Gold Silver Price Fall News in hindi: भारतीय सर्राफा बाजार के लिए फरवरी 2026 की शुरुआत काफी उतार-चढ़ाव भरी रही है। पिछले कुछ हफ्तों में ऐतिहासिक ऊंचाइयों को छूने के बाद, सोने और चांदी की कीमतों में अचानक ‘क्रैश’ जैसी स्थिति देखी गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमतों में जहां एक ही सत्र में भारी गिरावट आई, वहीं सोना भी अपने रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे फिसल गया है। 5 फरवरी 2026 तक की स्थिति के अनुसार, चांदी अपने उच्चतम स्तर से लगभग ₹1.80 लाख तक सस्ती हो चुकी है।
इस भारी गिरावट के मुख्य कारणों का विश्लेषण नीचे दिया गया है:
1. भारी मुनाफावसूली (Profit Booking)
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कीमतों में गिरावट का सबसे बड़ा कारण ‘मुनाफावसूली’ है। पिछले कुछ महीनों में सोने-चांदी की कीमतें जिस तेजी से बढ़ी थीं, उसके बाद बड़े निवेशकों और ट्रेडर्स ने ऊंचे स्तरों पर अपना मुनाफा वसूलना (बिकवाली) शुरू कर दिया है। जब बाजार में एक साथ बड़ी मात्रा में बिकवाली होती है, तो कीमतों पर दबाव बढ़ना स्वाभाविक है।

2. डॉलर की मजबूती और फेडरल रिजर्व का रुख
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में आई हालिया मजबूती ने कीमती धातुओं की चमक फीकी कर दी है।
- केविन वॉर्श का प्रभाव: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा केविन वॉर्श को अगले फेडरल रिजर्व चेयरमैन के रूप में नामांकित किए जाने की खबरों ने डॉलर को बल दिया है। निवेशकों को उम्मीद है कि वॉर्श के नेतृत्व में ब्याज दरों में कटौती की गति धीमी हो सकती है, जिससे डॉलर और अधिक मजबूत होगा।
- उल्टा संबंध: आमतौर पर डॉलर और सोने के बीच उल्टा संबंध होता है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य मुद्राओं (जैसे रुपया) में सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे वैश्विक मांग घटती है और कीमतें गिरती हैं।
3. मार्जिन आवश्यकताओं में वृद्धि (Margin Hike)
एमसीएक्स (MCX) और अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंजों (CME) ने अत्यधिक अस्थिरता को नियंत्रित करने के लिए सोने और चांदी पर ‘मार्जिन’ बढ़ा दिया है।
- चांदी पर मार्जिन को 11% से बढ़ाकर 15% और सोने पर 6% से बढ़ाकर 8% कर दिया गया है।
- मार्जिन बढ़ने का मतलब है कि ट्रेडर्स को सौदा बनाए रखने के लिए अब ज्यादा नकदी जमा करनी होगी। जिनके पास अतिरिक्त फंड नहीं था, उन्हें मजबूरन अपनी पोजीशन बेचनी पड़ी, जिससे गिरावट और तेज हो गई।
4. भू-राजनीतिक तनाव में कमी (Geopolitical Cool-off)
सोने को ‘सेफ हेवन’ (सुरक्षित निवेश) माना जाता है। जब युद्ध या तनाव की स्थिति होती है, तो लोग सोना खरीदते हैं। हाल ही में ईरान और अमेरिका के बीच ओमान में बातचीत की सहमति और परमाणु तनाव कम होने की खबरों ने सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने के आकर्षण को थोड़ा कम किया है।
5. तकनीकी ब्रेकडाउन (Technical Breakdown)
तकनीकी रूप से, चांदी और सोने ने अपने महत्वपूर्ण ‘सपोर्ट लेवल’ को तोड़ दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे ही चांदी ने अपने प्रमुख सपोर्ट स्तरों को पार किया, एल्गोरिथमिक ट्रेडिंग और स्टॉप-लॉस ऑर्डर ट्रिगर हो गए, जिससे गिरावट का सिलसिला और तेज हो गया।
निवेशकों के लिए सलाह
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरावट खरीदारों के लिए एक अच्छा अवसर हो सकती है। हालांकि, शॉर्ट-टर्म (कम समय) के लिए निवेश करने वालों को सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि अस्थिरता अभी बनी रह सकती है। लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए यह ‘बाय ऑन डिप्स’ (गिरावट पर खरीदारी) का बेहतरीन मौका साबित हो सकता है।
गौर हो कि बीते दिनों चांदी के दामों में अचानक तेजी देखने को मिली थी, जिसको लेकर कई लाखों निवेशकों ने इस पर पैसा भी लगाया था। ऐसे मेंं अब लगातार सोने चांदी के दामों में गिरावट देखने को मिल रही है। यहां पढ़ें खबर
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