राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि ‘जंगल राज’ के नेताओं ने केवल अपने परिवारों की चिंता की और बिहार में युवाओं के जीवन को बर्बाद कर दिया, लेकिन मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने राज्य को समृद्ध बनाया।
चुनावी राज्य बिहार के बेगूसराय में अपनी दूसरी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य के लोगों को लालटेन (राजद का चुनाव चिन्ह) की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि अब उनके मोबाइल फ़ोन में टॉर्च है। उन्होंने कहा कि बिहार से युवाओं के पलायन के लिए भी राजद ज़िम्मेदार है।
उन्होंने कहा कि एनडीए ने ‘जंगल राज’ खत्म कर राज्य में सुशासन स्थापित किया है, और इस बार बिहार में मुकाबला सत्तारूढ़ गठबंधन और ‘महागठबंधन’ के बीच है। उन्होंने कहा, “आप सभी को याद होगा कि राजद-कांग्रेस का नाम सुनते ही निवेशक भाग जाते हैं। नौकरी के नाम पर गरीबों से ज़मीन हड़पने वाले आपको कभी रोज़गार नहीं देंगे।”
‘राजद के अहंकार के कारण झामुमो ने गठबंधन छोड़ा’
प्रधानमंत्री मोदी ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अगुवाई वाली झारखंड मुक्ति मोर्चा के बिहार चुनाव से अपने छह उम्मीदवारों को वापस लेने के फैसले को लेकर राजद पर तीखा हमला किया और कहा कि लालू प्रसाद यादव की पार्टी के अहंकार के कारण झामुमो ने महागठबंधन छोड़ दिया।
बता दें कि झामुमो ने छह उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन अब उसने राजद और कांग्रेस की राजनीतिक साज़िश का हवाला देते हुए बिहार चुनाव न लड़ने का ऐलान कर दिया है। झामुमो ने यह भी ऐलान किया है कि अब वह झारखंड में इन दोनों पार्टियों के साथ अपने गठबंधन पर पुनर्विचार करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “राजद ने पिछले दो दशकों में कोई चुनाव नहीं जीता है, लेकिन वह अपने अहंकार में फंसी हुई है। इसी अहंकार के कारण उन्होंने झामुमो को गठबंधन से बाहर कर दिया।”
उन्होंने कहा, “कांग्रेस पैंतीस साल से बिहार में राजद की अनुयायी रही है… उन्होंने वीआईपी को भी गुमराह किया… जब स्वार्थ हावी हो जाता है और लूट ही लक्ष्य होता है, तो राजद और कांग्रेस ठीक यही कर रहे हैं। वे पहले टिकट बेचते हैं, फिर घोटाले करते हैं।”
बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 6 और 11 नवंबर को होगा और नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।








