Assembly Elections 2026 Latest News In Hindi: नई दिल्ली: भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने रविवार, 15 मार्च 2026 को देश के चार राज्यों—पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम—और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने विज्ञान भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इन सभी राज्यों में चुनावी प्रक्रिया अप्रैल में संपन्न होगी और मतगणना 4 मई 2026 को की जाएगी।
पश्चिम बंगाल: 8 से घटकर 2 चरणों में चुनाव
West Bengal Election 2026 Schedule News In Hindi: पश्चिम बंगाल की 294 सीटों के लिए इस बार चुनाव केवल दो चरणों में संपन्न होंगे। यह 2021 के मुकाबले एक बड़ा बदलाव है, जब राज्य में 8 चरणों में मतदान हुआ था।
- पहला चरण (152 सीटें): 23 अप्रैल 2026
- दूसरा चरण (142 सीटें): 29 अप्रैल 2026
- मुद्दे: बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) अपनी कल्याणकारी योजनाओं जैसे ‘लक्ष्मी भंडार’ के दम पर चौथी बार सत्ता वापसी की कोशिश में है, वहीं बीजेपी भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर घेराबंदी कर रही है।
केरल और असम: 9 अप्रैल को ‘सुपर संडे’ जैसा मुकाबला
केरल (140 सीटें) और असम (126 सीटें) दोनों ही राज्यों में एक ही चरण में मतदान संपन्न होगा।
- मतदान की तारीख: 9 अप्रैल 2026
- केरल का समीकरण: यहाँ एलडीएफ (LDF) तीसरी बार ऐतिहासिक जीत दर्ज करना चाहती है, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ (UDF) सत्ता में वापसी के लिए संघर्ष कर रहा है।
- असम की जंग: मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में बीजेपी अपनी विकास योजनाओं और स्वदेशी अधिकारों के एजेंडे पर चुनावी मैदान में है।
तमिलनाडु और पुडुचेरी: द्रविड़ राजनीति का इम्तिहान
तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों के लिए एक ही चरण में 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। इसी दिन पुडुचेरी में भी मतदान होगा।
- मुख्य मुकाबला: तमिलनाडु में मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन (DMK) का मुकाबला AIADMK और बीजेपी के बढ़ते प्रभाव से है। इस बार अभिनेता विजय की पार्टी TVK भी चुनावी समीकरणों को रोचक बना रही है।
चुनाव 2026: एक नज़र में मुख्य तिथियां
| राज्य | कुल सीटें | मतदान की तारीख | परिणाम |
| असम | 126 | 9 अप्रैल | 4 मई |
| केरल | 140 | 9 अप्रैल | 4 मई |
| पुडुचेरी | 30 | 9 अप्रैल | 4 मई |
| तमिलनाडु | 234 | 23 अप्रैल | 4 मई |
| पश्चिम बंगाल | 294 | 23 और 29 अप्रैल | 4 मई |
सुरक्षा और मतदान की तैयारी
चुनाव आयोग के अनुसार, इन चुनावों में लगभग 17.4 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए 25 लाख से अधिक चुनाव अधिकारियों और 8.5 लाख सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। चुनाव आचार संहिता (Model Code of Conduct) तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
चुनाव आयोग की तैयारी: तकनीक और सुरक्षा का संगम
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि 2026 के चुनावों में लगभग 17.4 करोड़ मतदाता हिस्सा लेंगे। इस बार आयोग ने ‘फेयर एंड वायलेंस-फ्री’ चुनाव का वादा किया है।
- डिजिटल सुरक्षा: डीपफेक और एआई (AI) द्वारा फैलाई जाने वाली अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए विशेष सेल का गठन किया गया है।
- बुजुर्गों के लिए सुविधा: 80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं और दिव्यांगों के लिए ‘वोट फ्रॉम होम’ की सुविधा को और अधिक सुलभ बनाया गया है।
- ईवीएम और वीवीपैट: सभी मतदान केंद्रों पर नवीनतम एम3 ईवीएम का उपयोग किया जाएगा।
सभी पांच राज्यों के परिणामों की घोषणा 4 मई 2026 को की जाएगी। ये नतीजे तय करेंगे कि दक्षिण भारत में द्रविड़ राजनीति का दबदबा बरकरार रहेगा या भाजपा वहां अपनी पैठ मजबूत कर पाएगी। साथ ही, बंगाल का परिणाम पूर्वी भारत में तृणमूल कांग्रेस के वर्चस्व को चुनौती मिलने या न मिलने पर मुहर लगाएगा।











