Gold Silver Price Today News In Hindi: भारतीय सर्राफा बाजार में आज चांदी ने एक बार फिर निवेशकों और आम जनता को चौंका दिया है। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अस्थिरता और औद्योगिक मांग में आए अचानक उछाल के कारण चांदी की कीमतों में ₹8,000 प्रति किलोग्राम की जबरदस्त तेजी देखी गई है। इस उछाल के साथ ही घरेलू बाजार में चांदी का भाव ₹2,53,000 प्रति किलो के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।
कीमतों में इस बड़ी तेजी के मुख्य कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी की कीमतों में यह ‘रॉकेट’ जैसी तेजी किसी एक कारण से नहीं, बल्कि कई वैश्विक परिस्थितियों के एक साथ मिलने (Perfect Storm) का परिणाम है:
1. वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions)
साल 2026 की शुरुआत से ही अंतरराष्ट्रीय राजनीति में उथल-पुथल मची हुई है। ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच बढ़ते टैरिफ विवाद और ईरान के साथ बढ़ते तनाव ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की ओर भागने पर मजबूर कर दिया है। जब भी दुनिया में युद्ध या आर्थिक प्रतिबंधों का खतरा बढ़ता है, लोग डॉलर या शेयरों के बजाय सोना और चांदी खरीदना पसंद करते हैं।
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2. औद्योगिक मांग में भारी वृद्धि
चांदी अब केवल आभूषणों तक सीमित नहीं रह गई है। सोलर पैनल (TOPCon तकनीक), इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और AI चिप्स के निर्माण में चांदी का बड़े पैमाने पर उपयोग हो रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, एक इलेक्ट्रिक कार में लगभग 25 से 50 ग्राम चांदी का उपयोग होता है। भारत और चीन जैसे देशों में ‘ग्रीन एनर्जी’ की ओर बढ़ते कदमों ने चांदी की मांग को आपूर्ति (Supply) के मुकाबले कहीं अधिक बढ़ा दिया है।
3. आपूर्ति की कमी (Supply Deficit)
वैश्विक स्तर पर चांदी का खनन उस गति से नहीं बढ़ रहा है जिस गति से इसकी मांग बढ़ रही है। दुनिया के सबसे बड़े चांदी निर्यातक देशों द्वारा निर्यात पर कड़े नियंत्रण लगाने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की भारी कमी महसूस की जा रही है।
प्रमुख शहरों में आज का भाव (प्रति किलोग्राम)
| शहर | आज का भाव (₹) | कल का भाव (₹) | बढ़त (₹) |
| दिल्ली | 2,53,000 | 2,45,000 | 8,000 |
| मुंबई | 2,52,800 | 2,44,800 | 8,000 |
| चेन्नई | 2,55,500 | 2,47,500 | 8,000 |
| कोलकाता | 2,53,000 | 2,45,000 | 8,000 |
नोट: कीमतों में स्थानीय करों (GST) और मेकिंग चार्जेस के कारण मामूली अंतर हो सकता है।
क्या चांदी ₹3 लाख का आंकड़ा पार करेगी?
बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि वर्तमान स्थितियां बनी रहती हैं, तो चांदी जल्द ही ₹3,00,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को भी छू सकती है। कमोडिटी विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी वर्तमान में ‘बुल रन’ (Bull Run) में है। हालांकि, निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे ऊंचे स्तरों पर थोड़ी सावधानी बरतें क्योंकि कीमतों में अचानक मुनाफावसूली (Profit Booking) के कारण सुधार (Correction) भी आ सकता है।
विशेषज्ञों की राय:
- मनीष शर्मा (कमोडिटी एनालिस्ट): “चांदी अब केवल एक धातु नहीं बल्कि भविष्य का ‘ईंधन’ है। तकनीक और सौर ऊर्जा में इसकी बढ़ती उपयोगिता इसे सोने से भी अधिक मूल्यवान निवेश बना रही है।”
- आर्थिक सलाहकार: “लंबी अवधि के निवेशकों के लिए हर गिरावट खरीदारी का एक अच्छा मौका हो सकती है, लेकिन एकमुश्त निवेश के बजाय ‘SIP’ मोड में निवेश करना बेहतर होगा।”
निवेशकों और खरीदारों के लिए सुझाव
- शुद्धता की जांच: हमेशा हॉलमार्क वाली चांदी ही खरीदें।
- डिजिटल निवेश: फिजिकल चांदी के रखरखाव की चिंता से बचने के लिए ‘सिल्वर ईटीएफ’ (Silver ETF) या ‘डिजिटल सिल्वर’ में निवेश पर विचार करें।
- बाजार पर नजर: चूंकि कीमतें काफी उतार-चढ़ाव वाली हैं, इसलिए निवेश करने से पहले बाजार के रुझानों को बारीकी से देखें।
सोना खरीदना केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण निवेश भी है। सोने की शुद्धता और उसकी सही कीमत सुनिश्चित करने के लिए आपको इन 2 सबसे महत्वपूर्ण बातों का ध्यान अवश्य रखना चाहिए:
1. हॉलमार्किंग (Hallmarking) की जांच करें
सोना असली है या नहीं, इसे पहचानने का सबसे सटीक तरीका BIS हॉलमार्क है। भारत में अब बिना हॉलमार्क के गहने बेचना गैर-कानूनी है। खरीदते समय आभूषण पर ये तीन निशान जरूर देखें:
- BIS लोगो (Logo): यह भारतीय मानक ब्यूरो का त्रिकोणीय चिन्ह होता है।
- प्योरिटी ग्रेड (Purity Grade): सोने की शुद्धता के अनुसार उस पर कोड लिखा होता है। जैसे:
- 22K916: यानी 22 कैरेट सोना (91.6% शुद्ध)।
- 18K750: यानी 18 कैरेट सोना (75% शुद्ध)।
- HUID नंबर: यह 6 अंकों का एक अल्फ़ान्यूमेरिक कोड होता है, जो हर गहने की विशिष्ट पहचान (Unique ID) होती है। इसे आप ‘BIS CARE’ ऐप पर डालकर गहने की पूरी जानकारी चेक कर सकते हैं।

2. मेकिंग चार्ज और ‘बॉय-बैक’ पॉलिसी (Making Charges & Buy-back Policy)
अक्सर लोग केवल सोने का भाव देखते हैं, लेकिन अंतिम बिल में अन्य खर्चे जुड़ जाते हैं जो आपकी जेब पर भारी पड़ सकते हैं:
- मेकिंग चार्जेस (Making Charges): हर जौहरी के मेकिंग चार्ज अलग होते हैं (आमतौर पर 8% से 25% तक)। गहने जितने जटिल होंगे, चार्ज उतना ही अधिक होगा। खरीदारी से पहले अलग-अलग दुकानों पर मेकिंग चार्ज की तुलना जरूर करें और मोलभाव (Bargaining) करना न भूलें।
- बॉय-बैक पॉलिसी (Buy-back Policy): खरीदारी के समय ही पूछें कि यदि आप भविष्य में उसी जौहरी को वह सोना वापस बेचते हैं या बदलते हैं, तो वे कितनी कटौती करेंगे। लिखित में रसीद लें कि सोने की वापसी पर आपको मौजूदा बाजार भाव का 100% मूल्य मिलेगा (मेकिंग चार्ज काटकर)।












