जगतगुरु शंकराचार्य अपमान विरोध हरिद्वार में उस समय तेज हो गया, जब संत समाज ने शंकराचार्य मठ से प्रशासन के खिलाफ खुला विरोध दर्ज कराया।
प्रयागराज माघ मेले के दौरान जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद की आग अब हरिद्वार तक पहुंच गई है। कनखल स्थित शंकराचार्य मठ में आज उनके शिष्यों और अखंड परशुराम अखाड़े ने राम नाम का कीर्तन कर प्रशासन के खिलाफ खुला विरोध दर्ज कराया। संत समाज ने इस पूरे घटनाक्रम को केवल एक संत का नहीं बल्कि संपूर्ण सनातन धर्म का अपमान करार दिया और साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी तो आंदोलन और उग्र रूप लेगा।
कीर्तन और विरोध के दौरान संतों ने आरोप लगाया कि प्रयागराज में माघ मेले जैसे पवित्र आयोजन में साधु-संतों के सम्मान की रक्षा करने में प्रशासन पूरी तरह विफल रहा। संत समाज का कहना है कि शंकराचार्य की पालकी को रोका जाना, शिष्यों के साथ कथित अभद्रता और बल प्रयोग, यह सब सत्ता और प्रशासन की मानसिकता को उजागर करता है। हरिद्वार से यह साफ संदेश दिया गया कि यदि सम्मानजनक समाधान नहीं निकला तो विरोध सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं रहेगा, बल्कि सड़क से सत्ता तक गूंजेगा।संतों ने दो टूक कहा कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि सनातन परंपरा, संत मर्यादा और धार्मिक स्वतंत्रता की है। हरिद्वार की धरती से उठी यह आवाज अब योगी सरकार और प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनती नजर आ रही है।
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