हरक सिंह रावत का आरोप है कि उत्तराखंड में मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष का दुरुपयोग किया जा रहा है।
पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस के उत्तराखंड चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के बंदरबांट का गंभीर आरोप लगाया है। हरक सिंह रावत ने कहा कि चंपावत और उधमसिंह नगर जनपद में मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के खर्च को लेकर सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी गई थी, जिसमें सामने आए आंकड़े चौंकाने वाले हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को हर साल मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से लगभग दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। वर्ष 2024-25 और 2025-26 में भी एक ही परिवार को बार-बार यह रकम दी गई है।
हरक सिंह रावत ने आगे कहा कि कुछ भाजपा पदाधिकारियों की पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों को भी तीन-तीन लाख, चार-चार लाख और पांच-पांच लाख रुपये तक की राशि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से दी गई है, जो कि एक बड़े घोटाले की ओर इशारा करता है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या भाजपा सरकार की जिम्मेदारी केवल अपने कार्यकर्ताओं को पालने की है? अगर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो जाए तो मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के दुरुपयोग का बड़ा मामला सामने आ सकता है।
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