Himachal Pradesh News In Hindi: हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से चल रहे सूखे (Dry Spell) का अंत होने वाला है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में आज रात से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र (IMD), शिमला ने एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभावी होने के कारण प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश की चेतावनी जारी की है।

ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने आगामी 23 जनवरी के लिए प्रदेश के कई जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। विशेष रूप से लाहौल-स्पीति, कुल्लू, चंबा, और किन्नौर के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में मध्यम से भारी हिमपात होने की संभावना है। इसके अतिरिक्त, शिमला, मंडी, कांगड़ा, ऊना, और बिलासपुर जैसे जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है, जहाँ गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है।

प्रमुख पर्यटन स्थलों पर दिखेगा असर
पर्यटन नगरी मनाली, कुफरी, नारकंडा और डलहौजी में आज देर रात से ही हल्की बर्फबारी शुरू होने की उम्मीद है। 23 जनवरी को इन क्षेत्रों में अच्छी बर्फबारी हो सकती है, जिससे पर्यटकों के चेहरे खिल उठे हैं। हालांकि, स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को ऊंचे इलाकों और जोखिम वाले रास्तों पर न जाने की सलाह दी है।
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तापमान में भारी गिरावट की संभावना
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के न्यूनतम तापमान में स्थिरता देखी गई थी, लेकिन बर्फबारी के बाद पारे में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है। वर्तमान में कुकुमसेरी और ताबो जैसे क्षेत्रों में तापमान शून्य से नीचे (-10°C तक) चल रहा है, जिसके और गिरने के आसार हैं।

प्रशासन की तैयारियां और यातायात पर प्रभाव
भारी बर्फबारी की संभावना को देखते हुए सीमा सड़क संगठन (BRO) और लोक निर्माण विभाग (PWD) को अलर्ट पर रखा गया है। अटल टनल रोहतांग और जलोड़ी पास जैसे महत्वपूर्ण मार्ग बर्फबारी के कारण बंद हो सकते हैं। प्रशासन ने हिमस्खलन (Avalanche) संभावित क्षेत्रों में जाने से बचने की सख्त हिदायत दी है।
विशेषज्ञ की राय: मौसम केंद्र शिमला के निदेशक के अनुसार, “यह पश्चिमी विक्षोभ काफी शक्तिशाली है, जिसका प्रभाव 27 जनवरी तक बना रह सकता है। इससे न केवल तापमान गिरेगा, बल्कि किसानों और बागवानों को भी बड़ी राहत मिलेगी जो लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे थे।”
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कृषि और बागवानी के लिए वरदान
हिमाचल में इस बार सर्दियों के दौरान बारिश और बर्फबारी काफी कम हुई है, जिससे सेब के बागवानों और रबी की फसल उगाने वाले किसानों की चिंता बढ़ गई थी। आज रात से शुरू होने वाली यह बर्फबारी सेब के पेड़ों के लिए आवश्यक ‘चिलिंग आवर्स’ (Chilling Hours) को पूरा करने में मदद करेगी और मिट्टी में नमी वापस लाएगी।

यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव:
- यात्रा से पहले अपडेट लें: ऊंचे इलाकों की ओर जाने से पहले स्थानीय पुलिस या आपदा प्रबंधन सेल से संपर्क करें।
- जरूरी सामान साथ रखें: कड़ाके की ठंड को देखते हुए गर्म कपड़े, जरूरी दवाएं और खाने-पीने का सामान पर्याप्त मात्रा में रखें।
- वाहन चलाने में सावधानी: बर्फबारी के दौरान फिसलन बढ़ जाती है, इसलिए सुरक्षित ड्राइविंग सुनिश्चित करें।










