मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली नॉन-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC), जियो फाइनेंशियल सर्विसेज (JFSL) ने 15 जनवरी, 2026 को वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3FY26) के अपने वित्तीय परिणाम घोषित किए हैं। इन नतीजों में कंपनी के प्रदर्शन के दो अलग-अलग पहलू सामने आए हैं: जहाँ एक तरफ कंपनी के शुद्ध मुनाफे में सालाना आधार पर गिरावट दर्ज की गई है, वहीं दूसरी ओर इसके रेवेन्यू (आय) में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है।
वित्तीय प्रदर्शन के मुख्य आंकड़े
दिसंबर 2025 को समाप्त हुई इस तिमाही में जियो फाइनेंशियल सर्विसेज का कंसॉलिडेटेड शुद्ध मुनाफा (Net Profit) सालाना आधार पर 9% घटकर 268.98 करोड़ रुपये रह गया है। पिछले साल की इसी समान तिमाही (Q3FY25) में कंपनी ने 294.78 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था।
मुनाफे में इस कमी के पीछे मुख्य कारण कंपनी के खर्चों में हुई भारी बढ़ोतरी को माना जा रहा है। समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी का कुल खर्च बढ़कर 566 करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही के 131 करोड़ रुपये के मुकाबले 333% की वृद्धि दर्शाता है। विशेष रूप से, ‘फाइनेंस कॉस्ट’ (वित्त लागत) जो पिछले साल शून्य थी, इस बार 212 करोड़ रुपये रही है।
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आय में तूफानी तेजी: रेवेन्यू हुआ डबल
मुनाफे में गिरावट के बावजूद, कंपनी की परिचालन आय (Revenue from Operations) ने शानदार प्रदर्शन किया है:
- कुल आय (Total Income): कंपनी की कुल आय सालाना आधार पर 101% बढ़कर 901 करोड़ रुपये हो गई है, जो पिछले साल 449 करोड़ रुपये थी।
- ब्याज आय (Interest Income): लेंडिंग बुक में विस्तार के कारण ब्याज से होने वाली आय 140% बढ़कर 504 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है।
- फीस और कमीशन: अन्य सेवाओं से होने वाली आय में 394% की वृद्धि हुई और यह 182 करोड़ रुपये रही।

बिजनेस सेगमेंट और एसेट क्वालिटी
जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के विभिन्न व्यावसायिक खंडों ने भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं:
| पैरामीटर | Q3 FY26 के आंकड़े | प्रगति |
| Assets Under Management (AUM) | ₹19,049 करोड़ | सालाना आधार पर 4.5 गुना की वृद्धि |
| जियो पेमेंट बैंक डिपॉजिट | ₹507 करोड़ | 32 लाख ग्राहकों का आधार |
| नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) | ₹165 करोड़ | सालाना 166% की बढ़त |
कंपनी का प्री-प्रोविजनिंग ऑपरेटिंग प्रॉफिट (PPOP) भी 7.3% बढ़कर 354 करोड़ रुपये रहा है। इसके अलावा, ब्लैकस्टोन (BlackRock) के साथ मिलकर कंपनी एसेट मैनेजमेंट और वेल्थ मैनेजमेंट के क्षेत्र में भी तेज़ी से विस्तार कर रही है।
बाजार की प्रतिक्रिया और निष्कर्ष
नतीजों की घोषणा के समय जियो फाइनेंशियल के शेयर लगभग ₹287.30 के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। हालांकि मुनाफे में 9% की गिरावट एक चिंता का विषय हो सकती है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि आय में हुई 100% से अधिक की वृद्धि और लोन बुक (AUM) का विस्तार यह दर्शाता है कि कंपनी अपनी शुरुआती निवेश और विस्तार की अवस्था में है, जिसका दीर्घकालिक प्रभाव सकारात्मक हो सकता है।

मुकेश अंबानी कौन हैं?
मुकेश अंबानी भारत के सबसे प्रमुख और सफल व्यवसायी हैं, जो रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। 19 अप्रैल 1957 को यमन में जन्मे मुकेश, रिलायंस के संस्थापक धीरूभाई अंबानी के सबसे बड़े पुत्र हैं।
व्यावसायिक उपलब्धियां

उनके नेतृत्व में रिलायंस ने पेट्रोकेमिकल्स और ऊर्जा के अपने पारंपरिक व्यवसाय से आगे बढ़कर टेलीकॉम (Jio) और रिटेल जैसे क्षेत्रों में क्रांति ला दी है। रिलायंस जियो ने भारत के डिजिटल परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है। हाल ही में, उन्होंने गुजरात में स्वच्छ ऊर्जा और किफायती AI सेवाओं के लिए 7 लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है, जिसमें जामनगर में भारत का सबसे बड़ा AI-रेडी डेटा सेंटर बनाना शामिल है।

नेटवर्थ और वैश्विक पहचान
जनवरी 2026 तक, मुकेश अंबानी भारत के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं, जिनकी कुल संपत्ति लगभग $99.9 अरब से $105 अरब के बीच है। वे न केवल एशिया के सबसे धनी व्यक्तियों में शुमार हैं, बल्कि दुनिया के सबसे प्रभावशाली व्यापारिक नेताओं में से भी एक हैं।
वह अपनी पत्नी नीता अंबानी और तीन बच्चों—आकाश, ईशा और अनंत—के साथ मुंबई स्थित अपने प्रसिद्ध आवास ‘एंटीलिया’ में रहते हैं।













