काशीपुर किसान आत्महत्या मामला उत्तराखंड की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गया है। इस घटना को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
काशीपुर किसान आत्महत्या मामले पर कांग्रेस का तीखा हमला
उत्तराखंड के काशीपुर में एक युवा किसान द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोला है। आज नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य इस मामले को लेकर मीडिया से मुखातिब हुए और किसान की आत्महत्या को धामी सरकार की निर्दयी, संवेदनहीन और किसान-विरोधी व्यवस्था का सबसे भयावह प्रमाण करार दिया । आर्य की माने तो यह केवल आत्महत्या नहीं है, बल्कि पुलिस-प्रशासन की प्रताड़ना और सत्ता के अहंकार द्वारा एक मजबूर किसान की हत्या है।
कांग्रेस ने कहा कि काशीपुर किसान आत्महत्या मामला सरकार की संवेदनहीनता को उजागर करता है।
काशीपुर किसान आत्महत्या मामले को लेकर कांग्रेस का आंदोलन
उत्तराखंड कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने आज कांग्रेस मुख्यालय में मौजूद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस घटना से एक पूरा परिवार उजड़ गया, घर का चिराग बुझ गया, मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया छिन गया और एक सुहागन की मांग उजड़ गई। यह सिर्फ एक किसान की मौत नहीं है, बल्कि धामी सरकार की अमानवीय नीतियों का परिणाम है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार द्वारा केवल चौकी प्रभारी समेत कुछ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर देना इस जघन्य अपराध पर पर्दा डालने की कोशिश है। यह कार्रवाई पूरी तरह नाकाफी है।

यशपाल आर्य ने मांग की:
- इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराई जाए।
- दोषी पुलिस अधिकारियों पर हत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज हो।
- मृतक किसान के परिवार को तत्काल 50 लाख रुपये का मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
- किसान उत्पीड़न में लिप्त अधिकारियों को तत्काल बर्खास्त किया जाए।
आर्य ने कहा कि उत्तराखंड कांग्रेस इस किसान के परिवार को न्याय दिलाने के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी और दोषियों को बेनकाब कर के रहेगी।”
गौरतलब है कि बीते रोज उधमसिंहननगर के एक किसान ने हल्द्वानी में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। बताया जा रहा है कि किसान लैंड फ्रॉड से परेशान था।पुलिस के चक्कर लगाने पर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही थी।
की चूक पर गिरी गाज
इस मामले में थाना अध्यक्ष कुंदन सिंह रौतेला को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. वहीं, सब-इंस्पेक्टर प्रकाश बिष्ट को भी निलंबन का सामना करना पड़ा है. इसके अलावा लापरवाही के आरोप में कई पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है ।
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