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LCA Tejas Mk-2: भारतीय वायुसेना के लिए बड़ी खुशखबरी, जून-जुलाई में पहली उड़ान

On: January 8, 2026 4:47 PM
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भारतीय रक्षा क्षेत्र और वायुसेना (Indian Air Force) के लिए नए साल की शुरुआत एक बड़ी और उत्साहजनक खबर के साथ हुई है।
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भारतीय रक्षा क्षेत्र और वायुसेना (Indian Air Force) के लिए नए साल की शुरुआत एक बड़ी और उत्साहजनक खबर के साथ हुई है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने पुष्टि की है कि भारत का बहुप्रतीक्षित स्वदेशी लड़ाकू विमान LCA (Light Combat Aircraft) Mk-2 इस साल जून या जुलाई महीने में अपनी पहली उड़ान (Maiden Flight) भरने के लिए तैयार है। यह घोषणा न केवल ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के लिए एक मील का पत्थर है, बल्कि यह भारतीय वायुसेना की घटती स्क्वाड्रन ताकत को मजबूती देने की दिशा में एक निर्णायक कदम भी है।

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DRDO प्रमुख का बड़ा बयान: इंतजार की घड़ियां खत्म

DRDO प्रमुख ने हाल ही में मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि LCA Mk-2 का विकास कार्य अंतिम चरणों में है और सब कुछ योजना के मुताबिक चल रहा है। उन्होंने कहा, “LCA Mk-2 का प्रोटोटाइप लगभग तैयार है। हम इसके सिस्टम इंटीग्रेशन और जमीनी परीक्षणों (Ground Tests) को तेजी से पूरा कर रहे हैं। अगर सब कुछ सही रहा, तो हम उम्मीद कर रहे हैं कि जून या जुलाई 2026 में यह विमान आसमान में अपनी पहली दहाड़ लगाएगा।”

यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि LCA Mk-2 प्रोजेक्ट को अक्सर देरी की आशंकाओं से देखा जाता रहा है, खासकर इंजन की आपूर्ति को लेकर। लेकिन अब DRDO के शीर्ष अधिकारी की पुष्टि ने इन आशंकाओं पर विराम लगा दिया है।

GE-F414 इंजन: विमान का दिल

LCA Mk-2 की सबसे बड़ी खासियत इसका शक्तिशाली इंजन है। जहां मौजूदा तेजस Mk-1 और Mk-1A में GE-F404 इंजन का इस्तेमाल होता है, वहीं Mk-2 में अधिक शक्तिशाली अमेरिकी GE-F414 इंजन लगाया जाएगा।

गौरतलब है कि भारत और अमेरिका के बीच इस इंजन के भारत में ही निर्माण (Transfer of Technology – ToT) को लेकर ऐतिहासिक समझौता हो चुका है। DRDO प्रमुख ने संकेत दिया है कि इंजन की आपूर्ति और इंटीग्रेशन का काम सुचारू रूप से चल रहा है, जो विमान की समय पर उड़ान सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। यह इंजन विमान को अधिक थ्रस्ट (Thrust) प्रदान करेगा, जिससे यह भारी हथियारों के साथ लंबी दूरी तक उड़ान भर सकेगा।

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तेजस Mk-1 से कैसे अलग है Mk-2? (गेम चेंजर फीचर्स)

अक्सर लोग तेजस Mk-1 और Mk-2 को एक जैसा समझते हैं, लेकिन वास्तविकता में Mk-2 एक पूरी तरह से नया और उन्नत विमान है। इसे MWF (Medium Weight Fighter) श्रेणी में रखा गया है।

  1. आकार और वजन: Mk-2 आकार में तेजस Mk-1A से बड़ा है और इसकी पेलोड क्षमता (हथियार ले जाने की क्षमता) भी ज्यादा है। यह करीब 6.5 टन तक के हथियार ले जा सकता है।
  2. रेंज और एंड्योरेंस: नए इंजन और बड़े फ्यूल टैंक के कारण Mk-2 की कॉम्बैट रेंज (युद्धक क्षमता) और हवा में टिकने की क्षमता काफी अधिक होगी।
  3. कैनार्ड्स (Canards): डिजाइन के मामले में सबसे बड़ा बदलाव ‘कैनार्ड्स’ का जुड़ना है। कॉकपिट के पास लगे ये छोटे पंख विमान को हवा में बेहतरीन पैंतरेबाजी (Maneuverability) करने की क्षमता देते हैं।
  4. एडवांस्ड रडार: इसमें स्वदेशी ‘उत्तम’ AESA रडार का उन्नत संस्करण लगाया जाएगा, जो एक साथ कई दुश्मनों को ट्रैक कर उन पर हमला करने में सक्षम होगा।
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A Tejas fighter aircraft performing manoeuvres during an airshow/ File Photo

पुराने विमानों का विकल्प: मिराज और जगुआर की लेगा जगह

भारतीय वायुसेना को इस वक्त नए लड़ाकू विमानों की सख्त जरूरत है। वायुसेना के बेड़े में मौजूद जगुआर (Jaguar), मिराज-2000 (Mirage-2000) और मिग-29 (MiG-29) जैसे विमान अगले एक-दो दशकों में रिटायर होने वाले हैं। LCA Mk-2 को विशेष रूप से इन्हीं विमानों को रिप्लेस करने के लिए डिजाइन किया गया है।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि Mk-2 भविष्य में भारतीय वायुसेना की रीढ़ बनेगा। सरकार ने पहले ही इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 10,000 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है, और वायुसेना ने कम से कम 6 स्क्वाड्रन (करीब 108-120 विमान) खरीदने में रुचि दिखाई है।

Indian warplane crashes at Dubai Airshow, killing pilot
India’s home-grown Tejas fighter jet performing at the Dubai Airshow © Giuseppe CACACE / AFP

आगे की राह: उत्पादन और इंडक्शन

जून-जुलाई 2026 में पहली उड़ान के बाद, विमान को कई कड़े परीक्षणों से गुजरना होगा। इसमें अलग-अलग मौसम, ऊंचाई और हथियार प्रणालियों के साथ उड़ान भरना शामिल है। उम्मीद की जा रही है कि सभी परीक्षण पूरे होने के बाद, 2029-30 तक इसका बड़े पैमाने पर उत्पादन (Mass Production) शुरू हो जाएगा और यह वायुसेना में शामिल होना शुरू हो जाएगा।

यह प्रोजेक्ट हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) के लिए एक बड़ी परीक्षा है। अगर समय पर डिलीवरी होती है, तो यह भारत को लड़ाकू विमान बनाने वाले चुनिंदा देशों की सूची में और ऊपर ले जाएगा।

Indian Air Force Tejas Fighter Jet Crashes at Dubai Airshow | Aviation  International News
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LCA Mk-2 की पहली उड़ान की खबर ने रक्षा गलियारों में नई ऊर्जा भर दी है। यह न केवल तकनीक के क्षेत्र में भारत की बढ़ती धमक का सबूत है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि भारत अब अपनी सुरक्षा जरूरतों के लिए विदेशों पर निर्भरता कम कर रहा है। अब पूरे देश की नजरें जून-जुलाई पर टिकी हैं, जब यह स्वदेशी ‘बाहुबली’ पहली बार आसमान को छुएगा।

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