दुनियाभर में साल 2025 को विदाई देने और नए साल 2026 के स्वागत का सिलसिला शुरू हो चुका है। भौगोलिक स्थिति और अलग-अलग टाइम जोन के कारण दुनिया के कुछ हिस्सों में नया साल भारत से कई घंटे पहले ही दस्तक दे चुका है। विशेष रूप से प्रशांत महासागर के द्वीपीय देशों और ओशिनिया क्षेत्र में जश्न की शुरुआत सबसे पहले हुई है।
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1. किरिबाती: दुनिया में सबसे पहले गूँजा ‘हैप्पी न्यू ईयर’
प्रशांत महासागर में स्थित छोटा सा द्वीपीय देश किरिबाती (Kiribati) हर साल दुनिया में सबसे पहले नए साल का स्वागत करता है। किरिबाती का किरितिमाती द्वीप (Kiritimati Island), जिसे ‘क्रिसमस आइलैंड’ भी कहा जाता है, वह स्थान है जहाँ 1 जनवरी की पहली किरण सबसे पहले पड़ती है।
- समय का अंतर: भारतीय समयानुसार (IST) दोपहर 3:30 बजे ही किरिबाती में आधी रात हो गई और साल 2026 का आगाज हो गया।
- जश्न का माहौल: स्थानीय लोगों ने पारंपरिक नृत्य और संगीत के साथ नए साल का स्वागत किया। हालांकि यह देश जलवायु परिवर्तन के कारण समुद्र के बढ़ते जलस्तर के खतरे का सामना कर रहा है, लेकिन यहाँ के निवासियों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी।
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2. न्यूजीलैंड: ऑकलैंड के स्काई टॉवर पर अद्भुत आतिशबाजी
किरिबाती के बाद नया साल न्यूजीलैंड पहुँचा। न्यूजीलैंड का ऑकलैंड शहर दुनिया के उन पहले प्रमुख महानगरों में शामिल है जहाँ बड़े स्तर पर सार्वजनिक जश्न मनाया जाता है।
- स्काई टॉवर का नजारा: ऑकलैंड के प्रतिष्ठित स्काई टॉवर (Sky Tower) से शानदार आतिशबाजी (Fireworks) की गई। इस बार करीब 3,500 आतिशबाजी के गोले छोड़े गए, जिससे पूरा आसमान रंग-बिरंगी रोशनी से नहा उठा।
- चैथम द्वीप: न्यूजीलैंड के मुख्य भूभाग से पहले इसके ‘चैथम आइलैंड’ पर जश्न शुरू हुआ, जो अपने अलग टाइम जोन के कारण मुख्य शहरों से 45 मिनट आगे रहता है।
3. ऑस्ट्रेलिया: सिडनी हार्बर ब्रिज पर ‘लाइट एंड साउंड’ शो
जैसे-जैसे घड़ी की सुइयां आगे बढ़ीं, ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तट पर नए साल की रौनक दिखाई देने लगी। ऑस्ट्रेलिया में सिडनी का जश्न पूरी दुनिया में मशहूर है।
- सिडनी ओपेरा हाउस: सिडनी के ओपेरा हाउस और हार्बर ब्रिज पर हर साल की तरह इस बार भी भव्य आतिशबाजी का आयोजन किया गया। लाखों की संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग इस नजारे को देखने के लिए तटों पर जमा हुए।
- शांति का संदेश: इस वर्ष सिडनी के मेयर ने जश्न के दौरान शांति और एकता का संदेश दिया। रात 9 बजे बच्चों के लिए ‘फैमिली फायरवर्क्स’ और फिर आधी रात को मुख्य शो का आयोजन किया गया।
समय सारिणी: भारत के सापेक्ष नए साल का आगमन (IST)
| देश/स्थान | भारतीय समय (31 दिसंबर) | स्थिति |
| किरिबाती (किरितिमाती) | दोपहर 3:30 बजे | सबसे पहले |
| न्यूजीलैंड (ऑकलैंड) | शाम 4:30 बजे | भव्य आतिशबाजी |
| ऑस्ट्रेलिया (सिडनी) | शाम 6:30 बजे | मशहूर हार्बर शो |
| जापान / दक्षिण कोरिया | रात 8:30 बजे | मंदिर की घंटियाँ |
दुनिया भर में नए साल का जश्न इस बात का प्रतीक है कि भले ही हमारे समय और संस्कृतियां अलग हों, लेकिन एक नई शुरुआत की उम्मीद और खुशी हम सभी को जोड़ती है। किरिबाती से शुरू हुआ यह कारवां अब धीरे-धीरे एशिया, यूरोप और अंत में अमेरिका की ओर बढ़ेगा।
भारत में नए साल 2026 के स्वागत की तैयारियां अपने चरम पर हैं। जैसे-जैसे 31 दिसंबर की शाम ढल रही है, पूरे देश में उत्सव का माहौल बनता जा रहा है। भारत में नए साल का जश्न मुख्य रूप से 31 दिसंबर की रात 12:00 बजे शुरू होगा।
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भारत में नए साल का आगाज: मुख्य बातें
भारत अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण किरिबाती, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के कुछ घंटों बाद 2026 का स्वागत करेगा।
- जश्न का समय: आज यानी 31 दिसंबर 2025 की आधी रात (12:00 AM) को भारत में आधिकारिक रूप से नए साल 2026 की शुरुआत होगी।
- प्रमुख शहरों में रौनक: दिल्ली का कनॉट प्लेस, मुंबई का गेटवे ऑफ इंडिया और मरीन ड्राइव, और बेंगलुरु का एमजी रोड जैसे स्थानों पर भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है। दिल्ली पुलिस और अन्य महानगरों के प्रशासन ने सुरक्षा और ट्रैफिक को लेकर विशेष एडवाइजरी जारी की है।
- धार्मिक शुरुआत: बहुत से लोग नए साल के पहले दिन की शुरुआत मंदिरों और गुरुद्वारों में दर्शन के साथ करते हैं।
सांस्कृतिक विविधता: हिंदू नववर्ष का अंतर

हालांकि दुनिया के साथ भारत भी 1 जनवरी को अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार नया साल मनाता है, लेकिन भारतीय संस्कृति में हिंदू नववर्ष (विक्रम संवत 2083) का आगाज इस बार 19 मार्च 2026 को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन होगा। इसी दिन से चैत्र नवरात्रि की भी शुरुआत होती है।












