Maharashtra Dy CM Ajit Pawar Plane Crash Tragedy News In Hindi: महाराष्ट्र की राजनीति में ‘अजित दादा’ के नाम से मशहूर और राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की बुधवार सुबह एक भीषण विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब उनका चार्टर्ड प्लेन पुणे जिले के बारामती हवाई अड्डे पर लैंडिंग की कोशिश कर रहा था। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने पुष्टि की है कि इस विमान में सवार सभी 5 लोगों की मौत हो गई है।

हादसे की पूरी कहानी: सुबह 8:45 बजे थमीं सांसें
अजित पवार बुधवार सुबह करीब 7:00 बजे मुंबई से एक निजी चार्टर्ड विमान (Learjet 45XR) के जरिए बारामती के लिए रवाना हुए थे। उन्हें वहां 5 फरवरी को होने वाले जिला परिषद चुनावों के सिलसिले में चार महत्वपूर्ण रैलियों को संबोधित करना था।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह लगभग 8:45 बजे जब विमान बारामती एयरपोर्ट के रनवे के पास पहुँचा, तो वह काफी शोर कर रहा था। लैंडिंग के दौरान विमान अपना संतुलन खो बैठा और रनवे से फिसलकर एक बड़े धमाके के साथ दुर्घटनाग्रस्त हो गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि विमान में तुरंत भीषण आग लग गई। स्थानीय निवासी और सुरक्षा कर्मी बाल्टियां लेकर आग बुझाने दौड़े, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि विमान पूरी तरह जलकर खाक हो गया।
मृतकों की पहचान और राजकीय शोक
हादसे में अजित पवार के साथ उनके एक निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO), एक सहायक और चालक दल के दो सदस्य (पायलट और को-पायलट) सवार थे। अधिकारियों के अनुसार, शव इतनी बुरी तरह जल चुके थे कि उनकी पहचान करना मुश्किल था। अंततः अजित पवार की पहचान उनके कपड़ों और उनकी घड़ी से की गई।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और महाराष्ट्र में तीन दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा, “यह महाराष्ट्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है। हमने एक ऐसा नेता खो दिया है जो प्रशासन पर अपनी पकड़ और जनसेवा के लिए जाना जाता था।”
अंतिम संदेश और राजनीतिक प्रतिक्रिया
हैरानी की बात यह है कि हादसे से महज कुछ मिनट पहले, सुबह 8:57 बजे अजित पवार ने सोशल मीडिया (X) पर पंजाब केसरी लाला लाजपत राय को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनका आखिरी सार्वजनिक संदेश होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और गृह मंत्री अमित शाह ने भी ट्वीट कर संवेदनाएं व्यक्त की हैं। पीएम मोदी ने उन्हें एक ‘कर्मठ जननेता’ बताया। वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घटना पर संदेह जताते हुए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है।
जांच के घेरे में ‘ब्लैक बॉक्स’
हादसे के प्राथमिक कारणों के रूप में खराब दृश्यता (Low Visibility) को देखा जा रहा है। बारामती हवाई अड्डे पर उन्नत नेविगेशन एड्स की कमी है, और बताया जा रहा है कि उस समय दृश्यता घटकर केवल 800 मीटर रह गई थी। DGCA और विमानन मंत्रालय की टीमें मौके पर पहुँच चुकी हैं। विमान का ‘ब्लैक बॉक्स’ बरामद कर लिया गया है, जिससे हादसे की असली वजह (तकनीकी खराबी या मानवीय भूल) का पता चल सकेगा।

अजित पवार अपने पीछे पत्नी सुनेत्रा पवार और दो बेटों को छोड़ गए हैं। उनका अंतिम संस्कार बारामती में ही होने की संभावना है, जहाँ हजारों समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा है।
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अजित पवार: महाराष्ट्र की सियासत के ‘पावर हाउस’
अजित पवार का चार दशक लंबा राजनीतिक सफर बेहद प्रभावशाली और उतार-चढ़ाव भरा रहा। उन्होंने 1982 में एक सहकारी चीनी मिल से शुरुआत की और 1991 में पहली बार बारामती से सांसद बने। हालांकि, जल्द ही उन्होंने राज्य की राजनीति का रुख किया और सात बार विधायक चुने गए।
प्रशासन पर अपनी मजबूत पकड़ और बेबाक अंदाज के लिए मशहूर ‘दादा’ ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में रिकॉर्ड कार्यकाल संभाला। कृषि, वित्त और जल संसाधन मंत्रालयों में उनके द्वारा किए गए कार्यों ने उन्हें एक कुशल प्रशासक के रूप में स्थापित किया। अपने चाचा शरद पवार की छत्रछाया से निकलकर, उन्होंने 2023 में अपनी अलग राजनीतिक राह चुनी और NCP के अध्यक्ष बने। उनका सफर सत्ता के गलियारों में हमेशा केंद्र बिंदु बना रहा।








