Haridwar road accident News: हरिद्वार, 9 मार्च 2026: धर्मनगरी हरिद्वार के पास देहरादून-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार देर रात एक रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा सामने आया है। मोतीचूर फ्लाईओवर पर तेज रफ्तार के चलते एक के बाद एक कुल 6 वाहन आपस में भिड़ गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि दुर्घटनाग्रस्त हुई एक वैगनआर कार का CNG सिलेंडर जोरदार धमाके के साथ फट गया, जिससे देखते ही देखते कार और पास खड़ी एक रोडवेज बस आग की लपटों में घिर गई।

इस हृदयविदारक घटना में एक महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 6 बच्चों समेत 15 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को उपचार के लिए ऋषिकेश एम्स और हरिद्वार के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, हादसा रविवार रात करीब 10:30 से 11:00 बजे के बीच हुआ। बताया जा रहा है कि फ्लाईओवर पर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली और डंपर की भिड़ंत के बाद पीछे से आ रही एक रोडवेज बस, एक ट्रक और एक वैगनआर कार समेत अन्य वाहन आपस में टकराते चले गए।

टक्कर के तुरंत बाद कार में लगे CNG किट में रिसाव हुआ और देखते ही देखते उसमें ब्लास्ट हो गया। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि उन्होंने पास खड़ी बस को भी अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। गनीमत रही कि बस में सवार यात्री समय रहते बाहर निकलने में सफल रहे, वरना हताहतों का आंकड़ा और भी बड़ा हो सकता था।
महिला की दर्दनाक मौत, रेस्क्यू में आई बाधा
हादसे में जान गंवाने वाली महिला की पहचान कुसुम (30 वर्ष), निवासी नजीबाबाद (बिजनौर) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि महिला का शव एक ट्रक के नीचे बुरी तरह फंस गया था। ट्रक सीमेंट से भरा हुआ था और टक्कर के कारण उसका एयर-प्रेशर ब्रेक सिस्टम जाम हो गया, जिससे उसे हिलाना मुश्किल हो गया था। महिला के शव को निकालने के लिए प्रशासन को हाइड्रा मशीन और क्रेन बुलानी पड़ी। काफी मशक्कत के बाद देर रात करीब 1:00 बजे शव को बाहर निकाला जा सका।
घायलों की स्थिति और प्रशासन की कार्रवाई
हादसे की सूचना मिलते ही रायवाला और हरिद्वार पुलिस के साथ-साथ फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों और पुलिस ने मिलकर घायलों को जलते हुए वाहनों के पास से सुरक्षित निकाला।
- घायल: कुल 15 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें 6 मासूम बच्चे भी शामिल हैं।
- अस्पताल: घायलों का इलाज जारी है, जिनमें से 3 की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।

एसएसपी हरिद्वार ने बताया कि प्रथम दृष्टया हादसा ओवरस्पीडिंग और कोहरे या धुंध के कारण कम दृश्यता की वजह से हुआ प्रतीत होता है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और क्षतिग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटाकर यातायात सुचारू कर दिया गया है।
हाइवे पर लगा 5 किलोमीटर लंबा जाम
हादसे के बाद हरिद्वार-देहरादून हाईवे की दोनों लेन पूरी तरह ठप हो गईं। फ्लाईओवर पर जलते वाहनों और रेस्क्यू ऑपरेशन के चलते करीब 5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। कई घंटों तक यात्री अपनी गाड़ियों में फंसे रहे। पुलिस ने बाद में रूट डाइवर्ट कर छोटे वाहनों को पुराने रास्ते से निकाला।

हादसे को लेकर उठ रहे सवाल
यह हादसा एक बार फिर हाईवे पर तेज रफ्तार और वाहनों में लगी अनधिकृत CNG किटों की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगाता है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर कार में ब्लास्ट न होता, तो शायद नुकसान कम होता। फिलहाल प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को सूचित कर दिया है और घायलों को हर संभव मदद दी जा रही है।










