारित रोजगार का कानूनी अधिकार था, जिसमें सरकार काम देने के लिए बाध्य थी। नया कानून इसे एक आपूर्ति-आधारित योजना बनाता है, जहाँ काम की उपलब्धता केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित बजट और मापदंडों पर निर्भर करेगी, यह मापदंड प्रधानों के अधिकारों को ख़त्म कर देगा, पॉवर का विकेंद्रीकरण का स्वरूप ख़त्म हो जाएगा,मूल योजना में श्रम लागत का लगभग 90ः केंद्र सरकार वहन करती थी। नए कानून में अधिकांश राज्यों के लिए यह अनुपात 60रू40 कर दिया गया है (पूर्वाेत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए 90रू10)। यह बदलाव राज्यों पर भारी वित्तीय बोझ डालेगा, जिससे वे काम उपलब्ध कराने से हतोत्साहित होंगे।नया कानून राज्यों को चरम कृषि मौसम के दौरान 60 दिनों तक काम रोकने की अनुमति देता है, ताकि खेतों में मजदूरों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। इससे मजदूरों की सौदेबाजी की शक्ति कम होगी और वे जमींदारों पर निर्भर होने के लिए मजबूर होंगे। पहले यह एक रोजगार गारंटी योजना थी अब ये रोजगार ना मिलना गारंटी है, उन्होंने बताया की पूरे देश में इन बदलावों को लेकर विरोध किया जाएगा जिसमे हर प्रदेश में ये एक योजना बद्ध तरीके से आयोजित होगा जिसमे एक ड्राफ्ट तैयार होगा पंपलेट जिसमे इसकी कमियां उजागर होगी जो लोकल भाषा में भी ट्रांसलेट होगा और उसे लोगों तक पहुंचाया जाएगा, पूरे प्रदेश में 10 जनवरी को जिलेवार प्रेस वार्ता का आयोजन किया जाएगा,11 जनवरी को धरना होगा जो गांधी जी या बाबा साहेब की प्रतिमा के समझ होगा, 12 जनवरी से 29 फरवरी तक चरणबद्ध तरीके से पंचायत स्तर पर चौपालों का आयोजन किया जाएगा।

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