Gold Silver Price News In Hindi: भारतीय सर्राफा बाजार के इतिहास में आज का दिन बेहद उथल-पुथल भरा रहा। पिछले कई दिनों से रॉकेट की रफ्तार से भाग रही सोने और चांदी की कीमतों पर शुक्रवार को अचानक ‘ब्रेक’ लग गया। महज 24 घंटे पहले जहाँ इन कीमती धातुओं ने अपने जीवनकाल के उच्चतम स्तर (All-Time High) को छुआ था, वहीं आज बाजार खुलते ही इनमें ऐसी गिरावट देखी गई जिसे विशेषज्ञ ‘बुलबुला फूटना’ करार दे रहे हैं।

चांदी में ₹93,000 की सुनामी, सोना भी ₹25,000 सस्ता
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज चांदी की कीमतों ने निवेशकों के होश उड़ा दिए। कल तक जो चांदी ₹4,20,000 प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गई थी, वह आज ₹93,000 तक टूट गई। शाम तक चांदी का भाव गिरकर ₹3.27 लाख प्रति किलोग्राम के आसपास पहुँच गया।

वहीं, सोने की चमक भी आज फीकी रही। गुरुवार को ₹1.93 लाख प्रति 10 ग्राम का रिकॉर्ड बनाने वाला सोना आज ₹25,000 तक सस्ता होकर ₹1.68 लाख के स्तर पर आ गया। सर्राफा बाजारों में सन्नाटा पसरा है क्योंकि हाल ही में ऊंचे दामों पर खरीदारी करने वाले निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

प्रमुख शहरों में आज का भाव (प्रति 10 ग्राम/किलोग्राम)
| शहर | 24 कैरेट सोना (10 ग्राम) | चांदी (1 किलो) |
| दिल्ली | ₹1,69,350 | ₹3,39,910 |
| मुंबई | ₹1,69,200 | ₹3,40,000 |
| चेन्नई | ₹1,76,730 | ₹3,45,000 |
| लखनऊ | ₹1,69,350 | ₹3,38,500 |
आखिर क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस भारी गिरावट के पीछे तीन मुख्य वैश्विक कारण हैं:

- ट्रंप का बयान और डॉलर की मजबूती: अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा फेडरल रिजर्व के अगले संभावित अध्यक्ष के रूप में केविन वार्श का नाम लिए जाने के बाद वैश्विक बाजारों में अमेरिकी डॉलर अचानक मजबूत हो गया। डॉलर इंडेक्स में उछाल का सीधा असर सोने की कीमतों पर पड़ा।
- मुनाफावसूली (Profit Booking): पिछले एक महीने में चांदी में 60% और सोने में 25% से अधिक की तेजी आई थी। इतनी बड़ी रैली के बाद बड़े निवेशकों और फंड हाउसों ने मुनाफा कमाना शुरू कर दिया, जिससे बिकवाली का भारी दबाव बना।
- ETF में बड़ी गिरावट: गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ (ETF) में आज 10% से 24% तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे रिटेल निवेशकों में घबराहट (Panic Selling) फैल गई।
विशेषज्ञों की राय: क्या यह खरीदारी का सही समय है?
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरावट एक ‘करेक्शन’ है। भू-राजनीतिक तनाव, जैसे कि ईरान-अमेरिका संबंध और वैश्विक व्यापार युद्ध (Trade War), अभी भी बने हुए हैं। ऐसे में लंबी अवधि के लिए यह गिरावट नए निवेशकों के लिए एक अच्छा अवसर हो सकती है। हालांकि, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि फरवरी में बजट आने वाला है, इसलिए बाजार में अभी और अस्थिरता देखने को मिल सकती है।

“जब बाजार अपनी वास्तविक कीमत से बहुत ऊपर निकल जाता है, तो इस तरह का क्रैश सामान्य है। सोने-चांदी के बुनियादी कारक अभी भी मजबूत हैं, लेकिन निवेशकों को अभी थोड़ा रुककर बाजार के संभलने का इंतजार करना चाहिए।” — कमोडिटी एक्सपर्ट
आज की गिरावट ने यह साबित कर दिया है कि कमोडिटी मार्केट में जोखिम हमेशा बना रहता है। जहाँ कल तक लोग ₹2 लाख के सोने का इंतजार कर रहे थे, वहीं आज की गिरावट ने बजट 2026 से पहले सर्राफा बाजार के समीकरण बदल दिए हैं।
MCX और सर्राफा बाजार में दाम अलग-अलग क्यों?
MCX : मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जहां सोने-चांदी की ट्रेडिंग होती हैं। शेयर बाजार की तरह हर सेकंड बोलियां लगती हैं जिससे दाम लगातार ऊपर नीचे होते हैं।
सर्राफा: यह वह जगह है जहां आप फिजिकल सोना-चांदी खरीदते हैं। फिजिकल गोल्ड को लाने, ले जाने और स्टोर करने का खर्च इसमें जुड़ा होता है। ऐसे में आने वाले दिनों में भी दाम में इस तरह का उतार चढ़ाव जारी रहेगा।










